Gopalganj Bangladesh curfew : बंग्लादेश के गोपालगंज में बुधवार की हिंसक झड़पों के बाद प्रशासन ने कर्फ्यू लागू कर दिया है। पूरे शहर में सन्नाटा पसरा हुआ है। अधिकांश दुकानें बंद हैं और सड़कों से लोग नदारद हैं। गोपालगंज-कोटलीपारा, गोपालगंज-टेकेरहाट और गोपालगंज-बशपुर मार्ग पर लोकल बस सेवाएं पूरी तरह से रोक दी गई हैं। हालांकि, लंबी दूरी की बस सेवाएं आंशिक रूप से जारी हैं। हाई स्कूल सर्टिफिकेट (HSC) की परीक्षाएं भी स्थगित कर दी गई हैं। गोपालगंज नेत्र अस्पताल के बाहर सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई है। आम नागरिकों में भय और असुरक्षा की भावना व्याप्त है।
1 जुलाई से एनसीपी (नेशनलिस्ट कंस्ट्रक्टिव पार्टी) की ओर से शुरू किए गए ‘जुलाई मार्च टू बिल्ड द नेशन’ कार्यक्रम के तहत बुधवार को गोपालगंज में रैली निकाली गई थी। पिछले वर्ष इसी समय सत्तारूढ़ दल के खिलाफ विरोध की लहर शुरू हुई थी और उसी की पुनरावृत्ति की आशंका के चलते यह कार्यक्रम चलाया जा रहा है। रैली के दौरान माहौल अचानक हिंसक हो गया। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति उत्पन्न हो गई।
सदर उपजिला के उलपुर-दुर्गापुर मार्ग पर खटियागढ़ चारपारा में प्रदर्शनकारियों ने एक पुलिस वाहन पर हमला कर दिया और उसमें आग लगा दी। इस हिंसा में तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। इसके बाद क्षेत्र का निरीक्षण करने गए उपजिला कार्यकारी अधिकारी (यूएनओ) एम रकीबुल हसन की गाड़ी पर भी कांगशूर इलाके में हमला हुआ। सुबह करीब 11:30 बजे हुई इस घटना में उनके ड्राइवर को गंभीर चोटें आईं।
हिंसक घटनाओं के बाद एनसीपी नेताओं ने दोबारा बैठक करने की कोशिश की, लेकिन वहां भी माहौल और तनावपूर्ण हो गया। एनसीपी नेताओं का आरोप है कि 200 से 300 लोग, जो अवामी लीग के समर्थक थे, अचानक उनके कार्यक्रम में पहुंचे और उन पर हमला कर दिया। इन लोगों ने पुलिस के वाहनों को भी घेर लिया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि एनसीपी कार्यकर्ताओं को भागना पड़ा।
स्थिति को काबू में लाने के लिए पुलिस और सेना के जवानों ने ध्वनि ग्रेनेड और हवाई फायरिंग का सहारा लिया। हालात बिगड़ने के बाद एनसीपी कार्यकर्ताओं ने अपनी गाड़ियों की दिशा बदली और घटनास्थल से चले गए। झड़प के बाद जिले के उपायुक्त मोहम्मद कमरुज्जमां ने जिले में धारा 144 लागू कर दी, जिससे चार से अधिक लोगों के एक स्थान पर एकत्र होने पर रोक लग गई।
झड़प में तीन लोगों की मौत की पुष्टि की गई है। शाम 4:45 बजे गोपालगंज जनरल अस्पताल के अधीक्षक जीबितेश बिस्वास ने जानकारी दी कि दोपहर में तीन शव अस्पताल लाए गए, जिन पर गोली के निशान थे। इस घटना में नौ अन्य घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। अस्पताल परिसर में भी भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बुधवार रात 8 बजे से गुरुवार शाम 6 बजे तक गोपालगंज में पूर्ण कर्फ्यू की घोषणा की गई। मुख्य सलाहकार के प्रेस विंग की ओर से जारी बयान में बताया गया कि सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है। प्रशासन ने नागरिकों से संयम बरतने और घरों में ही रहने की अपील की है। कर्फ्यू अभी भी प्रभावी है और स्थिति पर प्रशासन की लगातार नजर बनी हुई है।
गोपालगंज की यह घटना राजनीतिक अस्थिरता और गहराते तनाव को दर्शाती है। जहां एनसीपी सरकार विरोधी अभियान के तहत सड़कों पर उतर रही है, वहीं सत्ताधारी दल से जुड़े तत्वों की प्रत्यक्ष संलिप्तता से हालात और बिगड़ रहे हैं। आम नागरिकों की सुरक्षा और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए सरकार को संतुलित और निष्पक्ष कदम उठाने की आवश्यकता है।
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