West Bengal Politics : पश्चिम बंगाल के हुगली जिले में रविवार को उस समय तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब पूर्व टीएमसी (TMC) विधायक रामेंदु सिन्हा राय को पुलिस द्वारा धानियाखाली थाने लाया गया। जैसे ही पुलिस की गाड़ी थाने पहुंची, वहां पहले से मौजूद भीड़ ने पूर्व विधायक के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। लोगों ने उन्हें ‘चोर’ करार देते हुए अपना आक्रोश व्यक्त किया और कई प्रदर्शनकारियों ने उनकी गाड़ी पर अंडे भी फेंके। रामेंदु सिन्हा राय, जो पूर्व में तारकेश्वर विधानसभा सीट से विधायक रह चुके हैं, उन्हें कर्नाटक के बेलगावी से गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर हुगली स्थानांतरित किया है। उन पर सरकारी राहत सामग्री की चोरी करने और विरोध करने पर हथियार दिखाकर लोगों को डराने-धमकाने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं।

चुनाव बाद TMC नेताओं के खिलाफ बढ़ता जनाक्रोश
बंगाल में हालिया विधानसभा चुनावों के बाद टीएमसी नेताओं के विरुद्ध जनता के विरोध की यह कोई पहली घटना नहीं है। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, यह इस तरह का छठा मामला है जहाँ किसी बड़े नेता को सार्वजनिक रूप से स्थानीय निवासियों के आक्रोश का सामना करना पड़ा है। राज्य में भाजपा के सत्ता में आने के बाद से टीएमसी के कई बड़े चेहरे लगातार कानूनी कार्रवाई और जन-विरोध के घेरे में आ रहे हैं। राज्य भर में कई नेताओं की गिरफ्तारी के बाद अब हुगली की यह घटना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है। जनता की नाराजगी का यह बढ़ता स्वरूप राज्य की बदलती राजनीतिक फिजा को स्पष्ट रूप से दर्शा रहा है।

क्या है पूरा मामला? राहत सामग्री चोरी और आर्म्स एक्ट का आरोप
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, घटना 11 जून की शाम की है। हुगली जिले के धानियाखाली थाना अंतर्गत कोटालपुर स्थित विवेकानंद टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज से सरकारी राहत सामग्री को चोरी-छिपे बाहर ले जाया जा रहा था। आरोप है कि पूर्व विधायक रामेंदु सिन्हा राय अपने सहयोगियों के साथ मिलकर वाहनों में भारी मात्रा में यह सामान लादकर ले जा रहे थे। जब वहां मौजूद स्थानीय भाजपा समर्थकों ने इस अवैध गतिविधि का विरोध किया, तो सिन्हा राय ने उन पर हथियार तानकर जान से मारने की धमकी दी और वहां से फरार हो गए। इस घटना के बाद 12 जून को पुलिस ने विधायक और उनके साथियों के खिलाफ बीएनएस (BNS) और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया।
कॉलेज परिसर से बरामद हुआ सरकारी सामान
कानूनी कार्रवाई के बाद, पुलिस ने कॉलेज परिसर में गहन तलाशी अभियान चलाया। जांच के दौरान पुलिस को वहां से भारी मात्रा में सरकारी राहत सामग्री बरामद हुई है। इसमें बड़ी संख्या में तिरपाल, कंबल, डस्टबिन और अन्य उपयोगी वस्तुएं शामिल थीं, जिन्हें कथित तौर पर निजी स्वार्थ के लिए वहां छुपाकर रखा गया था। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इन सामग्रियों को कॉलेज में क्यों रखा गया था और इनके वितरण का क्या आधार था। फिलहाल, पुलिस प्रशासन ने आरोपी पूर्व विधायक को अपनी हिरासत में ले लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है ताकि गिरोह में शामिल अन्य लोगों और इस चोरी के पीछे के मुख्य मास्टरमाइंड का पर्दाफाश किया जा सके। इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
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