Tata Sons News : टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी Tata Sons के बोर्ड ने चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन को लेकर बड़ा फैसला किया है। 17 सितंबर 2026 को हुई बोर्ड बैठक में चंद्रशेखरन को Executive Chairman के पद पर एक और पांच साल के कार्यकाल के लिए दोबारा नियुक्त करने को मंजूरी दी गई। उनका मौजूदा कार्यकाल फरवरी 2027 में समाप्त होना था। ताजा घटनाक्रम से टाटा समूह में नेतृत्व की निरंतरता को लेकर तस्वीर काफी हद तक स्पष्ट हुई है।
करीब तीन घंटे चली बैठक में सामने आया अहम निर्णय
Economic Times की रिपोर्ट के अनुसार, Tata Sons की बोर्ड बैठक करीब तीन घंटे चली। बैठक में चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति के साथ कंपनी की संभावित स्टॉक मार्केट लिस्टिंग से जुड़े मुद्दे पर भी चर्चा हुई। रिपोर्ट के मुताबिक, Tata Trusts के चेयरमैन नोएल टाटा ने चंद्रशेखरन के नए कार्यकाल को लेकर आपत्ति जताई थी, लेकिन बोर्ड में उन्हें पर्याप्त समर्थन नहीं मिला और प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई।
कुछ समय पहले चंद्रशेखरन ने खुद किया था पद छोड़ने का ऐलान
इस फैसले की सबसे खास बात यह है कि अगस्त 2026 में एन. चंद्रशेखरन ने खुद संकेत दिया था कि वह फरवरी 2027 में मौजूदा कार्यकाल समाप्त होने के बाद तीसरा कार्यकाल नहीं लेंगे। उस समय उन्होंने बताया था कि बोर्ड के एक सदस्य ने उनके प्रस्तावित पांच साल के एक्सटेंशन का समर्थन नहीं किया था, जिसके कारण प्रस्ताव पर सर्वसम्मति नहीं बन सकी। इसके बाद उन्होंने नए चेयरमैन की तलाश शुरू करने का आग्रह भी किया था।
अब बोर्ड ने पांच साल के नए कार्यकाल को दी मंजूरी
बाद के घटनाक्रम में Tata Sons की Nomination and Remuneration Committee और बोर्ड स्तर पर चंद्रशेखरन के नेतृत्व को जारी रखने को लेकर चर्चा आगे बढ़ी। 17 सितंबर की बैठक में बोर्ड ने उनके नए पांच साल के कार्यकाल को मंजूरी दे दी। इससे पहले समिति द्वारा भी उनसे अपने पद पर बने रहने पर पुनर्विचार करने का आग्रह किए जाने की खबरें सामने आई थीं।
RBI के फैसले से Tata Sons की लिस्टिंग फिर चर्चा में
चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति का फैसला ऐसे समय हुआ है जब Tata Sons की स्टॉक मार्केट लिस्टिंग का मुद्दा फिर महत्वपूर्ण बन गया है। RBI ने हाल ही में Tata Sons के NBFC रजिस्ट्रेशन को सरेंडर करने के आवेदन को खारिज कर दिया। कंपनी ने मार्च 2024 में यह आवेदन किया था और अपने ऊपर लागू नियामकीय ढांचे से बाहर निकलने की कोशिश की थी।
Tata Sons IPO को लेकर अब क्या है तस्वीर
RBI के फैसले के बाद Tata Sons के संभावित IPO और स्टॉक एक्सचेंज लिस्टिंग को लेकर चर्चा तेज हुई है। Economic Times की रिपोर्ट के मुताबिक, बोर्ड ने RBI के निर्देश को स्वीकार करने और लिस्टिंग की दिशा में कदम बढ़ाने का संकेत दिया है। हालांकि, अंतिम प्रक्रिया, समयसीमा और लिस्टिंग से जुड़े सभी नियामकीय कदमों पर आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।
Tata Trusts और लिस्टिंग को लेकर मतभेद भी अहम
Tata Sons की लिस्टिंग का मुद्दा लंबे समय से चर्चा में रहा है। Tata Trusts के पास Tata Sons में करीब 66 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जबकि Shapoorji Pallonji Group की हिस्सेदारी करीब 18 प्रतिशत बताई जाती है। रिपोर्टों के अनुसार, Tata Trusts के भीतर भी लिस्टिंग को लेकर सभी सदस्यों की एक जैसी राय नहीं रही है। ऐसे में चंद्रशेखरन का नया कार्यकाल और लिस्टिंग की दिशा में संभावित कदम Tata Sons के भविष्य के प्रशासनिक ढांचे के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम हैं।
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