Chhattisgarh Farmers: केंद्र सरकार ने देश के किसानों के लिए दो बड़ी योजनाओं की शुरुआत की है, जिनका लाभ सीधे खेतों में पसीना बहा रहे अन्नदाताओं को मिलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना और दलहन आत्मनिर्भरता मिशन से देश के 100 जिलों के किसानों को व्यापक फायदा मिलेगा। इस ऐतिहासिक कदम पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताते हुए इसे राज्य के लिए “सौभाग्य का विषय” बताया।

₹41,000 करोड़ की योजनाओं से मिलेगा सीधा लाभ
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना की लागत लगभग ₹30,000 करोड़ है, जबकि दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के लिए ₹11,000 करोड़ का बजट निर्धारित किया गया है। कुल ₹41,000 करोड़ की यह दो योजनाएं देश के उन जिलों में लागू की जाएंगी जहां कृषि सुधार की व्यापक संभावनाएं हैं।

इन योजनाओं के तहत किसानों को आधुनिक तकनीक, गुणवत्ता बीज, फसल विविधिकरण, जल प्रबंधन, भंडारण और बाजार तक सीधी पहुंच जैसी सुविधाएं मिलेंगी। इससे उनकी आय में वृद्धि होगी और कृषि क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी।
छत्तीसगढ़ के 3 जिलों को मिला विशेष दर्जा
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना के लिए जिन 100 जिलों को चुना गया है, उनमें से 3 जिले छत्तीसगढ़ के भी हैं। यह राज्य के लिए गर्व की बात है क्योंकि इससे यहां के किसानों को केन्द्र सरकार की विशेष योजनाओं का सीधा लाभ मिलेगा।
हालांकि, सरकार की ओर से अभी इन तीन जिलों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, लेकिन संभावना जताई जा रही है कि यह जिले वे होंगे जहां दलहन उत्पादन और सिंचाई सुविधाओं को बेहतर बनाए जाने की जरूरत है।
दलहन में आत्मनिर्भरता की ओर भारत
दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के तहत देश को दालों के मामले में आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य है। भारत अभी भी एक बड़ी मात्रा में दालों का आयात करता है, जिससे देश पर विदेशी निर्भरता बनी रहती है। इस मिशन से देश के दलहन उत्पादकों को प्रोत्साहन, समर्थन मूल्य और तकनीकी सहायता मिल सकेगी, जिससे आयात पर निर्भरता घटेगी और देश आत्मनिर्भर बनेगा।
मुख्यमंत्री ने जताया प्रधानमंत्री का आभार
सीएम विष्णु देव साय ने कहा “हम प्रधानमंत्री मोदी का हृदय से धन्यवाद करते हैं कि उन्होंने देश के किसानों के लिए इतना बड़ा कदम उठाया है। छत्तीसगढ़ के लिए यह सौभाग्य की बात है कि हमारे तीन जिलों को इस योजना में शामिल किया गया है। इससे न केवल कृषि क्षेत्र में विकास होगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी सशक्त होगी।”
प्रधानमंत्री की इन दोनों योजनाओं से न सिर्फ छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे देश के किसानों को मजबूती मिलेगी। आने वाले वर्षों में इन योजनाओं के परिणाम स्वरूप भारत आत्मनिर्भर कृषि क्षेत्र की ओर कदम बढ़ाएगा। छत्तीसगढ़ जैसे कृषि प्रधान राज्य के लिए यह अवसर किसानों की आय दोगुनी करने के सपने को साकार कर सकता है।
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