FIFA World Cup 2026
FIFA World Cup 2026: फुटबॉल की दुनिया के सबसे बड़े महाकुंभ, ‘FIFA वर्ल्ड कप 2026’ का आगाज अगले साल 11 जून से होने जा रहा है। इस टूर्नामेंट को लेकर फैंस के बीच जितना उत्साह है, उससे कहीं अधिक चर्चा इसकी इनामी राशि (प्राइज़ मनी) को लेकर हो रही है। FIFA ने इस बार प्राइज़ मनी के आंकड़ों में भारी बढ़ोतरी की है, जो पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ देगी। हालांकि, इस बड़ी राशि के बावजूद फुटबॉल जगत में एक नई बहस छिड़ गई है कि क्या अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल के मुकाबले क्लब फुटबॉल को अधिक तरजीह दी जा रही है।
FIFA द्वारा जारी नए आंकड़ों के अनुसार, 2026 का विश्व कप जीतने वाली टीम को कुल 50 मिलियन US डॉलर (लगभग 423 करोड़ भारतीय रुपये) दिए जाएंगे। यदि हम इसे क्षेत्रीय मुद्राओं (जैसे टका) में बदलें, तो यह लगभग 451 करोड़ का आंकड़ा छूता है। यह राशि अब तक के फुटबॉल इतिहास में किसी भी विश्व कप विजेता को दी गई सबसे बड़ी रकम है। FIFA के अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो ने कहा कि इस साल की प्राइज़ मनी यह दर्शाती है कि वर्ल्ड कप वित्तीय रूप से एक नए और समृद्ध युग की शुरुआत कर रहा है।
इनामी राशि में बढ़ोतरी का सिलसिला पिछले कुछ वर्षों से जारी है। 2018 और 2022 के विश्व कप जीतने वाली टीमों को क्रमशः 379 करोड़ और 343 करोड़ (अनुमानित दर पर) मिले थे। 2026 के लिए FIFA ने कुल 655 मिलियन डॉलर का प्राइज़ पूल घोषित किया है, जो भारतीय मुद्रा में लगभग 5,500 करोड़ रुपये से अधिक बैठता है। तुलनात्मक रूप से देखें तो 2022 कतर विश्व कप के लिए प्राइज़ मनी का बजट 437 मिलियन डॉलर था। यानी इस बार कुल बजट में करीब 218 मिलियन डॉलर का इजाफा किया गया है।
FIFA ने केवल विजेताओं के लिए ही नहीं, बल्कि टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाली सभी 48 टीमों के लिए प्राइज़ मनी का विस्तृत ढांचा पेश किया है। रनर-अप (उपविजेता) टीम को लगभग 297 मिलियन (स्थानीय मुद्रा इकाई में) मिलेंगे, जबकि तीसरे और चौथे स्थान पर रहने वाली टीमों को क्रमशः 261 मिलियन और 243 मिलियन दिए जाएंगे। सबसे दिलचस्प बात यह है कि टूर्नामेंट में 33वें से 48वें स्थान पर रहने वाली प्रत्येक टीम को भी खाली हाथ नहीं लौटना होगा। उन्हें भागीदारी शुल्क और प्राइज़ मनी मिलाकर कुल 940 मिलियन (करीब 8.5 करोड़ भारतीय रुपये) प्राप्त होंगे।
प्राइज़ मनी में इतनी बड़ी वृद्धि के बावजूद एक विवाद गहरा गया है। खेल विशेषज्ञों का कहना है कि वर्ल्ड कप जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट की तुलना में क्लब वर्ल्ड कप जीतने वाली टीमों को अधिक पैसा मिल रहा है। उदाहरण के तौर पर, क्लब वर्ल्ड कप जीतने पर पीएसजी (PSG) जैसे क्लबों को 1128 मिलियन (स्थानीय मुद्रा इकाई) तक मिले थे, जो वर्ल्ड कप विजेता की इनामी राशि से कहीं अधिक है। इससे यह सवाल उठने लगा है कि क्या FIFA देशों के गौरव से ज्यादा क्लबों के व्यापारिक हितों को महत्व दे रहा है।
अनुमान लगाया जा रहा है कि 2026 वर्ल्ड कप से FIFA को करीब 13 बिलियन डॉलर की कुल कमाई हो सकती है। यह राशि 2022 के कतर वर्ल्ड कप से हुई 7.6 बिलियन डॉलर की कमाई से लगभग दोगुनी है। अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको की संयुक्त मेजबानी में होने वाले इस टूर्नामेंट से प्रायोजन, टिकटों की बिक्री और प्रसारण अधिकारों के जरिए रिकॉर्ड राजस्व मिलने की संभावना है। 1982 में जब इटली चैंपियन बना था, तब इनामी राशि मात्र 2.2 मिलियन डॉलर थी, जो आज के वैश्विक खेल बाजार की ताकत को स्पष्ट करती है।
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