Israel Gaza Ceasefire: गाजा पट्टी से मिली एक बड़ी राहत भरी खबर में, आतंकी संगठन हमास ने सीजफायर डील के तहत 20 में से 7 बंधकों को रिहा कर दिया है। यह बंधक अब इजरायल की ओर रवाना हो चुके हैं और रेड क्रॉस की निगरानी में उन्हें सीमा पार कराया जा रहा है। इजरायल रक्षा बल (IDF) और सुरक्षा एजेंसी (ISA) ने इसकी पुष्टि की है।

जल्द हो सकती है बाकी 13 बंधकों की रिहाई
इजरायली सैन्य अधिकारियों के मुताबिक, बाकी 13 जीवित बंधकों की रिहाई भी जल्द ही की जाएगी। यह रिहाई इजरायल और हमास के बीच हुए संघर्षविराम समझौते का हिस्सा है। समझौते के अनुसार, इजरायल 2,000 फिलिस्तीनी बंदियों को भी रिहा करेगा, जिसमें से 1,966 बंदियों को बसों द्वारा गाजा के नासिर अस्पताल ले जाया जाएगा।

मृत बंधकों की लाशें बाद में लौटाई जाएंगी
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के प्रवक्ता ने जानकारी दी कि जब तक सभी जीवित बंधक इजरायल नहीं पहुंच जाते, तब तक फिलिस्तीनी बंदियों की रिहाई नहीं होगी। उन्होंने यह भी साफ किया कि जो 26 बंधक मारे जा चुके हैं, उनकी लाशें एक साथ सोमवार तक वापस नहीं लाई जा सकेंगी।
विदेश मंत्रालय ने की बंधकों की पहचान
इजरायल विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर रिहा किए गए सात बंधकों की पहचान साझा करते हुए लिखा,“हम इसे कहने के लिए 738 दिन इंतजार कर रहे थे। घर में स्वागत है।”
रिहा हुए बंधकों के नाम
रिहा किए गए बंधकों में शामिल हैं:
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गाय गिलबोआ दलाल
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एइटन मोर
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मतान एंगरेस्ट
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एलोन ओहेल
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गली और जिव बर्मन
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ओमरी मिरान
इन सभी को गाजा से इजरायल ले जाकर प्रारंभिक मेडिकल जांच की जाएगी। यह कदम ना सिर्फ मानवीय दृष्टिकोण से अहम है, बल्कि संघर्ष के बीच एक सकारात्मक संकेत भी माना जा रहा है।
संघर्षविराम की दिशा में उम्मीद की किरण
यह रिहाई गाजा और इजरायल के बीच जारी युद्धविराम समझौते का एक बड़ा हिस्सा है, जिससे यह संकेत मिल रहा है कि दोनों पक्ष शांति की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। हालांकि चुनौतियां अभी भी बरकरार हैं, लेकिन बंधकों की सुरक्षित वापसी से परिजनों और पूरे इजरायली समाज को राहत मिली है।











