El Nino Alert: अगस्त महीने में देशभर में मानसून की रफ्तार कमजोर रही। मौसम विभाग के अनुसार, पूरे देश में अगस्त के दौरान कुल 213.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य औसत से करीब 16.3 प्रतिशत कम है। बारिश की कमी के साथ इस महीने तापमान ने भी चिंता बढ़ाई। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, अगस्त न केवल सूखा रहा, बल्कि रिकॉर्ड स्तर पर गर्म भी रहा।
अगस्त में न्यूनतम तापमान ने बनाया नया रिकॉर्ड
अगस्त के दौरान देश का औसत न्यूनतम तापमान 24.36 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह साल 1901 के बाद अगस्त महीने में दर्ज किया गया सबसे अधिक औसत न्यूनतम तापमान है। यानी रात के समय भी गर्मी सामान्य से काफी ज्यादा महसूस की गई। इसके अलावा अगस्त का औसत तापमान 28.01 डिग्री सेल्सियस रहा, जो उपलब्ध रिकॉर्ड में अब तक का सबसे अधिक स्तर बताया गया है।
सितंबर में भी मानसून के कमजोर रहने के संकेत
अगस्त में कमजोर रहने के बाद अब सितंबर को लेकर भी मानसून से राहत की उम्मीद कम नजर आ रही है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, सितंबर में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय नहीं हो पाएगा। देश के कई हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही सामान्य से अधिक तापमान लोगों की परेशानी बढ़ा सकता है।
सितंबर में 91 प्रतिशत बारिश का अनुमान
सितंबर में देशभर में सामान्य बारिश का औसत करीब 167.9 मिलीमीटर माना जाता है। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार, इस बार सितंबर में सामान्य की करीब 91 प्रतिशत बारिश हो सकती है। इसका मतलब यह है कि महीने के दौरान बारिश में लगभग 9 प्रतिशत की कमी रहने का अनुमान है। हालांकि, सभी क्षेत्रों में मौसम एक जैसा नहीं रहेगा और कुछ इलाकों में अच्छी बारिश भी देखने को मिल सकती है।
इन क्षेत्रों में सामान्य से ज्यादा बारिश की संभावना
पूर्वानुमान के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम, उत्तर-पूर्व, पूर्व और पूर्व-मध्य भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है। इसके अलावा दक्षिण-पूर्वी प्रायद्वीपीय भारत के कुछ क्षेत्रों में भी बारिश सामान्य से ज्यादा रहने की संभावना जताई गई है। वहीं, देश के अन्य कई हिस्सों में बारिश सामान्य से नीचे रह सकती है।
मानसून सीजन में बारिश की कमी बढ़ी
एक जून से शुरू हुए मौजूदा मानसून सीजन में भी बारिश का आंकड़ा चिंता बढ़ा रहा है। 1 जून से 31 अगस्त तक देशभर में कुल बारिश सामान्य से 13.8 प्रतिशत कम रही है। अगस्त में बारिश की कमी ने इस आंकड़े को और प्रभावित किया है। अब सितंबर की बारिश पर किसानों, जल संसाधनों और मौसम विशेषज्ञों की नजर बनी हुई है।
अल-नीनो का असर सितंबर में भी जारी रहने का अनुमान
मौसम विभाग के अनुसार, अधिकांश डायनेमिक मॉडल दक्षिण-पश्चिम मानसून के बचे हुए समय में अल-नीनो की स्थिति बने रहने की ओर संकेत कर रहे हैं। IMD के मॉडल में मानसून के शेष हिस्से के दौरान अल-नीनो के मजबूत होने की संभावना भी जताई गई है। यदि यह प्रभाव बना रहता है, तो सितंबर में मानसूनी गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर रह सकती हैं।
सामान्य से ज्यादा गर्म रह सकता है सितंबर
कम बारिश के साथ सितंबर में तापमान भी चिंता का विषय बन सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, देश के अधिकांश हिस्सों में औसत अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर रहने की संभावना है। इसी तरह औसत न्यूनतम तापमान भी सामान्य से अधिक रह सकता है। इसका असर खासतौर पर उन इलाकों में महसूस हो सकता है जहां बारिश कम होगी।
किसानों और जल संसाधनों पर पड़ सकता है असर
सितंबर में बारिश सामान्य से कम रहने की स्थिति कृषि और जल संसाधनों के लिए चुनौती पैदा कर सकती है। मानसून के अंतिम चरण में होने वाली बारिश खरीफ फसलों के लिए महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में जिन क्षेत्रों में सामान्य से कम बारिश का अनुमान है, वहां मिट्टी की नमी, जलाशयों और फसलों की स्थिति पर असर पड़ सकता है।
सितंबर में मौसम की तस्वीर रहेगी मिली-जुली
कुल मिलाकर सितंबर में देशभर का मौसम एक जैसा रहने की संभावना नहीं है। कुछ क्षेत्रों में सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है, जबकि कई हिस्सों में बारिश की कमी बनी रह सकती है। इसके साथ सामान्य से अधिक तापमान और अल-नीनो का संभावित प्रभाव मानसून के अंतिम चरण को चुनौतीपूर्ण बना सकता है। इसलिए आने वाले दिनों में IMD के क्षेत्रवार मौसम अलर्ट पर नजर रखना जरूरी होगा।
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