Congress Protest : मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस ने अपना विरोध प्रदर्शन तेज करने का ऐलान किया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने रविवार को स्पष्ट कहा कि जब तक ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाया नहीं जाता और देश की चुनाव प्रणाली को निष्पक्ष एवं पारदर्शी नहीं बनाया जाता, तब तक कांग्रेस का आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि पार्टी इस लड़ाई को बीच में छोड़ने वाली नहीं है। देश के अलग-अलग राज्यों और जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ता लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। दिवाली के त्योहार के दौरान आंदोलन में कुछ समय के लिए विराम जरूर आ सकता है, लेकिन इसके बाद विरोध कार्यक्रम फिर तेज किए जाएंगे।
ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने तक पीछे नहीं हटेगी कांग्रेस
नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत के दौरान वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस का यह आंदोलन केवल किसी एक व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि देश की चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। उन्होंने 1 नवंबर को नई दिल्ली में आयोजित कांग्रेस की रैली को देश में हुए सबसे मजबूत विरोध प्रदर्शनों में से एक बताया। वेणुगोपाल के मुताबिक, पार्टी की मांग है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाया जाए और चुनाव व्यवस्था में जरूरी सुधार किए जाएं। उन्होंने दोहराया कि जब तक चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं होती, कांग्रेस अपना संघर्ष जारी रखेगी।

डेढ़ महीने में पंचायत स्तर तक पहुंचेगा वोट बचाओ, देश बचाओ अभियान
कांग्रेस महासचिव ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची से लोगों के नाम हटाए जाने के कारण गरीब और कमजोर वर्ग के नागरिक अपने मतदान के अधिकार से वंचित हो सकते हैं। इतना ही नहीं, इसका असर उन्हें मिलने वाली विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभ पर भी पड़ सकता है। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस अगले डेढ़ महीने के भीतर देशव्यापी ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान शुरू करने जा रही है। इस अभियान को पंचायत स्तर तक पहुंचाने की तैयारी है। पार्टी प्रत्येक मतदान केंद्र पर एक ‘वोट रक्षक’ नियुक्त करेगी। इन कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी मतदाता सूची की जांच करना, हटाए गए नामों की पहचान करना और संबंधित मतदाताओं के घर जाकर नाम दोबारा जुड़वाने में मदद करना होगा।

राज्यों और जिलों में प्रदर्शन, संसद में भी उठेगा चुनावी मुद्दा
वेणुगोपाल ने बताया कि कांग्रेस की राज्य और जिला इकाइयां अपने-अपने क्षेत्रों में विरोध कार्यक्रम आयोजित कर रही हैं। इसके अलावा अन्य विपक्षी राजनीतिक दलों के साथ मिलकर संयुक्त प्रदर्शन करने की संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को संसद के आगामी सत्र में भी प्रमुखता से उठाया जाएगा। कांग्रेस इस विषय पर सरकार और चुनाव आयोग से जवाब मांगने की तैयारी कर रही है। पार्टी का प्रयास है कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठाया जाए।
केरल सरकार का बचाव, आबकारी विभाग के आरोपों पर भी बोले वेणुगोपाल
केरल सरकार के कामकाज और आबकारी विभाग से जुड़े विवाद पर भी वेणुगोपाल ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने राज्य सरकार को सक्षम प्रशासन बताते हुए कहा कि सरकार अपने खिलाफ उठाए जा रहे मुद्दों का समाधान करने में सक्षम है। कथित तौर पर आबकारी मंत्री एमबी राजेश को बार मालिकों से जोड़ने वाले आरोपों पर उन्होंने सरकार का बचाव किया। वेणुगोपाल ने कहा कि पूर्व आबकारी आयुक्त सीराम संबाशिवा राव को विभाग में भ्रष्टाचार के आरोप अपने कार्यकाल के दौरान ही उठाने चाहिए थे। उन्होंने बताया कि सरकार ने शिकायत की जांच कराने और जरूरी कार्रवाई करने पर सहमति जताई है। इस तरह कांग्रेस ने चुनाव आयोग के खिलाफ आंदोलन जारी रखने के साथ केरल के राजनीतिक विवाद पर भी अपना पक्ष स्पष्ट किया है।



