Imran Khan Sons Visa
Imran Khan Sons Visa: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पीटीआई (PTI) प्रमुख इमरान खान पिछले 914 दिनों से सलाखों के पीछे हैं। इस लंबे समय के दौरान न केवल उनकी राजनीतिक स्वतंत्रता छीनी गई है, बल्कि अब उनके परिवार ने सरकार पर मानवीय संवेदनाओं को ताक पर रखने का आरोप लगाया है। लंदन में अपनी मां जेमिमा गोल्डस्मिथ के साथ रह रहे इमरान के बेटों, कासिम और सुलेमान खान ने दावा किया है कि वे अपने पिता से मिलने के लिए व्याकुल हैं, लेकिन शहबाज शरीफ सरकार जानबूझकर उनके वीजा आवेदनों को मंजूरी नहीं दे रही है। यह मामला अब केवल एक कानूनी लड़ाई न रहकर एक बड़े मानवीय संकट में बदल गया है।
कासिम खान ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपने पिता की स्वास्थ्य स्थिति पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इमरान खान को एकांत कारावास में रखा गया है, जहाँ उनका स्वास्थ्य लगातार गिर रहा है। परिवार का कहना है कि पूर्व प्रधानमंत्री को बुनियादी चिकित्सा देखभाल और उनके निजी डॉक्टरों तक पहुंच से वंचित रखा जा रहा है। कासिम ने इसे “क्रूर सजा” करार देते हुए कहा कि बच्चों को उनके बीमार पिता से मिलने से रोकना मौलिक मानवाधिकारों का सीधा उल्लंघन है। पाकिस्तान के भीतर भी उनके समर्थक लगातार उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
अपने पिता की जान को खतरा बताते हुए कासिम खान ने अब वैश्विक मंच का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों और दुनिया भर की सरकारों से इस मामले में तुरंत दखल देने की गुहार लगाई है। कासिम का मानना है कि यदि वैश्विक शक्तियों ने पाकिस्तान सरकार पर दबाव नहीं बनाया, तो उनके पिता के साथ कोई अनहोनी हो सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना किसी ठोस कारण के परिवार को मिलने से रोकना और चिकित्सा सहायता न देना अंतरराष्ट्रीय कानूनों के खिलाफ है, जिस पर विश्व समुदाय को संज्ञान लेना चाहिए।
हाल ही में जब इमरान खान की तबीयत अधिक बिगड़ी, तो उन्हें अत्यंत गोपनीय तरीके से ‘पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज’ (PIMS) ले जाया गया। इस गुप्त स्थानांतरण ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। पीटीआई (PTI) ने अधिकारियों के इस कदम की कड़ी निंदा की है, क्योंकि न तो उनके परिवार को और न ही उनकी लीगल टीम को इस बारे में सूचित किया गया था। पार्टी का आरोप है कि सरकार उनकी सेहत से जुड़ी जानकारी छिपा रही है और उन्हें उनके निजी चिकित्सकों से मिलने न देना एक गहरी साजिश का हिस्सा हो सकता है।
इमरान खान को जेल में दी जाने वाली सुविधाओं को लेकर उनकी पार्टी और मानवाधिकार कार्यकर्ता लगातार सवाल उठाते रहे हैं। कासिम ने दोहराया कि 900 से अधिक दिनों तक किसी व्यक्ति को बाहरी दुनिया से पूरी तरह काटकर रखना अमानवीयता की पराकाष्ठा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वीजा प्रक्रिया में इसी तरह देरी जारी रही, तो यह मामला कूटनीतिक स्तर पर पाकिस्तान के लिए मुश्किलें पैदा कर सकता है। पारिवारिक मुलाकातें किसी भी कैदी का बुनियादी अधिकार हैं, और इसे रोकना पाकिस्तान की वर्तमान सरकार की छवि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धूमिल कर सकता है।
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