Chhattisgarh Investment: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुधवार को रायपुर के ओमाया गार्डन में आयोजित केयर कनेक्ट प्रोग्राम में हिस्सा लिया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश में हेल्थकेयर, वेलनेस और पर्यटन के क्षेत्र में आए 3,119.07 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों की घोषणा की। इन निवेशों से प्रदेश में 7,000 से अधिक रोजगार अवसर उत्पन्न होंगे, साथ ही 2,800 से अधिक नए हॉस्पिटल बेड्स की सुविधा भी विकसित होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब केवल कोर सेक्टर (स्टील, सीमेंट, पावर) तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि हेल्थ, वेलनेस, टूरिज्म और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे आधुनिक क्षेत्रों में भी राष्ट्रीय पहचान बनाएगा।

हेल्थ सेक्टर में 2,466.77 करोड़ रुपये का निवेश
कार्यक्रम में 11 प्रमुख हॉस्पिटल समूहों ने स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में कुल 2,466.77 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव दिए। इन प्रस्तावों से लगभग 6,000 रोजगार अवसर और 2,800 से अधिक हॉस्पिटल बेड्स सृजित होंगे।
प्रमुख निवेश प्रस्तावों में शामिल हैं:
गिन्नी देवी गोयल मणिपाल हॉस्पिटल, रायपुर – 500 बेड, ₹307 करोड़
बॉम्बे हॉस्पिटल ट्रस्ट – 300 बेड सुपर स्पेशलिटी, ₹680.37 करोड़
नीरगंगा हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर – 450 बेड, ₹205.23 करोड़
मां पद्मावती इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज – 750 बेड, ₹340 करोड़
फोर सीज़न हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर – 600 बेड, ₹302 करोड़
मेमन हेल्थकेयर, आरएस अरमानी हेल्थकेयर, मॉडर्न मेडिकल इंस्टीट्यूट, आदि ने भी निवेश प्रस्ताव रखे।
सीएम साय ने कहा कि नवा रायपुर में विकसित हो रही मेडिसिटी राज्य को एक राष्ट्रीय मेडिकल हब बनाएगी, जिससे छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्यों के मरीजों को भी विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी।
होटल और पर्यटन में 652 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्रस्ताव
पर्यटन और होटल सेक्टर में भी 652.3 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव सामने आए हैं। इसमें शामिल हैं:
वेस्टिन होटल रायपुर (212.7 करोड़)
होटल जिंजर (78 करोड़)
इन्फेरियन होटल एंड रिसॉर्ट (80 करोड़)
अम्यूज़ोरामा अम्यूज़मेंट पार्क एंड होटल (80.91 करोड़)
प्रयास मॉल एंड मल्टीप्लेक्स, धमतरी, सरोवर पोर्टिको होटल, गोदरीवाला अम्यूज़मेंट पार्क, आदि।मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत, जैव विविधता और प्राकृतिक सौंदर्य पर्यटन के लिए अनूठे अवसर प्रदान करते हैं। पर्यटन को अब उद्योग का दर्जा दिया गया है, जिससे निवेशकों को कर छूट और अन्य सुविधाएं मिलेंगी।
AI, फार्मा और ऊर्जा सेक्टर में भी दिखी दिलचस्पी
साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की क्रांति को भी अपनाने की दिशा में बढ़ रहा है। नवा रायपुर में AI डाटा सेंटर पार्क विकसित किया जा रहा है, जो भविष्य में राज्य को डाटा और टेक्नोलॉजी हब बनाएगा।
इसके अलावा, फार्मा हब के विकास से छत्तीसगढ़ में दवा उद्योग को नया आयाम मिलेगा। सरकार एक ही स्थान पर फार्मा इंडस्ट्रीज़ के क्लस्टर की योजना पर काम कर रही है।उन्होंने कहा, “ऊर्जा उत्पादन में छत्तीसगढ़ पहले से ही अग्रणी है। अब हम देश के पावर हब बनने की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। कोयला, खनिज और बिजली उत्पादन में राज्य की भागीदारी आगे और मजबूत होगी।”
‘इज ऑफ डूइंग बिजनेस’ से आगे ‘स्पीड ऑफ डूइंग बिजनेस’ की ओर
मुख्यमंत्री ने कहा, “हम ‘Ease of Doing Business’ से आगे बढ़कर अब ‘Speed of Doing Business’ के युग में प्रवेश कर चुके हैं। प्रदेश सरकार ने पिछले डेढ़ वर्ष में 350 से अधिक सुधार लागू किए हैं, जिससे निवेशकों को सुविधाएं मिली हैं।”
उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि पालीमैटेक कंपनी को दिल्ली में इन्वेस्टर्स समिट के बाद तीन माह के भीतर भूमि आवंटन और अन्य स्वीकृतियां दी गईं। अब कंपनी 1,100 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर चुकी है।
7 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव और रोजगार का नया युग
उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि पिछले 10 महीनों में 7 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों में भी इन्वेस्टर्स समिट में भाग लिया है, जिससे वैश्विक निवेशकों का रुझान छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ा है।
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