Diwali Puja Rules 2026 : दिवाली का त्योहार रोशनी, खुशियों और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इस साल दिवाली 8 नवंबर 2026, रविवार को मनाई जाएगी। इस दिन घरों में मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करके सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दिवाली की रात पूजा करते समय कुछ विशेष नियमों का ध्यान रखना चाहिए। छोटी-छोटी लापरवाही से बचने और पूरे विधि-विधान से पूजा करने की परंपरा है। ऐसे में अगर आप भी इस दिवाली माता लक्ष्मी की कृपा पाने की कामना कर रहे हैं, तो पूजा से जुड़ी इन बातों को जरूर जान लें।
पूजा से पहले घर और खुद की स्वच्छता का रखें ध्यान
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां लक्ष्मी को स्वच्छता और पवित्रता प्रिय है। इसलिए दिवाली की पूजा से पहले घर और पूजा स्थल की अच्छी तरह सफाई करनी चाहिए। पूजा में बैठने से पहले स्नान करके साफ और स्वच्छ कपड़े पहनने चाहिए। गंदे या फटे हुए कपड़ों में पूजा करने से बचने की सलाह दी जाती है।

पूजा स्थल के आसपास जूठे बर्तन, कचरा या गंदगी नहीं होनी चाहिए। पूजा की थाली भी साफ-सुथरी होनी चाहिए। इसके साथ ही मन में किसी के प्रति द्वेष, ईर्ष्या या नकारात्मक विचार रखने से बचना चाहिए। धार्मिक परंपरा में तन और मन की शुद्धता को पूजा का महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया है।

खंडित मूर्तियों और टूटे दीपकों का न करें इस्तेमाल
दिवाली की पूजा में इस्तेमाल होने वाली सामग्री का चयन भी सावधानी से करना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की खंडित या टूटी हुई मूर्तियों को पूजा में नहीं रखना चाहिए। इसी तरह पूजा के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले दीपक भी साबुत और साफ होने चाहिए।
अगर कोई दीया टूटा हुआ या चटका हुआ है, तो उसकी जगह नया दीया इस्तेमाल करना बेहतर माना जाता है। पूजा की सभी सामग्रियों को पहले ही जांच लेना चाहिए, ताकि पूजन के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।

लक्ष्मी पूजा में दिशा और एकाग्रता का रखें ध्यान
धार्मिक मान्यताओं में पूजा के दौरान दिशा का विशेष महत्व बताया गया है। परंपरा के अनुसार, लक्ष्मी पूजा करते समय पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठना शुभ माना जाता है। पूजा के दौरान बार-बार उठने, अनावश्यक बातचीत करने और दूसरी गतिविधियों में व्यस्त रहने से बचना चाहिए।
जब तक पूजा, आरती और भोग की प्रक्रिया पूरी न हो जाए, तब तक श्रद्धा और एकाग्रता बनाए रखनी चाहिए। परिवार के सभी सदस्यों को भी पूजा में शांतिपूर्वक शामिल होना चाहिए।
आरती के बाद पूजा स्थल को तुरंत न छोड़ें
कई लोग दिवाली की पूजा और आरती पूरी होते ही तुरंत वहां से चले जाते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूजा के बाद कुछ समय तक पूजा स्थल पर शांतिपूर्वक बैठना और प्रार्थना करना शुभ माना जाता है। इसके अलावा घर के मुख्य दरवाजे पर जलाए गए दीपक का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
दीपक को ऐसी सुरक्षित जगह पर रखना चाहिए, जहां आग लगने या किसी दुर्घटना का खतरा न हो। पूजा के बाद प्रसाद को परिवार के सभी सदस्यों में श्रद्धापूर्वक बांटना चाहिए। उसे पूजा स्थल पर बिखरा हुआ नहीं छोड़ना चाहिए।
पूजा के साथ सुरक्षा का भी रखें ध्यान
दिवाली पर दीपक जलाते समय आसपास ज्वलनशील वस्तुएं नहीं रखनी चाहिए। बच्चों और पालतू जानवरों को जलते दीपकों से दूर रखना चाहिए। धार्मिक परंपराओं के साथ सुरक्षा के नियमों का पालन करना भी जरूरी है। स्वच्छता, श्रद्धा और सावधानी के साथ की गई पूजा से त्योहार का आनंद और भी बढ़ जाता है।
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