Ambikapur News : शहर की खस्ताहाल सड़कों ने एक बार फिर यातायात व्यवस्था को पटरी से उतार दिया। शनिवार को अंबिकापुर–बनारस मुख्य मार्ग पर एक ई-रिक्शा पलट जाने से लंबा जाम लग गया। ई-रिक्शा में भारी मात्रा में सामान भरा हुआ था, जिसे निकालने में चालक और आसपास के लोगों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। इस दौरान सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्री घंटों तक फंसे रहे।

स्थानीय लोगों का कहना है कि ई-रिक्शा पलटने की वजह सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढे और उसमें पानी भरा हुआ होना है। बारिश के चलते इन गड्ढों में पानी भर जाने से वाहन चालक संतुलन खो देते हैं और आए दिन हादसे घटित हो रहे हैं। इस घटना के बाद भी कई वाहन चालक खतरे का सामना करते हुए सड़क पार करते रहे।

अंबिकापुर शहर में प्रवेश करने वाले लगभग सभी प्रमुख मार्ग जर्जर हालत में हैं। बनारस रोड, सीतापुर रोड, लखनपुर रोड, सूरजपुर रोड, रामानुजगंज रोड से लेकर शहर के आंतरिक मार्गों तक खड्डों और उखड़े डामर की वजह से चलना दूभर हो चुका है। हाल यह है कि दोपहिया और छोटे वाहनों के चालक हर दिन गिरने और दुर्घटनाग्रस्त होने का जोखिम उठाते हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नेता और अधिकारी बारिश खत्म होने का इंतजार करने की बात कहकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं। मगर सवाल यह उठता है कि आखिर बरसात खत्म होने तक लोगों की जान जोखिम में क्यों डाली जा रही है? गड्ढों को अस्थायी तौर पर भरने की पहल तक नहीं हो रही है।
सड़क की बदहाल स्थिति से परेशान लोग अब सोशल मीडिया पर नेताओं और अधिकारियों को जमकर आड़े हाथों ले रहे हैं। जगह-जगह वीडियो और तस्वीरें पोस्ट कर जनता अपना गुस्सा जाहिर कर रही है। नागरिकों का कहना है कि चुनावी मौसम में सड़क सुधार के बड़े-बड़े वादे करने वाले नेता अब आश्वासन की घिसी-पिटी बातों तक ही सीमित रह गए हैं।










