Suresh Raina : भारत के पूर्व क्रिकेटर सुरेश रैना अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) के जांच दायरे में आ गए हैं। उन्हें अवैध सट्टेबाजी एप्स के प्रमोशन को लेकर ED ने समन भेजा है। यह मामला विशेष रूप से उस सट्टेबाजी एप 1xBet से जुड़ा हुआ है, जिसे रैना ने पिछले साल अपना ब्रांड एंबेसडर के रूप में प्रमोट किया था। बुधवार 13 अगस्त को रैना को दिल्ली कार्यालय में पेश होने के लिए बुलाया गया है, जहां उनसे इस मामले में बयान लिया जाएगा।

क्या है पूरा मामला?
सुरेश रैना पर आरोप है कि उन्होंने 1xBet जैसे अवैध सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म्स को प्रमोट किया, जिससे इन एप्स को लोकप्रियता मिली और उन्होंने कई लोगों को सट्टेबाजी की ओर आकर्षित किया। 1xBet एप का नाम पहले ही केंद्र सरकार द्वारा बैन किया जा चुका था, लेकिन इसके बावजूद यह एप्स विभिन्न नामों से काम कर रही थीं। विशेष रूप से रैना और अन्य सेलेब्रिटी द्वारा प्रमोशन किए जाने के कारण इनका प्रभाव बढ़ा।

यह जांच तब शुरू हुई जब मुंबई पुलिस की साइबर क्राइम यूनिट ने 2024 में इस मामले में एक एफआईआर दर्ज की थी। इसके बाद ED ने दिल्ली, मुंबई, जयपुर, हैदराबाद, मदुरै और सूरत जैसे विभिन्न शहरों में तलाशी अभियान चलाया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन एप्स ने करीब 2000 करोड़ रुपये की कमाई की है। यह राशि क्रिप्टो वॉलेट्स और अन्य माध्यमों से छुपाकर निकाली गई है, जिसमें एटीएम के जरिए छोटे-छोटे पैसे निकालने की तकनीक भी शामिल है।
रैना की भूमिका और प्रमोशन
सुरेश रैना ने दिसंबर 2023 में 1xBet एप के साथ एक समझौता किया था और उसे अपने सोशल मीडिया पर प्रमोट किया था। इस दौरान रैना ने कहा था कि उनकी और 1xBet की साझेदारी स्पोर्ट्स बेटिंग के फैंस को जिम्मेदारी के साथ बेटिंग करने के लिए प्रेरित करेगी। लेकिन इस प्रचार से एप की लोकप्रियता में इजाफा हुआ, जिसके बाद अवैध सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म्स पर ध्यान केंद्रित किया गया।
क्यों बढ़ी जांच की गंभीरता?
भारत में सट्टेबाजी और जुआ अवैध हैं, लेकिन इन अवैध एप्स को प्रमोट करना और उन्हें सोशल मीडिया के माध्यम से बढ़ावा देना गंभीर अपराध माना जाता है। हाल ही में, ED ने क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ियों जैसे हरभजन सिंह और युवराज सिंह को भी नोटिस भेजने का फैसला किया था। ये दोनों खिलाड़ी भी सोशल मीडिया पर विभिन्न बेटिंग एप्स के प्रमोशन में दिखाई दिए थे। इस तरह के सेलेब्रिटी प्रमोशन्स से इन एप्स को एक बड़े दर्शक वर्ग तक पहुंचने का अवसर मिलता है, जो अवैध सट्टेबाजी के लिए जोखिम को और बढ़ाता है।
क्या हो सकता है अगला कदम?
सुरेश रैना का नाम सामने आने से यह स्पष्ट है कि अवैध सट्टेबाजी एप्स के खिलाफ ED की जांच अब और तेज हो गई है। अगर रैना और अन्य सेलेब्रिटी द्वारा किया गया प्रमोशन साबित हो जाता है, तो यह मामला और भी गंभीर हो सकता है। ED का यह कदम यह दिखाता है कि केंद्र सरकार और प्रवर्तन एजेंसियां इस मामले को लेकर सख्त हैं और वे अवैध सट्टेबाजी पर रोक लगाने के लिए कड़े कदम उठा रही हैं।
सुरेश रैना पर सट्टेबाजी एप को प्रमोट करने का आरोप एक गंभीर मुद्दा बनता जा रहा है, और ED की जांच इसके प्रमुख पहलू को उजागर कर रही है। इस मामले में रैना और अन्य सेलेब्रिटी की भूमिका से अवैध सट्टेबाजी के प्रमोशन पर सवाल उठ रहे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या रैना और अन्य खिलाड़ियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाती है और इस मुद्दे पर क्या नया मोड़ आता है।










