UNSC India Pakistan : संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में अफगानिस्तान की स्थिति पर हुई बैठक के दौरान भारत ने आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को लेकर तीखी टिप्पणी की। न्यूयॉर्क में बैठक को संबोधित करते हुए भारत के स्थायी प्रतिनिधि हरीश पर्वथानेनी ने कहा कि 9/11 हमलों से जुड़े अल-कायदा के कई शीर्ष सदस्य किसी दुर्गम पहाड़ी या गुफा में नहीं, बल्कि पाकिस्तान के शहरों में पाए गए थे।
9/11 के आरोपियों के ठिकानों का किया जिक्र
भारतीय प्रतिनिधि ने 11 सितंबर 2001 को अमेरिका में हुए आतंकी हमलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इस घटना के बाद दुनिया ने आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई का समर्थन किया था। उन्होंने सुरक्षा परिषद के सामने पाकिस्तान में पकड़े या मारे गए अल-कायदा के प्रमुख सदस्यों के मामलों का उल्लेख किया और उनके ठिकानों को लेकर सवाल उठाए।
एबटाबाद में मिला था ओसामा बिन लादेन
भारत ने अल-कायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन का उदाहरण देते हुए कहा कि वह पाकिस्तान के एबटाबाद में एक सुरक्षित परिसर में रह रहा था। अमेरिकी अभियान के दौरान 2011 में उसे मार गिराया गया था। भारत ने इस मामले को आतंकवादी नेतृत्व के सुरक्षित ठिकानों से जुड़े अपने तर्क के समर्थन में पेश किया।
खालिद शेख मोहम्मद की गिरफ्तारी का भी जिक्र
भारतीय पक्ष ने 9/11 हमलों के प्रमुख रणनीतिकार के तौर पर बताए जाने वाले खालिद शेख मोहम्मद की गिरफ्तारी का भी उल्लेख किया। उसे 2003 में पाकिस्तान के रावलपिंडी से गिरफ्तार किया गया था। इसके अलावा रमजी बिन अल-शिभ, वलीद बिन अताश और मुस्तफा अहमद अल-हौसावी जैसे अल-कायदा सदस्यों के मामलों का भी संदर्भ दिया गया।
भारत ने सुरक्षित पनाहगाहों पर उठाए सवाल
हरीश पर्वथानेनी ने कहा कि इन मामलों से यह सवाल उठता है कि आतंकवादी संगठनों के शीर्ष सदस्य लंबे समय तक किस तरह सुरक्षित रह पाए। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आतंकवाद को संरक्षण देने वाले कथित नेटवर्क और सुरक्षित पनाहगाहों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने की अपील की।
लश्कर और जैश का भी आया उल्लेख
भारतीय प्रतिनिधि ने दावा किया कि अल-कायदा से जुड़े नेटवर्क के अलावा लश्कर-ए-तय्यबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठनों से संबंधित ढांचे पर भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधों से बचने के लिए कुछ आतंकी संगठन नाम या संरचना बदलते रहे हैं। भारत ने आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त वैश्विक कार्रवाई की मांग दोहराई।
UNSC में पाकिस्तान की मौजूदगी के बीच बयान
भारत की यह टिप्पणी ऐसे समय आई जब पाकिस्तान सुरक्षा परिषद का गैर-स्थायी सदस्य है। बैठक में पाकिस्तान के राजदूत आसिम इफ्तिखार अहमद भी मौजूद थे। भारत ने 9/11 स्मारक पर श्रद्धांजलि देने के साथ आतंकवाद के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जरूरत पर जोर दिया।
अफगान शरणार्थियों की वापसी पर चिंता
बैठक में भारत ने पाकिस्तान से अफगान शरणार्थियों की वापसी के मुद्दे पर भी चिंता जताई। भारतीय प्रतिनिधि ने कहा कि शरणार्थियों की वापसी स्वैच्छिक, सुरक्षित और सम्मानजनक तरीके से होनी चाहिए। भारत ने अफगान नागरिकों को मानवीय सहायता उपलब्ध कराने की अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई।
मानवीय सहायता जारी रखने की बात
भारत के अनुसार, वह कठिन परिस्थितियों में अफगान नागरिकों के लिए भोजन, आवास और जरूरी सामान की सहायता उपलब्ध कराने के लिए संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों तथा स्थानीय अधिकारियों के साथ काम कर रहा है। UNSC की बैठक में आतंकवाद और मानवीय संकट, दोनों मुद्दों पर अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता को रेखांकित किया गया।
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