US Israel Conflict: गाजा पट्टी में जारी युद्ध के बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब अमेरिका के नए शांति प्लान पर टिक गई हैं, जिसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पेश किया है। ट्रंप के अनुसार, इस सप्ताह शांति प्रक्रिया का पहला चरण पूरा हो सकता है, लेकिन इस बीच इजरायल की ओर से गाजा में लगातार की जा रही बमबारी पर अमेरिका ने सख्त नाराजगी जताई है।

ट्रंप की चेतावनी: “समय बहुत अहम है”
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर रविवार को पोस्ट करते हुए कहा, “हमास और अन्य देशों के साथ बंधकों को रिहा करने व युद्ध खत्म करने को लेकर सकारात्मक चर्चा हुई है। लेकिन अगर समय पर कदम नहीं उठाए गए तो भारी रक्तपात हो सकता है। यह कोई नहीं चाहता।”उन्होंने इजरायल और हमास दोनों से तेजी से आगे बढ़ने की अपील की और कहा कि शांति को अब और टाला नहीं जा सकता।

हमास की सकारात्मक प्रतिक्रिया
एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक, हमास ने भी शांति प्रक्रिया और बंधक-कैदी अदला-बदली को लेकर सकारात्मक रुख अपनाया है। हमास के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि संगठन युद्ध खत्म करने और शांति के लिए “तुरंत कैदी अदला-बदली” को तैयार है।
वर्तमान में मिस्र में चल रही कूटनीतिक वार्ता में दोनों पक्षों के प्रतिनिधि शामिल हैं, जहां एक स्थायी युद्धविराम की दिशा में गंभीर बातचीत हो रही है।
अमेरिका ने इजरायल को लगाई फटकार
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर इजरायल बमबारी जारी रखता है तो बंधकों की रिहाई संभव नहीं। उन्होंने CBS चैनल से बातचीत में कहा:“बमबारी के बीच बंधकों को रिहा नहीं किया जा सकता। बातचीत और युद्ध साथ-साथ नहीं चल सकते।”यह बयान साफ तौर पर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की उस नीति पर सवाल उठाता है, जिसमें वे युद्धविराम से पहले बंधकों की रिहाई की बात करते हैं।
नेतन्याहू पर दबाव, लेकिन हमले जारी
हालांकि नेतन्याहू ने आश्वासन दिया है कि कुछ दिनों में बंधकों को रिहा किया जा सकता है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि गाजा पर हमले थमे नहीं हैं। अमेरिका सहित कई देशों ने इसे शांति प्रक्रिया के लिए खतरा बताया है।
मिस्र में चल रही वार्ता को “अवसर की खिड़की” कहा जा रहा है, लेकिन सवाल यह है कि क्या इजरायल वास्तव में युद्ध खत्म करना चाहता है या शांति वार्ता को सिर्फ एक राजनयिक दिखावा मान रहा है।गाजा में शांति की उम्मीदें तभी साकार हो सकती हैं जब सभी पक्ष ईमानदारी और समझदारी से कदम बढ़ाएं। ट्रंप का शांति प्लान एक अहम पहल हो सकता है, लेकिन इजरायल को बमबारी रोककर संवाद को प्राथमिकता देनी होगी।
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