अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने Sergio Gor को भारत में नया अमेरिकी राजदूत नियुक्त किया है। इस नियुक्ति के साथ ही ट्रंप ने गोर को दक्षिण और मध्य एशियाई मामलों का विशेष दूत भी बनाया है। इसका मतलब है कि गोर न केवल भारत में राजनयिक जिम्मेदारी संभालेंगे, बल्कि पाकिस्तान और भारत के बीच भी उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होगी।

गोर ने जताया आभार
नियुक्ति के बाद सर्जियो गोर ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा – “मैं राष्ट्रपति ट्रंप का आभारी हूं कि उन्होंने मुझ पर भरोसा जताया और इतनी बड़ी जिम्मेदारी सौंपी।” उनकी नियुक्ति को अमेरिकी सीनेट ने भी मंजूरी दी है।

कौन हैं सर्जियो गोर?
सर्जियो गोर मूल रूप से उज्बेकिस्तान के ताशकंद में जन्मे हैं। 1990 में उनका परिवार माल्टा चला गया और बाद में 1999 में अमेरिका के लॉस एंजिल्स में बस गया। गोर की मां इजरायल की नागरिक और बिजनेसवूमेन हैं। गोर ने जॉर्ज वाशिंगटन यूनिवर्सिटी से डिग्री ली और कॉलेज के दिनों में ही रिपब्लिकन राजनीति से जुड़े। वे रिपब्लिकन्स और यंग अमेरिका फाउंडेशन के सक्रिय सदस्य रहे।
सियासत और राजनयिक अनुभव
सर्जियो गोर ने अमेरिकी राजनीति में कई अहम भूमिकाएं निभाई हैं। वे रिपब्लिकन नेशनल कमेटी (RNC) के सदस्य रह चुके हैं। इसके अलावा, वे अमेरिकी नेताओं स्टीव किंग, मिशेल बाखमैन और रैंडी फोर्ब्स के प्रवक्ता रहे। साल 2008 में उन्होंने सीनेटर जॉन मैककेन की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी के लिए अभियान चलाया था। साल 2013 में उन्होंने केंटकी सीनेटर रैंड पॉल के राजनीतिक संगठन RANDPAC जॉइन किया और वहां प्रवक्ता एवं वाइस चीफ बने।
ट्रंप से करीबी रिश्ते
सर्जियो गोर का ट्रंप परिवार से गहरा संबंध रहा है। वे साल 2020 में Trump Victory Finance Committee के चीफ ऑफ स्टाफ बने। इसके अलावा वे डोनाल्ड ट्रंप जूनियर के सलाहकार और बुक पब्लिकेशन मैनेजर भी रहे। फिलहाल गोर व्हाइट हाउस के प्रेसिडेंशियल पर्सनेल ऑफिस के डायरेक्टर हैं।
भारत के लिए नई भूमिका
भारत में बतौर अमेरिकी राजदूत गोर की नियुक्ति को दोनों देशों के बीच रणनीतिक रिश्तों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। खासतौर पर व्यापार, सुरक्षा और भारत-चीन-पाकिस्तान समीकरण में उनकी सक्रिय भूमिका देखी जाएगी।
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