Kalkaji Restaurant Fire : राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के कालकाजी इलाके में रविवार तड़के सुबह एक बेहद भीषण और दर्दनाक अग्निकांड देखने को मिला। यहां स्थित एक नामी रेस्टोरेंट में अचानक भयंकर आग लग गई, जिसने देखते ही देखते पूरी बहुमंजिला व्यावसायिक इमारत को अपनी आगोश में ले लिया। आग की लपटें इतनी गगनचुंबी और भयावह थीं कि इमारत के भीतर रखे तीन कमर्शियल एलपीजी (LPG) गैस सिलेंडरों में एक के बाद एक जोरदार धमाके हुए। इन विस्फोटों की गूंज से पूरा इलाका दहल उठा और सो रहे लोगों के बीच अफरा-तफरी और दहशत का माहौल पैदा हो गया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अमला तुरंत घटना स्थल पर पहुंच गया।

बेसमेंट से छत तक तांडव
यह दर्दनाक हादसा कालकाजी से गोविंदपुरी फ्लाईओवर के बिल्कुल समीप स्थित ‘पंजाबी तड़का’ रेस्टोरेंट में घटित हुआ। दिल्ली फायर सर्विस (DFS) को सुबह करीब 4:45 बजे इस अग्निकांड की पहली आधिकारिक सूचना मिली, जिसके तुरंत बाद राहत और बचाव दल को रवाना किया गया। शुरुआती इनपुट के आधार पर दमकल की 6 गाड़ियों को मौके पर भेजा गया था, लेकिन आग की संवेदनशीलता और भयावह रूप को देखते हुए विभाग ने इसे ‘मेक-4’ श्रेणी की आपात स्थिति घोषित कर दिया। इसके बाद अतिरिक्त आधुनिक दमकल गाड़ियों को मोर्चे पर लगाया गया। फायर ब्रिगेड के अधिकारियों के अनुसार, आग इमारत के बेसमेंट और ग्राउंड फ्लोर से शुरू होकर तीसरी मंजिल तक फैल चुकी थी और छत पर बने अस्थायी ढांचे को भी खाक कर रही थी।

दमकल कर्मियों की जांबाजी
आग की तपिश और लपटें इतनी तेज थीं कि उनका सीधा असर आसपास की सटी हुई रिहायशी इमारतों पर भी साफ दिखने लगा था। इसी खौफनाक मंजर के बीच, आग की चपेट में आई मुख्य इमारत से बिल्कुल सटी एक दूसरी बिल्डिंग की दूसरी मंजिल पर 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला सीता देवी फंस गईं। पूरी बिल्डिंग में जहरीला और घना धुआं भर जाने के कारण बुजुर्ग महिला का दम घुटने लगा था और वे बाहर निकलने में पूरी तरह असमर्थ थीं। बढ़ते खतरे को भांपते हुए दिल्ली फायर सर्विस के जांबाज जवानों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए तुरंत एक विशेष रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और सूझबूझ से काम लेते हुए बुजुर्ग महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। दमकल कर्मियों की इस त्वरित कार्रवाई से एक बहुत बड़ा हादसा टल गया।
कूलिंग ऑपरेशन और जांच जारी
इस भीषण अग्निकांड को पूरी तरह शांत करने और काबू में लाने के लिए दिल्ली फायर सर्विस ने अपनी कुल 9 विशेष फायर यूनिट्स को काम पर लगाया था। इस बड़े ऑपरेशन में आधुनिक वॉटर टेंडर, वॉटर बाउजर, आपातकालीन ब्रेथिंग सपोर्ट यूनिट और मल्टीपर्पज वाहनों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया। यह पूरा जटिल रेस्क्यू और फायर फाइटिंग ऑपरेशन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों एडीओ यशवंत, एडीओ सरबजीत, एसटीओ फूल सिंह, एसटीओ मनीष कुमार और एसओ राज कुमार की सीधी और लाइव निगरानी में बेहद मुस्तैदी से चलाया गया।
दमकल विभाग की घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया और वर्तमान में प्रभावित क्षेत्र में कूलिंग ऑपरेशन चलाया जा रहा है। स्थानीय पुलिस अब तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से शॉर्ट सर्किट या अन्य संभावित कारणों की गहन जांच कर रही है। सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि समय पर की गई मुस्तैद कार्रवाई के चलते इस भीषण हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई।











