Gold Silver Price
Gold Silver Price : पिछले काफी समय से आसमान छू रही सोने और चांदी की कीमतों में आज एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। वैश्विक बाजारों से प्राप्त कमजोर संकेतों और निवेशकों द्वारा की गई बिकवाली के चलते घरेलू बाजार में कीमती धातुओं के दाम तेजी से नीचे गिरे हैं। गुरुवार, 23 अप्रैल को जैसे ही मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर कारोबार की शुरुआत हुई, कीमती धातुओं में भारी गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट ने उन खरीदारों को बड़ी राहत दी है जो लंबे समय से कीमतों के कम होने का इंतजार कर रहे थे।
आज के कारोबारी सत्र में सबसे ज्यादा गिरावट चांदी की कीमतों में देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में ही चांदी का वायदा भाव 2 प्रतिशत से अधिक टूट गया। आंकड़ों के अनुसार, चांदी की कीमतों में करीब 4,200 रुपये प्रति किलोग्राम की भारी कमी आई है। इस गिरावट के बाद एमसीएक्स पर चांदी का भाव ₹2,43,856 प्रति किलोग्राम के आसपास आ गया है। चांदी में आई यह अचानक गिरावट औद्योगिक मांग में कमी और वैश्विक आर्थिक समीकरणों में आए बदलावों का नतीजा मानी जा रही है।
चांदी के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी नरमी देखी गई है। एमसीएक्स पर सोना आधा प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट के साथ ₹1,51,947 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर ट्रेड कर रहा है। हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ये भाव वायदा बाजार (Future Market) के हैं। जब आप अपने शहर के स्थानीय सर्राफा बाजार में सोना या चांदी खरीदने जाएंगे, तो वहां के भाव अलग हो सकते हैं क्योंकि उनमें स्थानीय टैक्स, जीएसटी (GST) और मेकिंग चार्जेस जोड़े जाते हैं।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण अमेरिकी डॉलर का मजबूत होना है। डॉलर इंडेक्स में आज 0.15% की बढ़त दर्ज की गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार का यह नियम है कि जब डॉलर मजबूत होता है, तो अन्य विदेशी मुद्राओं वाले देशों के लिए सोना खरीदना महंगा हो जाता है, जिससे वैश्विक स्तर पर इसकी मांग घट जाती है। मांग में इसी कमी के कारण आज घरेलू बाजार में भी कीमतों में सुधार यानी गिरावट देखने को मिल रही है।
सोने की कीमतों पर दबाव डालने वाला दूसरा प्रमुख कारक कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आई तेजी है। ब्रेंट क्रूड की कीमतें 2% बढ़कर 103 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गई हैं। कच्चे तेल के दाम बढ़ने से वैश्विक व्यापार में डॉलर की मांग और ज्यादा बढ़ जाती है। जब वैश्विक अर्थव्यवस्था में डॉलर की मांग बढ़ती है, तो निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने के बजाय अन्य विकल्पों की ओर रुख करने लगते हैं, जिससे सोने की कीमतों पर नकारात्मक असर पड़ता है।
बाजार के जानकारों का कहना है कि कीमतों में आई यह कमी उन लोगों के लिए खरीदारी का एक शानदार अवसर हो सकती है जो शादी-ब्याह या निवेश के उद्देश्य से सोना-चांदी खरीदना चाहते थे। हालांकि, विशेषज्ञों ने यह भी चेतावनी दी है कि वैश्विक स्तर पर चल रही राजनीतिक और आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण बाजार में अभी अस्थिरता बनी रह सकती है। इसलिए, बड़ा निवेश करने से पहले बाजार के रुझानों पर पैनी नजर रखना और धीरे-धीरे खरीदारी करना एक समझदारी भरा फैसला होगा।
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