Hantavirus Outbreak
Hantavirus Outbreak : दुनिया अभी कोविड-19 के जख्मों से पूरी तरह उबर भी नहीं पाई थी कि एक और घातक वायरस ‘हंतावायरस’ (Hantavirus) ने वैश्विक स्तर पर हलचल पैदा कर दी है। अर्जेंटीना से रवाना हुए नीदरलैंड के एक लग्जरी क्रूज शिप ‘एमवी होंडियस’ पर इस वायरस के संक्रमण से अब तक तीन यात्रियों की मौत हो चुकी है। इस घटना ने न केवल पर्यटन जगत को हिला दिया है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसियों को भी चौकन्ना कर दिया है। जैसे ही जहाज पर मौतों का सिलसिला शुरू हुआ, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने स्थिति का संज्ञान लिया और इसे लेकर वैज्ञानिकों के बीच वायरस की प्रकृति को लेकर नई बहस छिड़ गई है।
क्रूज शिप पर संक्रमण फैलने की खबर मिलते ही सोशल मीडिया और वैश्विक मीडिया में एक नई महामारी को लेकर कयास लगाए जाने लगे। हालांकि, डब्लूएचओ के प्रमुख ने हालिया ब्रीफिंग में इन आशंकाओं को सिरे से खारिज कर दिया है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि हंतावायरस कोई नया वायरस नहीं है और यह कोविड-19 की तरह पूरी दुनिया को अपनी चपेट में लेने वाली महामारी नहीं है। डब्लूएचओ के अनुसार, वर्तमान में इसका जोखिम स्तर ‘न्यूनतम’ है और वैश्विक समुदाय को 2020 जैसी स्थिति की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, बशर्ते सावधानी बरती जाए।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस क्रूज शिप से संबंधित अब तक कुल 8 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 5 में आधिकारिक तौर पर हंतावायरस की पुष्टि हुई है। इस संकट की शुरुआत 6 अप्रैल को हुई जब एक पुरुष यात्री में संक्रमण के लक्षण दिखाई दिए और 11 अप्रैल को उसकी मृत्यु हो गई। इसके बाद, जहाज से उतरे एक अन्य यात्री की दक्षिण अफ्रीका के जोहानसबर्ग में मौत हुई, जबकि एक मामला स्विट्जरलैंड में भी सामने आया है। इन घटनाओं ने यह संकेत दिया कि वायरस का प्रभाव केवल जहाज तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को पार कर चुका है।
वायरस की गंभीरता को देखते हुए डब्लूएचओ ने उन 12 देशों को औपचारिक अलर्ट जारी किया है, जिनके नागरिक सेंट हेलेना में इस जहाज से उतरे थे। इस सूची में अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, जर्मनी, नीदरलैंड, स्विट्जरलैंड और सिंगापुर जैसे प्रमुख देश शामिल हैं। इन देशों से आग्रह किया गया है कि वे अपने नागरिकों की स्वास्थ्य निगरानी करें। वर्तमान में डच डॉक्टरों और यूरोपीय रोग निवारण विशेषज्ञों की एक विशेष टीम जहाज पर मौजूद है, जो हर एक यात्री और क्रू मेंबर की गहन चिकित्सा जांच कर रही है ताकि संक्रमण की कड़ी को तोड़ा जा सके।
हंतावायरस मुख्य रूप से कुतरने वाले जीवों, विशेषकर चूहों के जरिए फैलता है। चूहों के लार, मल या मूत्र के सीधे संपर्क में आने से इंसान संक्रमित हो सकते हैं। हालांकि, चिंता की बात यह है कि कुछ दुर्लभ मामलों में यह इंसानों से इंसानों में भी फैल सकता है। इसके लक्षण शुरू में सामान्य फ्लू जैसे होते हैं, जैसे तेज बुखार और बदन दर्द, लेकिन बाद में यह फेफड़ों पर हमला करता है। फेफड़ों में तरल पदार्थ भरने के कारण सांस लेना मुश्किल हो जाता है। डब्लूएचओ ने चेतावनी दी है कि इस वायरस का इनक्यूबेशन पीरियड (लक्षण दिखने का समय) 6 हफ्ते तक हो सकता है, इसलिए आने वाले डेढ़ महीने काफी महत्वपूर्ण होंगे।
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