Chhattisgarh Weather
Chhattisgarh Weather : छत्तीसगढ़ इन दिनों भीषण गर्मी और झुलसाने वाली लू की चपेट में है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में सूरज के तेवर तल्ख बने हुए हैं, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। राज्य के पांच प्रमुख शहरों में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के आंकड़े को पार कर गया है। हालांकि, इस चिलचिलाती धूप के बीच मौसम विभाग ने राहत के संकेत भी दिए हैं। प्रदेश के कुछ हिस्सों में आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज बदल सकता है, जिससे लोगों को गर्मी से आंशिक राहत मिलने की उम्मीद है।
मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ के कई जिलों के लिए ‘यलो अलर्ट’ जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में बने एक सक्रिय मौसम सिस्टम के प्रभाव से छत्तीसगढ़ के वातावरण में बदलाव आने की संभावना है। इसके चलते प्रदेश के कुछ स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ चल सकता है। साथ ही, गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। यह स्थिति अगले दो से तीन दिनों तक बनी रह सकती है, जो तपती गर्मी के बीच एक अस्थायी राहत लेकर आएगी।
पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर गौर करें तो बिलासपुर जिला प्रदेश में सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान रिकॉर्ड 44.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मध्य छत्तीसगढ़ के मैदानी इलाकों में लू (Heatwave) का प्रकोप बढ़ने के आसार हैं। रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर संभाग के कुछ हिस्सों में अगले तीन दिनों तक लू चलने की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने सलाह दी है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच बिना जरूरी काम के घरों से बाहर न निकलें और शरीर को पूरी तरह ढक कर रखें।
वर्तमान स्थिति को देखते हुए मौसम विभाग का कहना है कि अगले तीन दिनों तक अधिकतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की गुंजाइश नहीं है। पारा स्थिर बना रहेगा, जिससे गर्मी का अहसास कम नहीं होगा। हालांकि, तीन दिनों के बाद पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमी बदलावों के कारण तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश का मौसम पूरी तरह शुष्क रहा और कहीं भी वर्षा की गतिविधि दर्ज नहीं की गई। जहां बिलासपुर तप रहा है, वहीं अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 22.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जो राज्य में सबसे कम है।
छत्तीसगढ़ के मौसम में आने वाले इस बदलाव के पीछे मुख्य कारण उत्तर प्रदेश और उसके आसपास के क्षेत्रों में बना एक चक्रवातीय परिसंचरण (Cyclonic Circulation) है। इस सिस्टम की वजह से नमी युक्त हवाएं छत्तीसगढ़ के ऊपरी वायुमंडल में प्रवेश कर रही हैं। इसी नमी और भीषण गर्मी के मिलन से स्थानीय स्तर पर बादल बनेंगे, जिससे धूल भरी आंधी और छिटपुट बारिश की स्थिति निर्मित होगी। विशेष रूप से उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के जिलों में इस सिस्टम का प्रभाव अधिक देखने को मिल सकता है।
लगातार बढ़ रहे पारे और लू के खतरों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने भी एडवायजरी जारी की है। लोगों को अधिक से अधिक तरल पदार्थों का सेवन करने, ओआरएस घोल का उपयोग करने और हल्के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी गई है। लू के लक्षणों जैसे सिरदर्द, चक्कर आना या तेज बुखार होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करने को कहा गया है। मौसम विभाग की मानें तो बारिश और आंधी के दौरान पेड़ों के नीचे शरण न लें, क्योंकि तेज हवाओं से जान-माल के नुकसान का खतरा रहता है। आगामी 48 घंटे प्रदेशवासियों के लिए गर्मी और बदलाव के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण हैं।
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