Jagdeep Dhankhar: पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सोमवार शाम 6 बजे आधिकारिक रूप से उपराष्ट्रपति आवास छोड़ दिया। अब वे दक्षिणी दिल्ली के छतरपुर इलाके में स्थित इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) प्रमुख अभय चौटाला के फार्महाउस में रहेंगे। 21 जुलाई को मानसून सत्र के पहले दिन इस्तीफा देने के बाद से वह सार्वजनिक रूप से कहीं नजर नहीं आए थे।

धनखड़ का कार्यकाल 10 अगस्त 2027 तक था, लेकिन उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए समय से पहले पद छोड़ दिया। इस्तीफे के बाद विपक्ष ने सरकार पर ‘हाउस अरेस्ट’ जैसे आरोप लगाए थे, जिन्हें सरकार ने सिरे से खारिज किया।


चौटाला परिवार के फार्महाउस में अस्थायी निवास
अभय चौटाला ने बताया कि “धनखड़ जी हमारे पारिवारिक मित्र हैं। 40 वर्षों से हमारे संबंध बेहद आत्मीय रहे हैं। हमने निवेदन किया कि वे जब तक चाहें हमारे फार्महाउस में रहें। उन्होंने यह प्रस्ताव स्वीकार कर लिया।” धनखड़ टाइप-8 सरकारी बंगला मिलने तक इसी फार्महाउस में रहेंगे। पूर्व उपराष्ट्रपति होने के नाते वह इस बंगले के पात्र हैं।
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राजनीतिक रिश्ते की गहराई 1989 से
धनखड़ और चौटाला परिवार का राजनीतिक रिश्ता 1989 में शुरू हुआ जब हरियाणा के तत्कालीन मुख्यमंत्री चौधरी देवीलाल ने उन्हें राजस्थान से उठाकर राष्ट्रीय राजनीति में उतारा। देवीलाल ने उन्हें ‘भविष्य का नेता’ करार दिया था। उसी वर्ष झुंझुनूं से लोकसभा चुनाव में टिकट देकर उन्हें संसद पहुंचाया।
जब देवीलाल उपप्रधानमंत्री बने, तो धनखड़ को भी केंद्र में मंत्री पद मिला। लेकिन जब वी.पी. सिंह सरकार से देवीलाल को हटाया गया, तब धनखड़ एकमात्र मंत्री थे जिन्होंने विरोध में इस्तीफा दिया। इस कदम ने उनके राजनीतिक चरित्र को नई पहचान दी।

निजी जीवन और पेंशन की वापसी
धनखड़ के करीबी सूत्रों के मुताबिक, वह इन दिनों परिवार के साथ समय बिता रहे हैं, योग, टेबल टेनिस और पुस्तकों के साथ दिनचर्या जी रहे हैं।
उन्होंने हाल ही में, 30 अगस्त 2025 को, राजस्थान विधानसभा सचिवालय में पूर्व विधायक पेंशन के लिए दोबारा आवेदन किया है। वे 1993 से 1998 तक किशनगढ़ से कांग्रेस विधायक रहे। जुलाई 2019 में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल बनने के बाद यह पेंशन बंद कर दी गई थी।
पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का छतरपुर फार्महाउस में जाना न केवल एक राजनीतिक रिश्ते की मजबूती को दर्शाता है, बल्कि भारतीय राजनीति में सादगी और आत्मीयता की झलक भी दिखाता है। टाइप-8 बंगला मिलने तक वे वहीं रहेंगे और फिलहाल सक्रिय राजनीति से दूरी बनाते हुए निजी जीवन में सुकून के कुछ पल बिता रहे हैं।
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