SIR Controversy 2026 : मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ रहा है। कांग्रेस ने सोमवार को देश के कई शहरों में CEC के खिलाफ प्रदर्शन किया। पार्टी का आरोप है कि SIR की प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं और निर्वाचन आयोग को इन पर जवाब देना चाहिए।
आगरा में CEC के घर के बाहर प्रदर्शन
उत्तर प्रदेश के आगरा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त के आवास के बाहर प्रदर्शन किया। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश संगठन महासचिव अनिल यादव ने वहां कथित तौर पर कालिख पोती और ‘वोट चोर’ लिखा। घटना के बाद स्थानीय स्तर पर राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज हो गई है। इस मामले में पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई की जानकारी अलग-अलग रिपोर्टों में सामने आई है।
खरगे ने CEC के इस्तीफे की मांग की
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बेंगलुरु में ज्ञानेश कुमार को लेकर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि यदि मुख्य चुनाव आयुक्त में नैतिकता है तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। खरगे ने कुछ कथित बयानों और रिपोर्टों का हवाला देते हुए निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए और इस मुद्दे को विपक्ष की ओर से प्रमुखता से उठाया।
नड्डा ने कांग्रेस और विपक्ष पर किया पलटवार
केंद्रीय मंत्री और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कांग्रेस तथा अन्य विपक्षी दलों के आरोपों पर पलटवार किया। दिल्ली में उन्होंने कहा कि देश को अस्थिर करने की कोशिश करने वाली ताकतों को जनता पहले भी जवाब दे चुकी है। नड्डा ने विपक्ष पर संवैधानिक संस्थाओं को लेकर सवाल खड़े करने और राजनीतिक माहौल को प्रभावित करने का आरोप लगाया।
विपक्ष पर झूठ फैलाने का लगाया आरोप
जेपी नड्डा ने कहा कि देश 140 करोड़ भारतीयों के संकल्प और मेहनत से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने राहुल गांधी, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव और अरविंद केजरीवाल समेत विपक्षी नेताओं का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि वे संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। ये उनके राजनीतिक बयान और आरोप हैं, जिन पर विपक्ष की अपनी अलग प्रतिक्रिया है।
संजय राउत ने बीजेपी से पूछा सवाल
बीजेपी के पलटवार के बीच शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने भी प्रतिक्रिया दी। महाराष्ट्र के ठाणे में उन्होंने सवाल किया कि क्या निर्वाचन आयोग ने बीजेपी को अपना वकील नियुक्त किया है। राउत ने आरोप लगाया कि SIR और चुनाव आयोग से जुड़े विवाद का राजनीतिक लाभ बीजेपी को मिल रहा है, इसलिए पार्टी आयोग का बचाव कर रही है। ये राउत के आरोप हैं।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट से फिर गरमाया विवाद
SIR को लेकर चल रहा विवाद 23 सितंबर को प्रकाशित द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के बाद और तेज हुआ। रिपोर्ट में दावा किया गया कि तीन सदस्यीय निर्वाचन आयोग में दो निर्वाचन आयुक्तों ने पिछले महीनों में कई मुद्दों पर आपत्तियां दर्ज की थीं। रिपोर्ट के अनुसार, इन आपत्तियों को लेकर आयोग के भीतर मतभेद सामने आए थे।
26 सितंबर की बैठक में आयोग ने दी सफाई
विवाद के बीच निर्वाचन आयोग ने 26 सितंबर को बैठक की। इसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी मौजूद रहे। बैठक के बाद आयोग ने SIR प्रक्रिया, ECINET और अधिकारियों से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत स्पष्टीकरण जारी किया। आयोग ने कहा कि बैठक में लिए गए फैसलों को पूर्ण आयोग की मंजूरी प्राप्त थी।
नोटिस वाले मतदाताओं के घर जाएंगे BLO
आयोग ने SIR में ‘अनमैप्ड’ या ‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’ के कारण नोटिस पाने वाले लोगों के लिए प्रक्रिया में बदलाव किया है। अब बूथ लेवल अधिकारी यानी BLO संबंधित मतदाताओं के घर जाकर दस्तावेज एकत्र करेंगे और उन्हें ECINET पर अपलोड करेंगे। सामान्य परिस्थितियों में ऐसे मतदाताओं को ERO या AERO कार्यालय में सुनवाई के लिए बुलाने की जरूरत नहीं होगी।
दिल्ली और महाराष्ट्र में बढ़ी समयसीमा
निर्वाचन आयोग ने दिल्ली और महाराष्ट्र में दावे और आपत्तियां दाखिल करने की समयसीमा भी बढ़ाई है। दिल्ली में अब 30 अक्टूबर 2026 तक दावे-आपत्तियां दाखिल की जा सकती हैं, जबकि इनके निपटारे की समयसीमा 30 नवंबर तक है। महाराष्ट्र में दावे-आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तारीख 12 अक्टूबर और निपटारे की समयसीमा 10 नवंबर 2026 रखी गई है।
ECINET की स्वतंत्र विशेषज्ञों से होगी समीक्षा
आयोग ने ECINET की समीक्षा के लिए वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त की अध्यक्षता में समिति बनाने का फैसला किया है। इसमें IIT या IIIT के एक स्वतंत्र विशेषज्ञ को शामिल किया जाएगा। समिति यह जांच करेगी कि पोर्टल संबंधित कानूनों और नियमों के अनुरूप काम कर रहा है या नहीं। आयोग ने यह भी कहा कि भविष्य के नए IT मॉड्यूल और पोर्टल पहले अधिकारियों की समिति में चर्चा के बाद मंजूरी के लिए रखे जाएंगे।
SIR विवाद में राजनीतिक टकराव जारी
SIR को लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल निर्वाचन आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि आयोग ने अपने फैसलों और प्रक्रिया को लेकर स्पष्टीकरण दिया है। बीजेपी ने विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक अभियान बताया है। ऐसे में CEC ज्ञानेश कुमार, SIR की प्रक्रिया, ECINET और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक और सार्वजनिक बहस आगे भी जारी रहने के आसार हैं।
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