US Iran deal : अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए महत्वपूर्ण समझौते को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सकारात्मक प्रतिक्रियाएँ सामने आई हैं। इस समझौते को क्षेत्रीय स्थिरता और कूटनीतिक सफलता की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। कई यूरोपीय देशों के नेताओं ने इस पहल का स्वागत करते हुए उन देशों का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया है, जिन्होंने वार्ता को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

जॉर्जिया मेलोनी ने पाकिस्तान और कतर को दिया धन्यवाद
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इटली ने फ्रांस, जर्मनी और यूनाइटेड किंगडम के साथ मिलकर इस समझौते का समर्थन किया है। मेलोनी ने विशेष रूप से कतर और पाकिस्तान का धन्यवाद करते हुए कहा कि इन दोनों देशों की मध्यस्थता और कूटनीतिक प्रयासों ने समझौते को संभव बनाने में अहम योगदान दिया है।

शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर जोर
मेलोनी ने अपने बयान में कहा कि यह समझौता क्षेत्र में शांति स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है और इसे किसी भी कीमत पर गंवाना नहीं चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इटली हमेशा की तरह कूटनीतिक समाधान और व्यापक समझौते की दिशा में हर संभव सहयोग देने के लिए तैयार है। उनके अनुसार, इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाना अंतरराष्ट्रीय समुदाय की साझा जिम्मेदारी है।
ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर इटली का रुख
इटली की प्रधानमंत्री ने यह भी दोहराया कि ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि वैश्विक सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए यह आवश्यक है कि परमाणु प्रसार को रोका जाए। साथ ही उन्होंने समुद्री मार्गों पर निर्बाध आवाजाही और अंतरराष्ट्रीय व्यापार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा के लिए सहयोग की तैयारी
मेलोनी ने कहा कि यदि आवश्यक संसदीय मंजूरी मिलती है, तो इटली अन्य सहयोगी देशों के साथ मिलकर होर्मुज जलडमरूमध्य में अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक उपस्थिति को मजबूत करने में योगदान देने के लिए तैयार है। उनका मानना है कि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को पूरी तरह सुरक्षित और खुला रखना वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बेहद जरूरी है।
लेबनान में शांति स्थापित करने की अपील
अपने बयान में मेलोनी ने लेबनान की स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वहां जारी संघर्ष और हिंसा को समाप्त करना आवश्यक है। इटली भविष्य में भी लेबनान की संप्रभुता और स्थिरता के समर्थन में सक्रिय भूमिका निभाता रहेगा तथा क्षेत्र में शांति बहाली के प्रयासों का समर्थन करेगा।
संयुक्त यूरोपीय बयान में मध्यस्थ देशों की सराहना
फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन और इटली सहित कई यूरोपीय देशों ने एक संयुक्त बयान जारी कर अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते का स्वागत किया। नेताओं ने इसे एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक उपलब्धि बताया और अमेरिकी तथा ईरानी नेतृत्व को बधाई दी। साथ ही पाकिस्तान, कतर और अन्य मध्यस्थ देशों के प्रयासों की भी प्रशंसा की गई।
समझौते के पूर्ण क्रियान्वयन पर दिया गया जोर
यूरोपीय नेताओं ने कहा कि अब सबसे महत्वपूर्ण चरण इस समझौते को विस्तृत वार्ताओं के माध्यम से अंतिम रूप देना और इसे पूरी तरह लागू करना है। उन्होंने आश्वासन दिया कि यूरोपीय देश इस प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान करेंगे, ताकि क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता स्थापित की जा सके।











