Manisha Death Case : भिवानी जिले की 18 वर्षीय लेडी टीचर मनीषा 11 अगस्त को अचानक लापता हो गई थी। दो दिन बाद यानी 13 अगस्त को उसका शव लौहारू के सिंघानी गांव के पास खेत में लहूलुहान हालत में मिला। शव पर गहरे घाव थे, जिससे परिवार ने हत्या की आशंका जताई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तीसरी बार दिल्ली के एम्स में पोस्टमार्टम कराया गया। रिपोर्ट में भी वही निष्कर्ष आया कि मनीषा की मौत जहर खाने से हुई। इससे पहले भिवानी और रोहतक पीजीआई में हुई जांच में भी यही बात सामने आई थी।

भिवानी और रोहतक की रिपोर्ट भी जहर की पुष्टि कर चुकी
पहली रिपोर्ट में कहा गया कि मनीषा ने कीटनाशक खाया था और जानवरों ने शव को नोचने से गहरे घाव हुए। रोहतक पीजीआई की टीम ने भी बताया कि गर्दन पर काटने के निशान जानवरों के थे, तेजधार हथियार से नहीं। डॉक्टरों ने साफ किया कि न तो बलात्कार हुआ और न ही शरीर पर गंभीर चोट के निशान पाए गए। तीनों रिपोर्ट्स के बावजूद मनीषा के परिवार का कहना है कि उनकी बेटी की हत्या हुई है। परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस सच्चाई छुपा रही है। उन्होंने शुरू से ही दो मांगें रखीं—पहली कि केस की जांच सीबीआई से हो और दूसरी कि पोस्टमार्टम एम्स दिल्ली में कराया जाए।

एसपी और पांच पुलिसकर्मी सस्पेंड
मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में 15 अगस्त को सरकार ने बड़ा कदम उठाया। एसपी मनबीर सिंह को हटा दिया गया और लौहारू थाना प्रभारी सहित पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया। सरकार ने साफ किया कि दोषी कोई भी हो, कार्रवाई होगी। इस केस में तब नया मोड़ आया जब कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम जुड़ गया। गैंग के सदस्य गोल्डी ढिल्लों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर धमकी दी कि अगर सरकार और पुलिस ने इंसाफ नहीं दिया तो वे खुद न्याय दिलाएंगे। इस बयान ने प्रशासन की चिंता और बढ़ा दी।
CM नायब सैनी ने CBI जांच का ऐलान किया
लगातार विरोध प्रदर्शनों और परिजनों की मांग के बाद मुख्यमंत्री नायब सैनी ने गुरुवार को बड़ा ऐलान किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि मनीषा केस की जांच अब सीबीआई करेगी और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। 13 अगस्त को शव मिलने के बाद पूरे हरियाणा में गुस्से का माहौल बन गया। भिवानी से लेकर सोनीपत तक कैंडल मार्च निकाले गए। लोग सड़कों पर उतरे और नारेबाजी करते हुए मनीषा को न्याय दिलाने की मांग करते रहे। माहौल बिगड़ने पर पुलिस ने कई इलाकों में धारा 144 लगा दी।
21 अगस्त को होगा अंतिम संस्कार
आठ दिन के इंतजार और दोनों मांगें मान लिए जाने के बाद परिजनों ने धरना खत्म कर दिया। अब मनीषा का अंतिम संस्कार 21 अगस्त को ढाणी लक्ष्मण गांव में होगा। भिवानी अस्पताल से शव को पहले घर लाया जाएगा और फिर अंतिम रस्में पूरी की जाएंगी। अंतिम संस्कार को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। गांव के चारों तरफ भारी पुलिस बल, रैपिड एक्शन फोर्स और दंगा रोकू वाहन तैनात किए गए हैं। शांति बनाए रखने के लिए सरकार ने 19 अगस्त सुबह 11 बजे से 21 अगस्त सुबह 11 बजे तक इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी हैं।
मनीषा डेथ मिस्ट्री ने पूरे हरियाणा को झकझोर दिया है। तीनों पोस्टमार्टम रिपोर्ट्स में जहर से मौत की पुष्टि के बावजूद परिवार हत्या का आरोप लगा रहा है। अब सीबीआई जांच के ऐलान के बाद सभी की निगाहें इस केस की आगे की कार्यवाही पर टिकी हैं।
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