Gurugram Hit and Run : गुरुग्राम के पॉश गोल्फ कोर्स रोड पर महिला बाइक राइडर शिवानी चौहान उर्फ सिया को कार से टक्कर मारने के चर्चित मामले में पुलिस की कार्रवाई आगे बढ़ गई है। शुक्रवार को अदालत ने मामले के मुख्य आरोपी कल्याण बैंसला और उसके चचेरे भाई लवनीश को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पुलिस रिमांड की अवधि पूरी होने के बाद दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया था। मामले की अगली सुनवाई के लिए अदालत ने 1 अक्टूबर की तारीख तय की है।
पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद अदालत में हुई पेशी
पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों को पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया गया था। रिमांड की अवधि समाप्त होने के बाद उन्हें सिविल जज निधि बेनीवाल की अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। अब उन्हें जेल में रहना होगा और मामले की अगली कानूनी कार्रवाई निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ेगी।
13 सितंबर को तेज रफ्तार कार ने बाइक को मारी टक्कर
यह मामला रविवार, 13 सितंबर को सामने आया था। आरोप है कि जिम संचालक कल्याण बैंसला तेज रफ्तार कार चला रहा था और गोल्फ कोर्स रोड पर आगे चल रही बाइक को पीछे से टक्कर मार दी। बाइक पर महिला राइडर सिया सवार थीं। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वह सड़क पर काफी दूर तक घिसटती चली गईं। हादसे के बाद घटना का वीडियो सामने आने पर मामले ने तेजी से तूल पकड़ लिया।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस सक्रिय
हादसे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद गुरुग्राम पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया। वीडियो में दुर्घटना की गंभीरता सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की। पुलिस ने मुख्य आरोपी कल्याण बैंसला को राजस्थान के दौसा से गिरफ्तार किया, जबकि उसके चचेरे भाई लवनीश को हरियाणा के पलवल से पकड़ा गया। पीड़िता और उनके परिवार की शिकायत के आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई।
जांच में सीसीटीवी फुटेज और पीड़िता के बयान अहम
पुलिस ने मामले की जांच के दौरान घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच की। इसके साथ ही पीड़िता के बयान को भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया। पुलिस की जांच के आधार पर प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की धारा 109 जोड़ी गई। यह धारा हत्या के प्रयास से संबंधित है और मामले को गंभीर आपराधिक श्रेणी में ले जाती है।
BNS की धारा 109 में क्या है सजा का प्रावधान
हत्या के प्रयास से संबंधित BNS की धारा 109 के तहत दोष सिद्ध होने पर आरोपी को गंभीर सजा का सामना करना पड़ सकता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस धारा में अधिकतम 10 वर्ष तक की सजा का प्रावधान हो सकता है। हालांकि, किसी आरोपी की अंतिम कानूनी जिम्मेदारी और सजा अदालत में मामले की सुनवाई, उपलब्ध साक्ष्यों तथा न्यायिक निर्णय पर निर्भर करेगी।
सिया ने न्यायपालिका पर जताया पूरा भरोसा
अदालत परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान पीड़ित बाइक राइडर सिया ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। उन्होंने मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की। सिया का कहना है कि घटना के समय कार में मौजूद चारों युवकों के खिलाफ भी सख्त कदम उठाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाई से सड़कों पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सकारात्मक संदेश जा सकता है।
चारों युवकों की भूमिका की जांच की मांग
पीड़िता ने विशेष रूप से कार में मौजूद सभी चार युवकों की भूमिका की जांच किए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि मामले में केवल मुख्य आरोपी तक कार्रवाई सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि घटना के दौरान कार में मौजूद अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में आनी चाहिए। पुलिस की जांच और अदालत में पेश किए जाने वाले साक्ष्यों से आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
1 अक्टूबर को होगी मामले की अगली सुनवाई
फिलहाल कल्याण बैंसला और लवनीश न्यायिक हिरासत में हैं। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 1 अक्टूबर की तारीख निर्धारित की है। इस दौरान जांच से जुड़े दस्तावेज और अन्य कानूनी पहलू सामने आ सकते हैं। गुरुग्राम के इस चर्चित हिट एंड रन मामले में पुलिस की जांच, सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयानों की भूमिका आगे महत्वपूर्ण रहने वाली है।
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