Ohio Children Rescue : अमेरिका के ओहायो राज्य से एक बेहद दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ पुलिस ने एक जर्जर घर से 16 बच्चों को अमानवीय परिस्थितियों से मुक्त कराया है। अधिकारियों को ये बच्चे अत्यंत दयनीय, कुपोषित और गंदगी के अंबार के बीच मिले। इस मामले की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इनमें से कई बच्चे ठीक से संवाद भी नहीं कर पा रहे थे। विंटन काउंटी के शेरिफ रयान केन ने इस दृश्य को अपने जीवन का सबसे दर्दनाक अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि यहाँ जिन परिस्थितियों में बच्चों को रखा गया था, वे किसी जानवर के रहने के स्थान से भी बदतर थीं।

चौंकाने वाला खुलासा: पुलिस कैसे पहुँची इन बच्चों तक?
यह पूरा मामला तब सामने आया जब ओहायो पुलिस एक अन्य मामले की जांच के सिलसिले में तलाशी वारंट लेकर इस घर में दाखिल हुई। पुलिस को इस बात की तनिक भी भनक नहीं थी कि अंदर 16 बच्चे कैद हैं। जांच में पता चला कि बच्चों का कभी स्कूल में दाखिला नहीं कराया गया था और परिवार ने उन्हें पूरी दुनिया से छिपा रखा था। यह परिवार पिछले 20 वर्षों से ओहायो के विभिन्न क्षेत्रों में रह रहा था, लेकिन उन्होंने जानबूझकर बच्चों के मेडिकल रिकॉर्ड या कोई भी सरकारी दस्तावेज नहीं बनाए, ताकि सरकारी एजेंसियों की नजर उन पर न पड़ सके।

अमानवीय जीवन: 12×12 के कमरे में कैद था बचपन
जांच अधिकारियों के अनुसार, बच्चों की उम्र डेढ़ से 18 वर्ष के बीच है। पिछले करीब चार वर्षों से इन्हें एक मात्र 12 फीट x 12 फीट के छोटे से कमरे में कैद रखा गया था। पूरे घर और कमरे में चारों तरफ मानव मल फैला हुआ था और गंदगी का भारी अंबार था। 18 साल की एक दिव्यांग लड़की अपना नाम तक लिखने में अक्षम पाई गई। कई बच्चों को इलाज के लिए कोलंबस के अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जिनमें से दो को एयरलिफ्ट करना पड़ा। डॉक्टरों के मुताबिक, बच्चों की स्थिति बहुत नाजुक बनी हुई है और उन्हें गहन देखभाल की जरूरत है।
चार परिजनों पर दर्ज हुआ गंभीर अपराध का मामला
पुलिस ने इस क्रूरता के आरोप में परिवार के चार वयस्कों—गैरी साइडर्स जूनियर, गैरी साइडर्स सीनियर, क्रिस्टीना साइडर्स और एलिजाबेथ साइडर्स को गिरफ्तार किया है। इन सभी पर ‘सेकेंड-डिग्री फेलोनी चाइल्ड एंडेंजर्मेंट’ के तहत मामला दर्ज किया गया है। बुधवार को अदालत में पेशी के दौरान इन्होंने खुद को निर्दोष बताया, लेकिन कोर्ट ने प्रत्येक की जमानत राशि 3 लाख अमेरिकी डॉलर तय कर दी है। फिलहाल सभी बच्चे ओहायो डिपार्टमेंट ऑफ जॉब्स एंड फैमिली सर्विसेज की अस्थायी देखरेख में सुरक्षित हैं।
समाज के बीच ‘अदृश्य’ था यह परिवार
स्थानीय निवासियों और पड़ोसियों के लिए भी यह एक बड़ा सदमा है। रेलवे लाइन के पास स्थित यह घर घनी झाड़ियों से घिरा था, जिससे यह मुख्य सड़क से अलग-थलग दिखता था। पड़ोसियों ने बताया कि उन्होंने कभी किसी बच्चे को बाहर खेलते या घर के आंगन में आते नहीं देखा। यह घटना अमेरिका में बच्चों के साथ होने वाले अमानवीय व्यवहार के गहरे संकट को उजागर करती है, जैसा कि पूर्व में कैलिफोर्निया के चर्चित ‘टर्पिन परिवार’ मामले में भी देखा गया था। प्रशासन अब इस बात की जांच कर रहा है कि क्या यह परिवार किसी भी बाल संरक्षण एजेंसी की रडार पर पहले कभी आया था या नहीं।












