CG Weather Alert
CG Weather Alert : छत्तीसगढ़ के मैदानी और पठारी इलाकों में इन दिनों गर्मी अपने पूरे शबाब पर है। मार्च के अंत तक आते-आते सूर्य की तपिश ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। राज्य के अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य के मुकाबले 2 से 3 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया जा रहा है। शुष्क हवाओं और साफ आसमान के कारण दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा है। मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में प्रदेश के कई हिस्सों में लू (Heatwave) जैसी स्थिति तो नहीं है, लेकिन उमस और सीधी धूप ने बेचैनी बढ़ा दी है। इस मौसमी बदलाव का सबसे ज्यादा असर बच्चों और बुजुर्गों पर देखने को मिल रहा है।
राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के प्रमुख शहरों में गर्मी का ग्राफ तेजी से ऊपर चढ़ा है। रायपुर में इस सीजन का सबसे अधिक तापमान 40.5°C रिकॉर्ड किया गया है, जो सामान्य से काफी ज्यादा है। वहीं, उत्तर छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर जैसे ठंडे इलाकों में भी न्यूनतम तापमान 19.6°C तक पहुंच गया है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अगले 48 घंटों तक तापमान में कोई बड़ा गिरावट आने के संकेत नहीं हैं। हालांकि, इसके बाद एक नए मौसमी तंत्र के सक्रिय होने से अधिकतम तापमान में 2-3°C की कमी आ सकती है, जिससे झुलसाने वाली गर्मी से अस्थायी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में एक विशेष मौसमी सिस्टम छत्तीसगढ़ के ऊपर से गुजर रहा है। उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और आंतरिक ओडिशा तक एक चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) बना हुआ है। यह सिस्टम समुद्र तल से लगभग 0.9 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थित है। इस वायुमंडलीय दबाव और नमी के कारण राज्य के दक्षिणी और मध्य हिस्सों में बादलों की आवाजाही शुरू हो गई है। यही कारण है कि मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में शुष्क मौसम के समाप्त होने और मानसूनी पूर्व गतिविधियों (Pre-monsoon activities) के शुरू होने की संभावना व्यक्त की है।
आगामी 24 घंटों के भीतर प्रदेश के एक-दो स्थानों पर मौसम का मिजाज अचानक बदल सकता है। मौसम विभाग ने गरज-चमक के साथ हल्की वर्षा और बिजली गिरने (Lightning/Vajrapat) की चेतावनी जारी की है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के आसार हैं। विशेष रूप से बस्तर और दुर्ग संभाग के कुछ जिलों में आंधी-तूफान जैसी स्थिति बन सकती है। यह बदलाव भले ही थोड़े समय के लिए हो, लेकिन इससे बढ़ते पारे पर लगाम लगेगी और शाम के समय वातावरण में ठंडक घुलेगी।
मौसम विभाग की मानें तो अगले दो दिनों के बाद यह सिस्टम और अधिक सक्रिय हो जाएगा। प्रदेश के कुछ चुनिंदा इलाकों में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। सबसे ज्यादा चिंता का विषय एक-दो स्थानों पर संभावित ओलावृष्टि (Hailstorm) है। यदि ओले गिरते हैं, तो खेतों में खड़ी रबी की फसलों और खलिहानों में रखे अनाज को भारी नुकसान पहुँच सकता है। प्रशासन ने किसानों को सलाह दी है कि वे कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखें और बिजली चमकने के दौरान पेड़ों के नीचे शरण न लें।
रायपुर शहर के निवासियों के लिए फिलहाल गर्मी से पूरी तरह राहत मिलने के आसार कम ही हैं। 31 मार्च को शहर का आसमान मुख्यतः साफ रहने का अनुमान है, जिससे धूप का तीखापन बना रहेगा। रायपुर में अधिकतम तापमान 41°C और न्यूनतम तापमान 25°C के आसपास रहने की संभावना है। हालांकि, अप्रैल के पहले सप्ताह में होने वाली संभावित बूंदाबांदी शहर के तापमान को कुछ हद तक नियंत्रित कर सकती है। तब तक नागरिकों को धूप से बचने के लिए पर्याप्त सावधानी बरतने और हाइड्रेटेड रहने की सलाह दी जाती है।
Digital Pearl Harbor: फारस की खाड़ी में जारी सैन्य संघर्ष ने अब एक ऐसा भयावह…
IPL 2026 DC vs LSG: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के 19वें सीजन के पांचवें मुकाबले…
Bengal Polls 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं।…
Patna HC Recruitment: बिहार में सरकारी सेवा की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक…
Nature vs Pollution: ईंटों, लकड़ी और पत्थरों से बना यह आधुनिक शहर आज एक जटिल…
Operation Sindoor: भारतीय नौसेना के प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने 'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर…
This website uses cookies.