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देश की एकता का आधार संविधान… बोले चीफ जस्टिस बीआर गवई

@Thetarget365 : शनिवार को इलाहाबाद उच्च न्यायालय परिसर में आयोजित एक समारोह में भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) बीआर गवई ने कहा कि जब भी देश को किसी संकट का सामना करना पड़ा है, भारत हमेशा एकजुट और मजबूत रहा है। उन्होंने इसका श्रेय भारतीय संविधान को देते हुए कहा, “जहां हमारे आसपास के देश अभी भी अस्थिरता और संकट का सामना कर रहे हैं, वहीं भारत 75 साल बाद भी लगातार प्रगति कर रहा है और यह संविधान की देन है।”सीजेआई गवई ने यह भी कहा कि संविधान ने न केवल देश को एकजुट रखा है बल्कि हमें सामाजिक और आर्थिक समानता की ओर भी ले गया है। आजादी के बाद भारत जिस लोकतांत्रिक मजबूती के साथ आगे बढ़ा है, वह पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल है।

प्रयागराज से खास जुड़ाव
इस अवसर पर मुख्य न्यायाधीश ने कहा, “शपथ लेने के बाद इलाहाबाद उच्च न्यायालय में यह मेरा पहला आधिकारिक समारोह है और यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है।” प्रयागराज से अपने व्यक्तिगत संबंधों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जब वह 2019 में सुप्रीम कोर्ट पहुंचे तो जस्टिस विनीत सरन, कृष्ण मुरारी और बाद में विक्रम नाथ से उनके पारिवारिक संबंध बन गए। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि योगीजी मजबूत हैं, लेकिन इलाहाबाद कम मजबूत लोगों की भूमि नहीं है। विक्रम नाथ देश के सबसे शक्तिशाली न्यायाधीशों में से एक हैं। मुझमें उनके निमंत्रण को अस्वीकार करने का साहस नहीं था। आज उसने सच नहीं बोला, मुझमें उसका बचाव करने का साहस नहीं है। इसलिए मैं कहूंगा कि इलाहाबाद बार बहुत अनुशासित बार है।

बार और बेंच के बीच समन्वय की सराहना
इलाहाबाद उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन को सुव्यवस्थित बताते हुए मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि न्यायिक प्रणाली तभी अच्छी तरह काम कर सकती है जब बार और बेंच मिलकर काम करें। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं के लिए नवनिर्मित चैंबर्स और बहुमंजिला पार्किंग की गुणवत्ता असाधारण है। मेरी जानकारी के अनुसार, दुनिया में इतनी बड़ी और सुसज्जित कोई अन्य इमारत नहीं है। मैं इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद देना चाहता हूं। मुख्यमंत्री ने न केवल न्यायाधीशों, न केवल वकीलों, बल्कि आम लोगों का भी ध्यान रखा है। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि हाईकोर्ट में आने वाले पक्षकारों के लिए नए भवन के निर्माण के लिए मुख्यमंत्री द्वारा दी गई मंजूरी सराहनीय है। यह भी कहा गया कि बेहतर न्यायिक व्यवस्था के लिए बार और बेंच के बीच अच्छा समन्वय होना चाहिए।

मुझे प्रयागराज की ऐतिहासिक विरासत याद आ गई
प्रयागराज की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए मुख्य न्यायाधीश गवई ने कहा कि न्याय के क्षेत्र में इलाहाबाद का नाम बहुत सम्मान से लिया जाता है। जहां इसे मोतीलाल नेहरू और जवाहरलाल नेहरू जैसे वकील मिले हैं, वहीं इसने महादेवी वर्मा, हरिवंश राय बच्चन, सूर्यकांत त्रिपाठी निराला और सुभद्रा कुमारी चौहान जैसे लेखक भी दिए हैं। देश स्वतंत्रता आंदोलन में चंद्रशेखर आज़ाद के योगदान को नमन करता है। स्वतंत्रता आंदोलन में चंद्रशेखर आज़ाद के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता।

Thetarget365

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