Congress on GDP : कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोमवार को जारी तिमाही सकल घरेलू उत्पाद यानी GDP के आंकड़ों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि आंकड़ों को जिस तरह भी प्रस्तुत किया जा रहा है, उससे भारतीय अर्थव्यवस्था की वास्तविक स्थिति की बेहद खराब तस्वीर सामने आती है। रमेश ने सरकार के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल GDP के आंकड़ों के आधार पर अर्थव्यवस्था की मजबूती का निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा।
GDP का नया मतलब बताया ‘Greatly Distorted Picture’
जयराम रमेश ने GDP को लेकर एक राजनीतिक तंज भी कसा। उन्होंने इसके लिए ‘Greatly Distorted Picture’ यानी ‘बेहद विकृत तस्वीर’ शब्द का इस्तेमाल किया। कांग्रेस नेता का कहना है कि आर्थिक विकास के आंकड़ों को व्यापक आर्थिक परिस्थितियों के साथ देखकर ही वास्तविक स्थिति को समझा जा सकता है। उनके मुताबिक निवेश, रोजगार, उपभोग और घरेलू बचत जैसे संकेतक भी अर्थव्यवस्था की स्थिति का महत्वपूर्ण आकलन करते हैं।
निजी निवेश और उपभोक्ता भरोसे पर उठाए सवाल
रमेश ने कहा कि तिमाही GDP के आंकड़े घरेलू और विदेशी, दोनों प्रकार के निजी निवेश की कमजोर स्थिति को पूरी तरह प्रतिबिंबित नहीं करते। उन्होंने दावा किया कि अर्थव्यवस्था में निजी निवेश को लेकर धारणा कमजोर बनी हुई है। इसके साथ ही उन्होंने उपभोक्ता भरोसे में गिरावट का मुद्दा भी उठाया। कांग्रेस महासचिव के अनुसार नवंबर 2025 से उपभोक्ता विश्वास लगातार कमजोर हुआ है, जो मांग और आर्थिक गतिविधियों के लिए चिंता का विषय है।
महंगाई और शिक्षित बेरोजगारी को बताया बड़ी चुनौती
जयराम रमेश ने घरेलू स्तर पर आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों को भी अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि आम परिवारों के खर्च पर महंगाई का दबाव लगातार बढ़ रहा है। वहीं, शिक्षित बेरोजगारी का स्तर भी चिंताजनक बना हुआ है। उनके मुताबिक आर्थिक विकास का लाभ तब तक व्यापक रूप से दिखाई नहीं देगा, जब तक रोजगार के पर्याप्त अवसर पैदा नहीं होते और आम लोगों की आय में सुधार नहीं होता।
चीन के साथ व्यापार घाटे पर भी कांग्रेस का हमला
कांग्रेस नेता ने चीन के साथ लगातार बने हुए व्यापार घाटे को भी अर्थव्यवस्था के लिए नुकसानदेह बताया। उन्होंने भारत की व्यापारिक निर्भरता और आयात-निर्यात के संतुलन पर सवाल उठाते हुए इसे आर्थिक नीति के लिए महत्वपूर्ण चुनौती बताया। इसके अलावा उन्होंने कुछ बड़े कारोबारी समूहों के प्रमुख आर्थिक क्षेत्रों में बढ़ते प्रभाव पर भी सवाल उठाए।
बड़े कारोबारी समूहों को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप
जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कथित रूप से प्रोत्साहित किए गए कुछ बड़े कारोबारी समूहों का प्रमुख क्षेत्रों पर बढ़ता नियंत्रण अर्थव्यवस्था के लिए नुकसानदेह है। हालांकि ये कांग्रेस नेता के राजनीतिक आरोप हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी अर्थव्यवस्था में प्रतिस्पर्धा और व्यापक भागीदारी जरूरी है, ताकि विकास का लाभ अलग-अलग वर्गों तक पहुंच सके।
आर्थिक असमानता और वास्तविक मजदूरी का मुद्दा उठाया
रमेश ने आर्थिक असमानता का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि भारत के पांच सबसे अमीर परिवारों की संपत्ति में 400 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि वेतनभोगी कामगारों की वास्तविक मजदूरी में गिरावट आई है। उन्होंने कहा कि GDP में वृद्धि के साथ यह देखना भी जरूरी है कि आर्थिक विकास का लाभ समाज के अलग-अलग वर्गों तक किस अनुपात में पहुंच रहा है।
घरेलू बचत और बढ़ते कर्ज को लेकर जताई चिंता
कांग्रेस महासचिव ने घरेलू बचत दर में गिरावट और कर्ज के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने को भी अर्थव्यवस्था के सामने मौजूद प्रमुख चुनौतियों में गिनाया। उनके मुताबिक यदि परिवारों की बचत कम होती है और कर्ज का बोझ बढ़ता है, तो इसका असर भविष्य की खपत और वित्तीय स्थिरता पर पड़ सकता है।
GDP आंकड़ों पर प्रधानमंत्री को घेरा
जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर GDP आंकड़ों को लेकर समय से पहले जश्न मनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए सरकार को केवल विकास दर के आंकड़ों पर उत्साहित होने के बजाय रोजगार, महंगाई, निवेश, मजदूरी, बचत और कर्ज जैसे संकेतकों पर भी ध्यान देना चाहिए। कांग्रेस नेता ने GDP को लेकर सरकार के दावों को चुनौती देते हुए कहा कि अर्थव्यवस्था की वास्तविक तस्वीर समझने के लिए इन सभी पहलुओं का व्यापक विश्लेषण जरूरी है।
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