PM Modi Macron Ukraine War:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच शनिवार, 6 सितंबर 2025 को एक महत्वपूर्ण बातचीत हुई, जिसमें यूक्रेन-रूस युद्ध के हालात और वैश्विक शांति प्रयासों पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही, दोनों नेताओं ने भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी और द्विपक्षीय सहयोग की प्रगति की भी समीक्षा की।

PM मोदी ने कहा – भारत और फ्रांस मिलकर देंगे वैश्विक स्थिरता को मजबूती
प्रधानमंत्री मोदी ने इस संवाद की जानकारी अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) हैंडल पर साझा की। उन्होंने लिखा, “राष्ट्रपति मैक्रों के साथ बहुत अच्छी बातचीत हुई। हमने विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की और यूक्रेन में जारी संघर्ष को शीघ्र समाप्त करने सहित अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी वैश्विक शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाती रहेगी।”

यूक्रेन संघर्ष पर गहराई से हुई चर्चा
इस बातचीत में यूक्रेन में युद्ध को जल्द खत्म करने और कूटनीतिक समाधान तलाशने पर विशेष जोर दिया गया। राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि भारत और फ्रांस की संयुक्त इच्छा है कि यूक्रेन में तुरंत और स्थायी शांति स्थापित हो। उन्होंने पेरिस में यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की और “कोएलिशन ऑफ द विलिंग” के साझेदारों के साथ हुई बैठक का भी उल्लेख किया।
मैक्रों ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा:
“हम शांति की दिशा में भारत के साथ मिलकर कदम बढ़ाते रहेंगे। हमारी रणनीतिक साझेदारी और भरोसे पर आधारित यह सहयोग, वैश्विक स्थायित्व के लिए निर्णायक साबित होगा।”
भारत-फ्रांस संबंधों में बहुआयामी मजबूती
यह बातचीत केवल राजनीतिक मुद्दों तक सीमित नहीं रही। पीएम मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने आर्थिक, रक्षा, अंतरिक्ष और ऊर्जा सहयोग जैसे अहम क्षेत्रों में चल रही परियोजनाओं की भी समीक्षा की। रक्षा उत्पादन, अंतरिक्ष तकनीक और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में भारत-फ्रांस सहयोग पिछले कुछ वर्षों में तेजी से मजबूत हुआ है।
यूरोप में भारत की भूमिका को मिल रहा समर्थन
इस वार्ता से दो दिन पहले यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भी पीएम मोदी से बातचीत की थी और यूक्रेन में शांति स्थापना में भारत की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया था। उन्होंने कहा था कि भारत, रूस और यूक्रेन दोनों के साथ संपर्क में रहते हुए, एक प्रभावशाली शांति मध्यस्थ की भूमिका निभा सकता है।
SCO शिखर सम्मेलन में भी जेलेंस्की से हुई थी चर्चा
PM मोदी ने हाल ही में SCO शिखर सम्मेलन के दौरान यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की से भी मुलाकात की थी। इस दौरान दोनों नेताओं ने युद्ध की वर्तमान स्थिति और संभावित शांति उपायों पर विचार साझा किए थे। जेलेंस्की ने बाद में कहा था कि भारत, वैश्विक मंच पर रूस और अन्य नेताओं को “सही संकेत” देने के लिए तैयार है।
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों की यह बातचीत यूक्रेन युद्ध के समाधान की दिशा में एक और अहम कूटनीतिक प्रयास के रूप में देखी जा रही है। भारत की तटस्थ लेकिन सक्रिय भूमिका और फ्रांस के समान सोच वाले साझेदार के रूप में समर्थन से उम्मीद की जा रही है कि वैश्विक मंच पर शांति की पहल को नई दिशा मिलेगी।










