IND A vs SL A: त्रिकोणीय श्रृंखला (ट्राई सीरीज) के रोमांचक शुरुआती मुकाबले में इंडिया ए की टीम ने शानदार खेल दिखाते हुए श्रीलंका को 8 रनों से पराजित कर दिया है। इस मैच का फैसला आखिरी ओवरों की अंतिम गेंदों पर जाकर हुआ, जहां भारतीय टीम ने बाजी मारी। मैच में पहले बल्लेबाजी का न्योता मिलने पर टीम इंडिया ने निर्धारित 50 ओवरों में 6 विकेट खोकर 277 रनों का एक मजबूत स्कोर खड़ा किया। भारत की ओर से सलामी बल्लेबाज ऋतुराज गायकवाड़ ने बेहतरीन शतकीय पारी खेली। जवाब में लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की टीम एक समय बेहद मजबूत स्थिति में थी, लेकिन वह 48.5 ओवरों में 269 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। आखिरी ओवर में अरशद खान की कातिलाना गेंदबाजी ने मैच का रुख पलट दिया। गायकवाड़ को उनकी शानदार बल्लेबाजी के लिए ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया।

शुरुआती झटकों के बाद ऋतुराज गायकवाड़ ने संभाली भारतीय पारी
भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही और जिन बल्लेबाजों से बड़ी उम्मीदें थीं, वे पूरी तरह फ्लॉप साबित हुए। सलामी बल्लेबाज वैभव सिर्फ 14 गेंदों में 12 रन बनाकर पवेलियन लौट गए, जबकि विकेटकीपर बल्लेबाज प्रभसिमरन सिंह का बल्ला भी नहीं चला और वे 11 गेंदों में महज 2 रन ही बना सके। दो विकेट जल्दी गिर जाने के बाद ऋतुराज गायकवाड़ ने मोर्चा संभाला। उन्होंने प्रियांश आर्या के साथ मिलकर भारतीय पारी को आगे बढ़ाया। दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए 53 गेंदों में 53 रनों की सूझबूझ भरी साझेदारी हुई। प्रियांश इस मैच में दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से 32 गेंदों में 32 रन बनाकर आउट हुए।

ऋतुराज और तिलक वर्मा के बीच चौथे विकेट के लिए 150 रनों की महासाझेदारी
प्रियांश आर्या के आउट होने के बाद गायकवाड़ को कप्तान तिलक वर्मा का साथ मिला। दोनों बल्लेबाजों ने श्रीलंकाई गेंदबाजों की क्लास लेते हुए चौथे विकेट के लिए 150 रनों की एक विशाल और मैच जिताऊ साझेदारी की। इस दौरान गायकवाड़ ने अपना शानदार शतक पूरा किया। उन्होंने 114 गेंदों का सामना करते हुए 101 रनों की पारी खेली, जिसमें छह शानदार चौके और तीन गगनचुंबी छक्के शामिल थे। दूसरी तरफ, कप्तान तिलक वर्मा ने एंकर की भूमिका निभाई, हालांकि उनकी बल्लेबाजी थोड़ी धीमी रही। उन्होंने 97 गेंदें खेलकर 60 रनों का योगदान दिया।
लोअर ऑर्डर में बडोनी और सूर्यांश की आतिशी बल्लेबाजी से बना बड़ा स्कोर
मध्यक्रम के बल्लेबाजों के आउट होने के बाद अंतिम ओवरों में आयुष बडोनी और सूर्यांश शेगडे ने मोर्चा संभाला। दोनों ने तेजी से रन बटोरते हुए टीम को एक चुनौतीपूर्ण योग तक पहुंचाया। बडोनी ने महज 18 गेंदों में 24 रनों की उपयोगी पारी खेली, जबकि सूर्यांश शेगडे ने सिर्फ 14 गेंदों पर 26 रन कूट डाले। इन दोनों की तेजतर्रार बल्लेबाजी की बदौलत भारतीय टीम 277 के स्कोर तक पहुंचने में सफल रही, जिसने अंत में निर्णायक भूमिका निभाई।
श्रीलंकाई ओपनर्स ने दी मजबूत शुरुआत
278 रनों के चुनौतीपूर्ण लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की टीम को उनके सलामी बल्लेबाजों ने बेहद मजबूत शुरुआत दी। विकेटकीपर बल्लेबाज निरोशन डिकवेला और अविष्का फर्नांडो ने पहले विकेट के लिए 93 रनों की साझेदारी कर भारतीय खेमे में खलबली मचा दी। डिकवेला 47 रन और अविष्का 45 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद सदीरा समरविक्रमा ने भी 46 रनों की अच्छी पारी खेली। श्रीलंका के लिए सबसे बड़ी पारी उनके कप्तान सहान अराच्चिगे ने खेली। उन्होंने 72 गेंदों में 6 चौकों और 2 छक्कों की मदद से सर्वाधिक 74 रन बनाए।
आखिरी ओवर का रोमांच
एक समय मैच पूरी तरह से श्रीलंका की मुट्ठी में नजर आ रहा था और उसकी जीत पक्की लग रही थी। लेकिन भारतीय गेंदबाजों और फील्डरों ने हार नहीं मानी और अंतिम ओवरों में जबरदस्त वापसी की। श्रीलंका ने अपनी पारी के आखिरी यानी 49वें ओवर में महज कुछ गेंदों के भीतर अपने अंतिम तीन विकेट गंवा दिए। पारी का यह निर्णायक 49वां ओवर तेज गेंदबाज अरशद खान फेंक रहे थे। अरशद ने दबाव के क्षणों में सटीक लाइन-लेंथ से गेंदबाजी की और इस ओवर में दो महत्वपूर्ण विकेट चटकाकर श्रीलंका की उम्मीदों पर पानी फेर दिया, जिससे पूरी श्रीलंकाई टीम ऑलआउट हो गई।
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