FIFA vs Cricket World Cup Trophy: फुटबॉल के सबसे बड़े महाकुंभ यानी फीफा वर्ल्ड कप 2026 (FIFA World Cup 2026) का रोमांच पूरी दुनिया पर छाने के लिए तैयार है। भारतीय समयानुसार आगामी 12 जून से इस ऐतिहासिक वैश्विक टूर्नामेंट का आधिकारिक शंखनाद होने जा रहा है। इस महामुकाबले के शुरू होने से पहले ही खेल प्रेमियों के बीच इसकी चमचमाती खूबसूरत ट्रॉफी को लेकर चर्चा का बाजार काफी गर्म हो गया है।

दुनिया भर के लाखों फुटबॉल फैंस इस सुनहरी ट्रॉफी की थाह लेने के लिए बेहद उत्सुक नजर आ रहे हैं। कई प्रशंसक इंटरनेट पर इसकी अनुमानित कीमत जानना चाह रहे हैं, तो कई लोग यह जानने के लिए गहरी दिलचस्पी दिखा रहे हैं कि आखिर यह प्रतिष्ठित ट्रॉफी किस कीमती धातु से मिलकर बनी होती है। इस विशेष रिपोर्ट में हम आपको इन सभी महत्वपूर्ण जानकारियों से रूबरू कराएंगे और साथ ही यह भी बताएंगे कि फुटबॉल के फीफा वर्ल्ड कप या क्रिकेट के वनडे वर्ल्ड कप में से किसकी ट्रॉफी ज्यादा अनमोल और महंगी है।

दुनिया की सबसे महंगी खेल ट्रॉफी: फीफा के आगे कहीं नहीं टिकता क्रिकेट
खेल जगत के वित्तीय आंकड़ों और इतिहास पर नजर डालें तो फीफा वर्ल्ड कप की मौजूदा विजेता ट्रॉफी केवल क्रिकेट के वनडे वर्ल्ड कप की ट्रॉफी से ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में आयोजित होने वाले किसी भी खेल इवेंट की ट्रॉफी की तुलना में सबसे ज्यादा कीमती और महंगी है। विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और खेल विशेषज्ञों की मानें तो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) द्वारा दी जाने वाली वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप की ट्रॉफी दुनिया की सबसे महंगी खेल ट्रॉफियों की वैश्विक सूची में 7वें पायदान पर आती है।
दोनों खेलों की लोकप्रियता में जितना बड़ा अंतर है, कुछ वैसा ही विशाल अंतर इन दोनों प्रतिष्ठित ट्रॉफियों की कुल मेकिंग कॉस्ट और ब्रांड वैल्यू में भी साफ तौर पर दिखाई देता है। आइए विस्तार से इन दोनों ट्रॉफियों की बनावट और उनकी अनुमानित कीमतों पर एक नजर डाल लेते हैं।
फीफा वर्ल्ड कप ट्रॉफी की हैरान करने वाली कीमत: 18 कैरेट सोने से है निर्मित
विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फीफा वर्ल्ड कप की मुख्य ट्रॉफी को बनाने में बेशकीमती धातुओं का इस्तेमाल किया जाता है। यह चमचमाती ट्रॉफी मूल रूप से 18 कैरेट शुद्ध सोने (Gold) से तैयार की जाती है। इस ऐतिहासिक ट्रॉफी का कुल वजन लगभग 6 किलोग्राम (6 Kg) मापा गया है। अगर इसकी मौजूदा बाजार वैल्यू और ऐतिहासिक महत्व को मिलाकर इसकी कीमत का आकलन किया जाए, तो यह करीब 20 मिलियन अमेरिकी डॉलर बैठती है। भारतीय मुद्रा (INR) के हिसाब से यह रकम लगभग 190 करोड़ रुपये के विशाल आंकड़े को छूती है। हालांकि, फुटबॉल की सर्वोच्च संस्था फीफा (FIFA) की तरफ से इस वर्ल्ड कप ट्रॉफी की वास्तविक व्यावसायिक कीमत को लेकर कभी भी किसी प्रकार की कोई आधिकारिक और सार्वजनिक जानकारी साझा नहीं की गई है, क्योंकि इसे अमूल्य माना जाता है।
क्रिकेट वनडे वर्ल्ड कप की ट्रॉफी की कीमत: सोने और चांदी का बेहतरीन मिश्रण
दूसरी तरफ, यदि हम क्रिकेट के सबसे बड़े मंच यानी आईसीसी वनडे वर्ल्ड कप की चमचमाती ट्रॉफी की बात करें, तो इसकी बनावट भी बेहद खास और कलात्मक होती है। लगभग 60 सेंटीमीटर लंबी यह चमचमाती वनडे वर्ल्ड कप की ट्रॉफी मुख्य रूप से सोने और चांदी (Silver) के खूबसूरत मिश्रण से तैयार की जाती है। इस ट्रॉफी के सबसे ऊपरी हिस्से पर जो चमकदार ग्लोब नजर आता है, वह पूरी तरह से सोने का बना होता है, जो क्रिकेट की वैश्विक सर्वोच्चता को दर्शाता है। खेल रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस पूरी ट्रॉफी का कुल वजन लगभग 11 किलोग्राम होता है। यदि इसकी अनुमानित बाजार कीमत की बात करें, तो यह करीब 30 हजार अमेरिकी डॉलर आंकी गई है, जो भारतीय रुपयों के लिहाज से लगभग 25 लाख रुपये के आसपास ठहरती है। फीफा की ही तरह आईसीसी ने भी कभी इसकी सटीक कीमत का आधिकारिक खुलासा नहीं किया है।
एक दिलचस्प खेल नियम: विजेता टीमों को कभी नहीं मिलती असली ट्रॉफी
इन दोनों ही वैश्विक खेलों के इतिहास से जुड़ा एक बेहद दिलचस्प और हैरान करने वाला तकनीकी नियम यह भी है कि फुटबॉल के फीफा वर्ल्ड कप और क्रिकेट के वनडे वर्ल्ड कप का फाइनल मुकाबला जीतने वाली चैंपियन टीमों को कभी भी हमेशा के लिए असली ट्रॉफी नहीं सौंपी जाती है। सुरक्षा और ऐतिहासिक संरक्षण के लिहाज से दोनों ही खेलों की विजेता टीमों को जश्न मनाने के बाद हूबहू असली जैसी दिखने वाली एक ‘रेप्लिका ट्रॉफी’ (प्रतिकृति) सौंप दी जाती है, जिसे टीमें अपने देश ले जाती हैं।
नियमों के मुताबिक, फीफा की असली और मूल सोने की ट्रॉफी स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख शहर में स्थित फीफा के कड़े सुरक्षा वाले वैश्विक मुख्यालय में हमेशा सुरक्षित रखी जाती है। वहीं, आईसीसी के वनडे वर्ल्ड कप की असली ऐतिहासिक ट्रॉफी संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दुबई शहर में स्थित आईसीसी के आलीशान म्यूजियम (संग्रहालय) की शोभा बढ़ाती है, जिसे केवल विशेष आयोजनों पर ही बाहर निकाला जाता है।











