Lucknow : मुख्यमंत्री जनता दरबार में सोमवार को एक सनसनीखेज मामला सामने आया, जब रिटायर्ड फौजी सतबीर गुर्जर (65) अचानक पहुंच गए और सुरक्षा की मांग को लेकर जहर खा लिया। सतबीर गुर्जर, जो कि करगिल युद्ध के एक वीर पूर्व सैनिक हैं, गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र के निवासी हैं और उन्होंने भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर पर गंभीर आरोप लगाते हुए सुरक्षा की गुहार लगाई है।

घटना का पूरा विवरण
सतबीर गुर्जर सीएम जनता दरबार में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने आए थे, लेकिन वहां पहुंचने के बाद उन्होंने अचानक जहर निगल लिया। इसके बाद वहां हड़कंप मच गया और उन्हें तत्काल लखनऊ के सिविल अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल के सीएमएस डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि सतबीर की हालत फिलहाल स्थिर है और उनकी 48 घंटे तक निगरानी की जाएगी।

सतबीर ने बताया कि उन्होंने जहर जनता दरबार के बाहर से लिया था और फिर अंदर जाकर अपना मामला रखा। उनका कहना है कि उन्हें विधायक नंद किशोर गुर्जर से जान का खतरा है और उनकी सुरक्षा की आवश्यकता है।
विधायक पर गंभीर आरोप
सतबीर गुर्जर ने अपने आवेदन में विधायक नंद किशोर गुर्जर पर लोनी क्षेत्र की जनता पर अत्याचार और दमन करने का आरोप लगाया है। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि अप्रैल में नंद किशोर ने एक षड्यंत्रकारी कलश यात्रा निकाली थी, जिसका उद्देश्य योगी सरकार को अस्थिर करना था। सतबीर ने सोशल मीडिया पर इस साजिश का खुलासा किया था, जिसके बाद विधायक द्वारा उन पर लगातार अत्याचार किए जा रहे हैं।
‘नंदू टैक्स’ और आर्थिक हितों का आरोप
पूर्व सैनिक ने यह भी आरोप लगाया कि लोनी क्षेत्र में ‘नंदू टैक्स’ के नाम पर प्रतिदिन करोड़ों रुपए वसूले जा रहे हैं, जिनका एक हिस्सा भाजपा के शीर्ष नेताओं तक पहुंचता है। इस आर्थिक घोटाले को लेकर उन्होंने प्रशासन और सरकार से जांच की मांग की है।
मुख्यमंत्री से सुरक्षा की मांग
सतबीर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हाथ जोड़कर प्रार्थना की है कि उनकी जान और सुरक्षा की रक्षा की जाए क्योंकि विधायक के उत्पीड़न से वे स्वयं को खतरे में महसूस कर रहे हैं। उनकी यह घटना प्रशासन और राजनीतिक जगत में चिंता का विषय बनी हुई है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
इस गंभीर मामले को देखते हुए प्रशासन सतबीर गुर्जर की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दे रहा है। अधिकारियों ने मामले की गंभीरता स्वीकार करते हुए जांच शुरू कर दी है। इसके साथ ही क्षेत्र में राजनीतिक हलचल बढ़ने की संभावना है।
यह मामला न केवल राजनीतिक विवाद का रूप ले रहा है बल्कि प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है। आगे की कार्रवाई पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।











