Giorgia Meloni News : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के मंच पर हलचल मचा दी है। इस बार उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ’ पर इटली और वहां की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी की कड़ी आलोचना की है। ट्रंप का गुस्सा इस बात पर है कि ईरान के साथ संभावित संघर्ष और परमाणु खतरे के मुद्दे पर इटली ने अमेरिका का खुलकर साथ नहीं दिया। ट्रंप ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि दशकों से अमेरिका नाटो (NATO) के माध्यम से इटली की रक्षा करता आ रहा है, लेकिन जब अमेरिका के लिए महत्वपूर्ण सुरक्षा संबंधी चिंताओं की बात आई, तो इटली ने खुद को अलग रखना बेहतर समझा। ट्रंप के अनुसार, यह व्यवहार न केवल निराशाजनक है बल्कि गठबंधन की भावना के भी विपरीत है।

नाटो और रक्षा व्यय पर ट्रंप का कड़ा प्रहार
अपनी पोस्ट में ट्रंप ने आर्थिक और सुरक्षात्मक दोनों ही पहलुओं को उठाते हुए लिखा है कि अमेरिका ने पिछले कई दशकों में नाटो के सदस्य देशों, विशेषकर इटली पर खरबों डॉलर खर्च किए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी भारी निवेश और सुरक्षा गारंटी के बावजूद, इटली जैसे सहयोगी देश ईरान जैसे गंभीर परमाणु खतरे पर अमेरिका के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होने से क्यों कतरा रहे हैं? ट्रंप का मानना है कि यदि कोई देश अमेरिका की सुरक्षा छतरी का लाभ उठा रहा है, तो अंतरराष्ट्रीय संकट के समय में उसे भी अमेरिका की विदेश नीति और सुरक्षा हितों के प्रति प्रतिबद्धता दिखानी चाहिए। यह बयान अमेरिका और उसके यूरोपीय सहयोगियों के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाता है।

मेलोनी के साथ ट्रंप का पुराना विवाद और मनगढ़ंत दावों की चर्चा
यह पहला मौका नहीं है जब डोनाल्ड ट्रंप और इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी के बीच वाकयुद्ध हुआ हो। इससे पहले भी ट्रंप ने जी-7 समिट के दौरान मेलोनी को लेकर एक विवादित टिप्पणी की थी, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि मेलोनी ने उनके साथ फोटो खिंचवाने के लिए बार-बार आग्रह किया था। इस दावे को मेलोनी और उनकी सरकार ने सिरे से खारिज कर दिया था। इटली की प्रधानमंत्री ने एक वीडियो संदेश जारी कर ट्रंप के दावों को पूरी तरह से ‘मनगढ़ंत’ करार दिया था और स्पष्ट किया था कि इटली कभी भी किसी के सामने मिन्नतें नहीं करता। इस घटना ने दोनों नेताओं के बीच संबंधों में कड़वाहट पैदा कर दी थी।
राजनयिक तनाव: विदेश मंत्री ने रद्द की अमेरिका यात्रा
ट्रंप के बयानों का असर कूटनीतिक स्तर पर भी देखने को मिला है। पिछले विवाद के दौरान, इटली के विदेश मंत्री एंतोनियो ताजानी ने ट्रंप के बयानों को ‘गंभीर और अपमानजनक’ बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई थी। उन्होंने न केवल सार्वजनिक रूप से इन टिप्पणियों की निंदा की, बल्कि विरोध स्वरूप अपनी प्रस्तावित अमेरिका यात्रा को भी रद्द कर दिया था। अब एक बार फिर से ईरान युद्ध के मुद्दे पर मेलोनी को निशाने पर लेने के बाद, अंतरराष्ट्रीय जगत की निगाहें इटली की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। फिलहाल, इटली सरकार ने आधिकारिक तौर पर ट्रंप की इस नई टिप्पणी पर कोई त्वरित प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन यह स्पष्ट है कि ट्रंप का यह रुख अमेरिका और इटली के भविष्य के कूटनीतिक संबंधों के लिए एक नई चुनौती बनकर उभरा है।










