Heart Health : आज के दौर में हार्ट से जुड़ी बीमारियां केवल उम्रदराज लोगों तक सीमित नहीं रह गई हैं। कम उम्र के युवाओं में भी हार्ट ब्लॉकेज और हृदय संबंधी समस्याओं के मामले देखने को मिल रहे हैं। इसके पीछे खराब जीवनशैली, लगातार मानसिक तनाव, शारीरिक गतिविधियों की कमी और असंतुलित खानपान जैसे कई कारण माने जाते हैं। खासकर जंक फूड, तली-भुनी चीजें, प्रोसेस्ड फूड और अधिक चीनी का सेवन शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ा सकता है।
लंबे समय तक बैठे रहना भी बन सकता है जोखिम
आज बड़ी संख्या में लोग काम या पढ़ाई के कारण घंटों एक ही जगह बैठे रहते हैं। शारीरिक गतिविधि कम होने से मेटाबॉलिज्म प्रभावित हो सकता है और वजन बढ़ने के साथ हृदय पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। ऐसे में नियमित व्यायाम, संतुलित भोजन और पर्याप्त नींद को स्वस्थ दिल के लिए जरूरी माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, खानपान में कुछ पौष्टिक खाद्य पदार्थों को शामिल करना हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है।
चुकंदर में मौजूद नाइट्रेट हो सकता है फायदेमंद
चुकंदर को पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थ माना जाता है। इसमें प्राकृतिक नाइट्रेट मौजूद होते हैं, जिन्हें शरीर नाइट्रिक ऑक्साइड में बदलता है। नाइट्रिक ऑक्साइड रक्त वाहिकाओं को रिलैक्स करने और रक्त प्रवाह को बेहतर बनाने में भूमिका निभाता है। इसके कारण ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में भी मदद मिल सकती है। हालांकि, चुकंदर किसी मौजूदा हार्ट ब्लॉकेज को सीधे खत्म करने वाली दवा नहीं है।
बेरीज एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती हैं
स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी, रास्पबेरी और अन्य बेरीज में एंटीऑक्सीडेंट तथा पॉलीफेनॉल जैसे यौगिक पाए जाते हैं। इनमें मौजूद एंथोसायनिन जैसे तत्व हृदय और रक्त वाहिकाओं के स्वास्थ्य के लिए उपयोगी माने जाते हैं। संतुलित आहार का हिस्सा बनाकर बेरीज का सेवन किया जा सकता है। इनके सेवन से शरीर को जरूरी पोषक तत्व और एंटीऑक्सीडेंट मिलते हैं, जो समग्र हृदय स्वास्थ्य को सपोर्ट कर सकते हैं।
लहसुन को डाइट में शामिल करना हो सकता है उपयोगी
लहसुन में एलिसिन नामक सक्रिय यौगिक पाया जाता है। कुछ अध्ययनों में लहसुन के सेवन को ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल के स्तर पर संभावित सकारात्मक प्रभाव से जोड़ा गया है। इसे भोजन में नियमित रूप से शामिल किया जा सकता है। हालांकि, खाली पेट कच्चे लहसुन की कलियां खाने को हार्ट ब्लॉकेज खोलने का प्रमाणित इलाज नहीं माना जाना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति को हृदय संबंधी बीमारी है तो डॉक्टर की सलाह जरूरी है।
हल्दी में मौजूद करक्यूमिन रखता है सूजन पर नजर
हल्दी भारतीय रसोई का महत्वपूर्ण मसाला है और इसमें करक्यूमिन नामक यौगिक पाया जाता है। करक्यूमिन में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण बताए जाते हैं। संतुलित मात्रा में हल्दी का सेवन शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और सूजन से जुड़े कुछ प्रभावों को कम करने में मदद कर सकता है। इसे भोजन में मसाले के रूप में शामिल करना आसान है।
अनार में मौजूद पॉलीफेनॉल दिल के लिए उपयोगी
अनार को भी हृदय के लिए उपयोगी फलों में शामिल किया जाता है। इसमें पॉलीफेनॉल और अन्य एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाव में भूमिका निभा सकते हैं। संतुलित डाइट में अनार शामिल करने से रक्त वाहिकाओं के स्वास्थ्य को सपोर्ट मिल सकता है। हालांकि, केवल अनार खाने से धमनियों में मौजूद ब्लॉकेज खत्म होने का दावा वैज्ञानिक रूप से उचित नहीं है।
दालचीनी से कोलेस्ट्रॉल प्रबंधन में मिल सकती है मदद
दालचीनी में कई ऐसे प्राकृतिक यौगिक होते हैं, जिन पर मेटाबॉलिक और हृदय स्वास्थ्य को लेकर शोध किया गया है। कुछ अध्ययनों में इसके सेवन को ब्लड शुगर, ट्राइग्लिसराइड्स और कोलेस्ट्रॉल के स्तर पर संभावित प्रभाव से जोड़ा गया है। हालांकि, दालचीनी का अत्यधिक सेवन नुकसानदायक भी हो सकता है। इसलिए इसे सीमित मात्रा में भोजन का हिस्सा बनाना बेहतर है।
हार्ट ब्लॉकेज में डॉक्टर की सलाह सबसे जरूरी
चुकंदर, बेरीज, लहसुन, हल्दी, अनार और दालचीनी जैसे खाद्य पदार्थ संतुलित डाइट का हिस्सा हो सकते हैं, लेकिन किसी भी खाद्य पदार्थ से धमनियों में मौजूद हार्ट ब्लॉकेज को सीधे खोलने का दावा नहीं किया जा सकता। सीने में दर्द, सांस फूलना, अत्यधिक पसीना या अचानक कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए। हृदय को स्वस्थ रखने के लिए पौष्टिक आहार के साथ नियमित शारीरिक गतिविधि, वजन नियंत्रण, धूम्रपान से दूरी और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच भी महत्वपूर्ण है।
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