India China Border Tension : अरुणाचल प्रदेश में भारत और चीन के सैनिकों के बीच तनाव को लेकर देश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर के बयान के बाद विपक्ष ने केंद्र सरकार की राष्ट्रीय सुरक्षा नीति पर सवाल उठाए हैं। उनके मुताबिक, पिछले कुछ महीनों के दौरान अरुणाचल प्रदेश में कई स्थानों पर भारतीय और चीनी सैनिक आमने-सामने आए थे। कुछ जगहों पर टकराव जैसी परिस्थितियां भी बनी थीं। इस बयान के बाद विपक्षी नेताओं ने सरकार से सीमाई सुरक्षा को लेकर स्पष्टीकरण मांगा है।
अभिजीत दीपके ने सरकार की प्राथमिकताओं पर उठाए सवाल
सीजेपी नेता अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की सीमाओं की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार सुरक्षा बलों को नागरिकों के विरोध-प्रदर्शनों को रोकने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। दीपके की टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब आईटीबीपी प्रमुख के बयान के बाद सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। उन्होंने सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए सीमाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च महत्व देने की मांग की।
दिल्ली को किले में बदलने का लगाया आरोप
अभिजीत दीपके ने अपनी पोस्ट में कहा कि सरकार अपने ही देश के नागरिकों के खिलाफ सुरक्षा बलों का इस्तेमाल करके राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डाल रही है। उनके अनुसार, देश की सीमाओं को सुरक्षित करना प्राथमिकता होनी चाहिए, न कि शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शनों को नियंत्रित करने के लिए राजधानी दिल्ली को किले में बदल देना। दीपके के इस बयान ने सुरक्षा बलों की तैनाती और सरकार की रणनीति को लेकर राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। हालांकि, ये टिप्पणियां विपक्षी नेता के आरोप हैं।
कांग्रेस ने भी चीन नीति पर सरकार को घेरा
दीपके से पहले कांग्रेस ने भी केंद्र सरकार से सवाल पूछे थे। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सीमा पर तनाव और चीन के साथ भारत के संबंधों को लेकर सरकार की नीति पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल उठाया कि सीमा पर तनाव के बावजूद चीन के प्रति नरमी और आर्थिक क्षेत्र में बढ़ती निर्भरता को किस तरह का राष्ट्रवाद कहा जा सकता है। रमेश ने कहा कि देश को बड़े-बड़े दावों के बजाय राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर स्पष्ट जवाब चाहिए। कांग्रेस ने सरकार से सीमा की स्थिति और चीन के प्रति उसकी रणनीति को स्पष्ट करने की मांग की है।
जुलाई के अंत से असाफिला और माजा में तनाव
आईटीबीपी के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर के अनुसार, जुलाई के अंत से अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सुबनसिरी जिले के असाफिला और माजा क्षेत्रों में तनाव बना हुआ है। उन्होंने बताया कि भारत ने सीमा पर अपनी तैनाती बढ़ाई है। उनके बयान के मुताबिक, बदलती सुरक्षा चुनौतियों के मद्देनजर पारंपरिक युद्ध की तैयारियों के साथ आधुनिक तकनीक और उपकरणों पर भी ध्यान दिया जा रहा है। हालांकि, इन घटनाओं के बारे में विस्तृत आधिकारिक जानकारी और दोनों पक्षों की प्रतिक्रिया सामने आना महत्वपूर्ण होगा।
ड्रोन और आधुनिक तकनीक पर बढ़ रहा जोर
शत्रुजीत कपूर ने कहा कि ड्रोन तकनीक के आने से पारंपरिक सैन्य अभियानों का स्वरूप बदल रहा है। ऐसे में सुरक्षा बलों के लिए बड़ी संख्या में ड्रोन और ड्रोन-रोधी प्रणालियों को अपनाना जरूरी होता जा रहा है। उन्होंने जवानों, हथियारों, वाहनों और सीमा चौकियों के आधुनिकीकरण में निवेश की जरूरत पर भी जोर दिया। उनके बयान से स्पष्ट है कि सीमाई चुनौतियों का सामना करने के लिए आधुनिक तकनीक और बेहतर निगरानी व्यवस्था को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सीमा सुरक्षा पर राजनीतिक बहस तेज
आईटीबीपी प्रमुख के बयान के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा, चीन के साथ सीमा पर तनाव और देश के भीतर सुरक्षा बलों की तैनाती जैसे मुद्दे राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गए हैं। विपक्ष सरकार से जवाब मांग रहा है, जबकि सीमाई सुरक्षा के लिए आधुनिक संसाधनों की आवश्यकता पर भी जोर दिया जा रहा है। अब इस पूरे मामले में सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया और सीमा पर वास्तविक स्थिति से जुड़े तथ्यों पर नजर रहेगी।
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