Cuttack violence: रविवार को ओडिशा के कटक शहर में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान दो गुटों के बीच हुई झड़प ने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया। बाइक रैली पर प्रतिबंध के बाद विवाद इतना बढ़ गया कि भीड़ ने पुलिस पर पथराव कर दिया। हिंसा में 8 पुलिसकर्मी समेत 25 लोग घायल हुए हैं। शहर के कई इलाकों में आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं, जिसके बाद प्रशासन को धारा 144 लागू करनी पड़ी और इंटरनेट सेवाएं 24 घंटे के लिए बंद कर दी गईं।

क्या है पूरा मामला?
मूर्ति विसर्जन के दौरान रात करीब 1 बजे दो समुदायों के बीच बहस शुरू हुई, जो जल्द ही हिंसा में बदल गई। मौके पर पहुंची पुलिस पर भी पथराव किया गया, जिसमें DCP रिशिकेश खिल्लरी समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। स्थिति बिगड़ने पर हल्का लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े गए।

हिंसा के बाद विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने बंद का आह्वान किया, जिसके बाद रविवार शाम एक बार फिर तनाव बढ़ गया और कई जगहों पर आगजनी की घटनाएं हुईं।
13 थाना क्षेत्रों में धारा 144 लागू
प्रशासन ने तुरंत एक्शन लेते हुए कटक नगर निगम, कटक विकास प्राधिकरण (CDA) और 42 मौजा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 13 थानों में निषेधाज्ञा (धारा 144) लागू कर दी। इन इलाकों में किसी भी तरह के जुलूस, सभा, या भीड़ जुटने पर रोक लगा दी गई है।
इंटरनेट और सोशल मीडिया पर बैन
गलत सूचना और अफवाहों को रोकने के लिए सरकार ने फेसबुक, व्हाट्सएप, एक्स (Twitter), इंस्टाग्राम सहित सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर 24 घंटे के लिए रोक लगा दी है। केवल जरूरी सेवाओं को इससे छूट दी गई है।
पुलिस और दमकल पर पथराव
अग्निशमन अधिकारी संजीव कुमार बेहरा के मुताबिक, गौरीशंकर पार्क के पास 8-10 जगहों पर आगजनी की सूचना मिली थी। जब दमकल कर्मी आग बुझाने पहुंचे तो उन पर भी पथराव किया गया। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने प्रशासन को हालात पर नजर बनाए रखने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री और बीजद नेता नवीन पटनायक ने लोगों से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील की है। कटक में दुर्गा पूजा के बाद हुई यह हिंसा सांप्रदायिक सौहार्द और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन गई है। प्रशासन की तत्परता से स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है, लेकिन स्थायी समाधान के लिए सभी समुदायों और नेताओं को संयम और संवाद के रास्ते पर आना होगा।
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