Chhattisgarh politics : छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने प्रदेश सरकार के साय मंत्रिमंडल विस्तार पर तीखा हमला बोला है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि मुख्यमंत्री समेत कुल 13 मंत्री ही बन सकते हैं, लेकिन सरकार ने बिना अनुमति के 14 मंत्री बना लिए। बैज ने सरकार से गजट नोटिफिकेशन सार्वजनिक करने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि यह बिना अनुमति हुआ है तो यह मंत्रिमंडल फर्जी है और एक मंत्री को तुरंत हटाया जाना चाहिए।

गृहमंत्री विजय शर्मा की कार्यप्रणाली पर सवाल
बैज ने कहा कि गृहमंत्री विजय शर्मा गृह विभाग संभालने में नाकाम साबित हुए हैं। प्रदेश में हत्या, डकैती, बलात्कार जैसी घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। नशीली दवाओं की तस्करी बढ़ गई है और जेलों में अपराधी बेलगाम हो गए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को गृह विभाग वापस लेकर किसी अन्य मंत्री को सौंपना चाहिए ताकि कानून व्यवस्था सुधर सके।

आयुष्मान योजना में लापरवाही, प्राइवेट अस्पतालों को भुगतान रुका
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने सरकार पर आयुष्मान योजना के तहत इलाज करने वाले प्राइवेट अस्पतालों का भुगतान रोकने का आरोप लगाया। पिछले 17 महीनों से भुगतान न होने से अस्पताल इलाज बंद करने की चेतावनी दे चुके हैं। बैज ने कहा कि यदि निजी अस्पताल इलाज बंद करते हैं तो गरीबों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।
यूरिया की कमी से किसान परेशान
बैज ने कहा कि सरकार पहले डीएपी नहीं दे पाई और अब यूरिया की कमी से किसान चिंतित हैं। खुले बाजार में यूरिया की कीमतें दोगुनी से अधिक हो गई हैं। उन्होंने सरकार पर किसानों को जानबूझकर परेशान करने का आरोप लगाया ताकि पैदावार कम हो और समर्थन मूल्य पर खरीदी घटे।
स्कूलों में पुस्तकों की कमी से पढ़ाई प्रभावित
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने बताया कि स्कूलों में अभी तक पाठ्य पुस्तकें नहीं पहुंची हैं, जिससे पढ़ाई बाधित हो रही है। तिमाही परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं, लेकिन बच्चों के पास किताबें नहीं हैं। बैज ने कहा कि यह हालात पिछले 25 वर्षों में पहली बार बने हैं।
छत्तीसगढ़ अवैध शराब का हब बन गया
बैज ने सरकार पर आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ अवैध शराब का केंद्र बन चुका है। पान ठेले और किराना दुकानों में अवैध शराब बिक रही है। राजधानी में तो एक किराना दुकान में भी शराब बिक्री हो रही है। उन्होंने भाजपा से पूछा कि पांच साल तक शराबबंदी की बात करने के बाद कब इसका अमलीजामा होगा।
अतिथि व्याख्याता नियुक्ति में आउटसोर्सिंग पर रोक लगाएं
बैज ने कहा कि शासकीय विद्यालयों में अतिथि व्याख्याता नियुक्ति के लिए सरकार आउटसोर्सिंग कर रही है, जो गलत है। उन्होंने मांग की कि राज्य के योग्य युवाओं को ही अतिथि व्याख्याता के रूप में नियुक्ति दी जाए।










