Fuel Crisis
Fuel Crisis : देश में लगातार बढ़ती महंगाई और पेट्रोलियम पदार्थों की किल्लत को लेकर विपक्षी दल कांग्रेस ने केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेसवार्ता के दौरान कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार की आर्थिक और कूटनीतिक विफलताओं को वर्तमान संकट का मुख्य कारण बताया। सरगुजा जिला कांग्रेस कमेटी ने आरोप लगाया कि सरकार की गलत नीतियों की वजह से आम जनता पर आर्थिक बोझ असहनीय होता जा रहा है।
अंबिकापुर स्थित जिला मुख्यालय में आयोजित इस प्रेसवार्ता का नेतृत्व जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने किया। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर राज्य के सभी जिलों में आयोजित किए जा रहे इस अभियान के तहत केंद्र सरकार की नीतियों का कच्चा चिट्ठा खोला गया। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में देश जिस पेट्रोलियम संकट से जूझ रहा है, वह प्राकृतिक नहीं बल्कि सरकार द्वारा निर्मित एक आपदा है, जिसका खामियाजा सीधे तौर पर गरीब और मध्यम वर्ग को भुगतना पड़ रहा है।
कांग्रेस नेताओं ने एक गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध की स्थिति पैदा होने से पहले केंद्र सरकार ने रूस जैसे देशों से रियायती दरों पर भारी मात्रा में कच्चा तेल खरीदा था। तर्क यह दिया गया कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें कम थीं और भारत को सस्ता तेल मिल रहा था, तब इसका लाभ पेट्रोल और डीजल की कीमतें घटाकर जनता को क्यों नहीं दिया गया? कांग्रेस का दावा है कि इस सस्ते तेल का सीधा फायदा चंद बड़े उद्योगपतियों को पहुँचाया गया, जबकि अब युद्ध के बाद बढ़ी कीमतों का बोझ ‘आम आदमी’ के सिर मढ़ दिया गया है।
पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति में आ रही बाधाओं के लिए कांग्रेस ने मोदी सरकार की विदेश नीति को कटघरे में खड़ा किया। नेताओं का कहना था कि सरकार के ढुलमुल रवैये के कारण रूस और ईरान जैसे हमारे पारंपरिक और भरोसेमंद ऊर्जा आपूर्तिकर्ता देशों के साथ संबंध पहले जैसे मजबूत नहीं रहे हैं। कूटनीतिक स्तर पर आई इस कमजोरी की वजह से कच्चे तेल की निर्बाध आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे न केवल पेट्रोल-डीजल बल्कि रसोई गैस (LPG) के दाम भी आसमान छू रहे हैं।
जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने आर्थिक संकट पर चिंता जताते हुए कहा कि पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में वृद्धि का सीधा असर परिवहन लागत पर पड़ा है। इसके परिणामस्वरूप फल, सब्जियां और अन्य आवश्यक खाद्य सामग्री आम आदमी की पहुंच से बाहर होती जा रही हैं। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र का पूरा ध्यान केवल चुनावी राजनीति और सत्ता हथियाने पर है, जबकि देश की अर्थव्यवस्था गहरे संकट की ओर बढ़ रही है। गैस की कालाबाजारी और इसकी कमी ने रसोई का बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है।
प्रेसवार्ता में प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष जेपी श्रीवास्तव ने गैस आपूर्ति से जुड़े आंकड़े पेश करते हुए बताया कि भारत की कुल जरूरत के मुकाबले गैस की उपलब्धता बेहद कम है, जो वैश्विक मंच पर देश की कमजोर स्थिति को दर्शाता है। वहीं, प्रदेश महामंत्री द्वितेंद्र मिश्रा ने भारतीय मुद्रा (रुपये) के मूल्य में आ रही ऐतिहासिक गिरावट पर प्रहार किया। उन्होंने कहा कि डॉलर के मुकाबले रुपये का कमजोर होना मोदी सरकार के आर्थिक कुप्रबंधन का सबसे बड़ा प्रमाण है।
इस दौरान सरगुजा कांग्रेस के प्रमुख पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। नेताओं ने संकल्प लिया कि यदि सरकार ने महंगाई पर लगाम नहीं लगाई और पेट्रोलियम आपूर्ति बहाल नहीं की, तो कांग्रेस सड़क से लेकर संसद तक अपना विरोध प्रदर्शन तेज करेगी। कार्यक्रम में मो. इस्लाम, संजय विश्वकर्मा, इंद्रजीत सिंह धंजल सहित दर्जनों कार्यकर्ताओं ने शिरकत की और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर अपना विरोध दर्ज कराया।
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