Chhattisgarh electricity crisis: छत्तीसगढ़ की राजधानी में बिजली संकट गहराया: करोड़ों खर्च, फिर भी अंधेरे में उपभोक्ता

Chhattisgarh electricity crisis: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर समेत कई इलाकों में बिजली व्यवस्था इन दिनों बुरी तरह चरमरा गई है। एक ओर जहां प्रदेश सरकार हर साल मेंटेनेंस के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं दूसरी ओर घंटों बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की समस्याएं लोगों का जीना मुहाल कर रही हैं। हालात यह हैं कि गर्मी, उमस और बच्चों-बुजुर्गों की तकलीफों के बीच उपभोक्ताओं को बिजली विभाग की अनदेखी का भी सामना करना पड़ रहा है।

ads

बिजली कटौती बनी दिनचर्या

राजधानी रायपुर के कई क्षेत्रों—जैसे गुढियारी, बजरंग नगर, भवानी नगर, डीडी नगर और सुंदरनगर—के नागरिकों ने बताया कि पिछले 15 दिनों से बिजली बार-बार गुल हो रही है। सुबह 10 बजे से दोपहर तक बिजली गायब रहती है। रात में भी कई बार सप्लाई बाधित होती है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है।

Adst

मेंटेनेंस पर करोड़ों, फिर भी नतीजा शून्य

बिजली विभाग द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, 2020-2024 के बीच 30 करोड़ रुपये से अधिक मेंटेनेंस पर खर्च किए जा चुके हैं:

  • 2020-21: ₹7.60 करोड़

  • 2021-22: ₹7.06 करोड़

  • 2022-23: ₹7.54 करोड़

  • 2023-24: ₹8 करोड़

  • 2024-25: ₹1.55 करोड़ (ट्रांसफार्मर खर्च अलग)

इसके बावजूद लो-वोल्टेज, बार-बार ट्रिपिंग और लंबी कटौती जैसी समस्याएं खत्म नहीं हो रही हैं। उपभोक्ता सवाल कर रहे हैं कि आखिर यह पैसा कहां खर्च हो रहा है?

शिकायत करने पर भी नहीं सुनवाई

टोल फ्री शिकायत नंबर 1912 पर भी उपभोक्ताओं को निराशा हाथ लग रही है। उपभोक्ता बताते हैं कि फोन या तो बिजी रहता है या कोई जवाब नहीं मिलता। इससे लोगों की समस्या और बढ़ जाती है।

कर्मचारियों की भारी कमी

सूत्रों के अनुसार, सीएसपीडीसीएल (State Power Distribution Company Ltd.) में फील्ड स्टाफ की भारी कमी है। अनुभवी कर्मचारियों को ऑफिस में बैठा दिया गया है और नया स्टाफ फील्ड में भेजा जा रहा है, जिससे मेंटेनेंस का कार्य प्रभावित हो रहा है।

क्या कहता है बिजली विभाग?

सीएसपीडीसीएल रायपुर के चीफ इंजीनियर संजीव सिंह ने बताया कि “दिवाली से पहले मेंटेनेंस कार्य किया जा रहा है, जिससे कुछ इलाकों में सप्लाई बाधित होती है। हम प्रयास कर रहे हैं कि बिजली सप्लाई को जल्द ही पूरी तरह सुचारु किया जाए।”

छत्तीसगढ़ की राजधानी जैसे शहर में अगर बिजली जैसी मूलभूत सुविधा का यह हाल है, तो बाकी जिलों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। सरकार और बिजली विभाग को चाहिए कि मेंटेनेंस पर खर्च की गई रकम का ऑडिट कराया जाए और सिस्टम में जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। जब तक जमीनी स्तर पर काम नहीं होगा, तब तक उपभोक्ता अंधेरे में ही रहेंगे।

Read More : Chhattisgarh weather alert: छत्तीसगढ़ में मानसून की आखिरी बारिश ने मचाया तांडव, कई जिलों में अलर्ट, ठंड ने दी दस्तक

Adst
Admin

Admin

Writer & Blogger

All Posts
Previous Post
Next Post

ताज़ा खबरे

  • All Posts
  • FIFA World Cup 2026
  • Thetarget365
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अन्य
  • अपराध
  • कारोबार
  • कृषि
  • खेल
  • छत्तीसगढ़
  • टेक
  • ट्रेंड
  • ताज़ा खबर
  • धर्म
  • पशु-पक्षी
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय
  • विचार/लेख
  • शिक्षा और नौकरी
  • साहित्य/मीडिया
  • सेहत-फिटनेस

© 2026 | All Rights Reserved | Thetarget365.com | Made By Top News Portal Development Company

Contacts

Call Us At – +91-:9406130006
WhatsApp – +91 62665 68872
Mail Us At – thetargetweb@gmail.com
Meet Us At – Shitla Ward, Ambikapur Dist. Surguja Chhattisgarh.497001.