Bihar Politics 2025: बिहार के पूर्व मंत्री और जनशक्ति जनता दल के संस्थापक तेज प्रताप यादव ने हाल ही में पार्टी के चुनाव चिन्ह ‘ब्लैकबोर्ड’ को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ब्लैकबोर्ड के आने से बिहार में एक सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। तेज प्रताप यादव ने ब्लैकबोर्ड को एक ऐसा माध्यम बताया जो लोगों को राह दिखाने का काम करता है, खासकर शिक्षा के क्षेत्र में।

चुनाव चिन्ह नहीं बल्कि शिक्षा और विकास का प्रतीक
तेज प्रताप ने कहा, “लोग ब्लैकबोर्ड के पास शिक्षा ग्रहण करने के लिए आते हैं। यह सिर्फ एक चुनाव चिन्ह नहीं बल्कि शिक्षा और विकास का प्रतीक बन चुका है।” उन्होंने आगे कहा कि जो लोग अभी ‘स्कूल बैग’ चिन्ह लेकर घूम रहे हैं, वे भी जल्द ही ब्लैकबोर्ड के पास आकर पढ़ाई करेंगे। यह संकेत करता है कि जनशक्ति जनता दल का प्रभाव तेजी से बिहार के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में फैल रहा है।

तेज प्रताप यादव ने कहा कि पूरी बिहार की जनता जनशक्ति जनता दल को समर्थन दे रही है और उनकी पार्टी जमीनी स्तर पर राजनीतिक लड़ाई लड़ने का काम कर रही है। उनका यह भी मानना है कि पार्टी की रणनीति और चिन्ह चुनावी मैदान में बदलाव की लहर लेकर आ रही है।
तेज प्रताप यादव का पवन सिंह पर तीखा कटाक्ष
जनशक्ति जनता दल के संस्थापक तेज प्रताप यादव ने पवन सिंह को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि पवन सिंह लगातार किसी न किसी के पैरों में गिर रहे हैं और उन्हें अपनी बुद्धि और विवेक का सही इस्तेमाल नहीं आ रहा। तेज प्रताप ने कहा, “वे कलाकार हैं और उन्हें कलाकारी करनी चाहिए, राजनीति में नहीं पड़ना चाहिए।”यह बयान राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। तेज प्रताप यादव का मानना है कि पवन सिंह की राजनीतिक भागीदारी पार्टी और क्षेत्र के हित में नहीं है, और उन्हें अपने कला क्षेत्र में ही सक्रिय रहना चाहिए।
जनशक्ति जनता दल का बढ़ता प्रभाव
जनशक्ति जनता दल बिहार की राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ बना रहा है। पार्टी का चुनाव चिन्ह ‘ब्लैकबोर्ड’ युवाओं और आम जनता के बीच शिक्षा और जागरूकता का संदेश दे रहा है। तेज प्रताप यादव की रणनीति और जनभावना को समझने वाली नीतियां पार्टी को सफलता की ओर ले जा रही हैं।अगले विधानसभा चुनाव में जनशक्ति जनता दल की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। तेज प्रताप यादव के नेतृत्व में पार्टी नए आयाम स्थापित कर रही है, जो बिहार के राजनीतिक परिदृश्य को बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम है।











