Hardeep Singh Puri : केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी को लेकर बड़ी राजनीतिक खबर सामने आई है। वह मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए हैं। गुरुवार, 5 नवंबर को नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख थी। इस दौरान उनके खिलाफ चुनाव मैदान में कोई उम्मीदवार नहीं बचा। इसके बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने उन्हें निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया। इस घोषणा के साथ ही मध्य प्रदेश की राज्यसभा की एक सीट पर होने वाला उपचुनाव बिना मतदान के संपन्न हो गया।
25 नवंबर को खत्म हो रहा था राज्यसभा का कार्यकाल
हरदीप सिंह पुरी वर्तमान में उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सांसद हैं। उनका मौजूदा कार्यकाल 25 नवंबर 2026 को समाप्त होने वाला है। इसी को ध्यान में रखते हुए भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने उन्हें मध्य प्रदेश से राज्यसभा उपचुनाव का उम्मीदवार बनाया था। बीजेपी ने उनके नाम पर मुहर लगाते हुए 12 नवंबर को प्रस्तावित उपचुनाव के लिए अपना प्रत्याशी घोषित किया था। हालांकि, विपक्षी उम्मीदवारों के नामांकन खारिज होने के बाद मतदान की नौबत ही नहीं आई।

एल. मुरुगन के इस्तीफे से खाली हुई थी राज्यसभा की सीट
मध्य प्रदेश में राज्यसभा की यह सीट पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। डॉ. मुरुगन अप्रैल 2024 में मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए थे। उनका कार्यकाल 3 अप्रैल 2030 तक निर्धारित था, लेकिन उन्होंने 14 अक्टूबर 2026 को राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे के कारण खाली हुई सीट पर उपचुनाव कराने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। बीजेपी ने इस सीट के लिए हरदीप सिंह पुरी को अपना उम्मीदवार बनाया।

दो निर्दलीय प्रत्याशियों के नामांकन हुए थे खारिज
हरदीप सिंह पुरी ने 31 अक्टूबर को अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था। इसके बाद 3 नवंबर को निर्वाचन अधिकारियों ने नामांकन पत्रों की जांच की। इस दौरान दो निर्दलीय प्रत्याशियों के नामांकन पत्र खारिज कर दिए गए। इनमें कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी राजकुमार लोहानी का नाम भी शामिल था। दोनों उम्मीदवारों के पर्चे रद्द होने के बाद चुनावी मुकाबले की तस्वीर बदल गई और हरदीप सिंह पुरी के निर्विरोध निर्वाचन का रास्ता साफ हो गया।
कांग्रेस ने नामांकन में 100 से ज्यादा कमियां होने का किया था दावा
हरदीप सिंह पुरी के नामांकन को लेकर कांग्रेस ने गंभीर आपत्तियां उठाई थीं। पार्टी की ओर से उनके नामांकन पत्र में 100 से अधिक कमियां होने का दावा किया गया था। कांग्रेस ने इन आधारों पर निर्वाचन प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए थे। हालांकि, रिटर्निंग ऑफिसर ने कांग्रेस की ओर से दर्ज कराई गई आपत्तियों को स्वीकार नहीं किया और उन्हें खारिज कर दिया। इसके बाद हरदीप सिंह पुरी के निर्वाचन की प्रक्रिया आगे बढ़ी। नाम वापसी की अंतिम तारीख तक उनके मुकाबले कोई प्रत्याशी मैदान में नहीं रहा।

26 अक्टूबर से शुरू हुई थी चुनाव की नामांकन प्रक्रिया
मध्य प्रदेश राज्यसभा उपचुनाव के लिए निर्वाचन कार्यक्रम के तहत 26 अक्टूबर 2026 से नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू हुई थी। उम्मीदवारों को 2 नवंबर तक अपने नामांकन पत्र जमा करने का अवसर दिया गया था। इसके बाद 3 नवंबर को नामांकन पत्रों की जांच हुई और 5 नवंबर नाम वापस लेने की अंतिम तारीख निर्धारित की गई थी। चुनाव कार्यक्रम के अनुसार 12 नवंबर को मतदान होना प्रस्तावित था। लेकिन सभी प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवारों के मैदान से बाहर होने के कारण अब मतदान की आवश्यकता नहीं रह गई है। हरदीप सिंह पुरी के निर्विरोध निर्वाचन से बीजेपी को मध्य प्रदेश में राज्यसभा की यह सीट मिल गई है।

