ईरान ने चेतावनी दी है कि अमेरिका या इजराइल के नए हमले का जवाब पहले से अधिक व्यापक हो सकता है। इसी बीच, नेतन्याहू की कथित बमबारी योजना पर ट्रंप की आपत्ति की खबर सामने आई है। क्या कूटनीति युद्ध रोक पाएगी, या मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ेगा?
ईरान ने चेतावनी दी है कि अमेरिका या इजराइल के नए हमले का जवाब पहले से अधिक व्यापक हो सकता है। इसी बीच, नेतन्याहू की कथित बमबारी योजना पर ट्रंप की आपत्ति की खबर सामने आई है। क्या कूटनीति युद्ध रोक पाएगी, या मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ेगा?

Iran Israel War : मध्य पूर्व में ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच सैन्य तनाव फिर बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। ईरानी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि नया हमला होने पर जवाब पहले से अधिक व्यापक हो सकता है। तेहरान अपनी सैन्य रणनीति, मिसाइल क्षमता और हवाई रक्षा व्यवस्था में बदलाव करने का दावा कर रहा है।

सैन्य विशेषज्ञ मोहम्मद सादेक अलीजादेह के अनुसार, पिछले संघर्षों से मिले अनुभवों के आधार पर ईरान ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC), नौसेना और सेना की हवाई रक्षा रणनीति में बदलाव किए हैं। उनका दावा है कि कुछ मिसाइलों को आधुनिक बनाया गया है, ताकि उन्हें तेजी से सक्रिय किया जा सके और सैन्य आपूर्ति संबंधी मुश्किलें कम हों।

अलीजादेह के मुताबिक, ईरान ने अपनी कुछ मिसाइल प्रणालियों में मॉड्यूलर तकनीक अपनाई है। इसके अलावा, तटीय क्षेत्रों में इस्तेमाल होने वाली जहाजरोधी मिसाइलों की क्षमता जांचने के लिए सैन्य अभ्यास किए गए हैं। मित्र देशों से हाइपरसोनिक जहाजरोधी हथियार खरीदने की संभावनाओं की भी खबरें सामने आई हैं। हालांकि, इन हथियारों की उपलब्धता और वास्तविक क्षमता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
IRGC के पूर्व कमांडर होसैन कनानी मोगद्दाम ने चेतावनी दी कि नए हमले की स्थिति में ईरान की जवाबी कार्रवाई मध्य पूर्व में अमेरिकी ठिकानों और इजराइली सैन्य स्थलों तक सीमित नहीं रह सकती। उन्होंने हाइफा, तेल अवीव और डिमोना परमाणु प्रतिष्ठान का उल्लेख किया। उन्होंने कुछ ऐसे हथियारों के इस्तेमाल की संभावना भी जताई, जिन्हें पहले तैनात नहीं किया गया है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
ईरान के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी मोहसेन रेजाई ने पहले के संघर्षों से अधिक विनाशकारी योजना तैयार होने का दावा किया है। वहीं, IRGC के प्रवक्ता होसैन मोहेब्बी ने होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास समुद्र के नीचे बिछी सात प्रमुख इंटरनेट केबलों को संभावित निशाना बनाने का संकेत दिया। ऐसी किसी कार्रवाई से वैश्विक संचार और ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका हो सकती है।

फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में ईरान पर कई दिनों तक बमबारी की योजना बनाई थी। कथित योजना में बिजली संयंत्रों, परमाणु प्रतिष्ठानों और ईरानी सरकार से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाना शामिल था। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस कदम का समर्थन नहीं किया और अभियान स्थगित हो गया। हालांकि, अमेरिका की संभावित सैन्य भागीदारी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
अमेरिका और ईरान के बीच समझौता कराने के लिए कतर और पाकिस्तान कूटनीतिक प्रयास कर रहे हैं। संभावित समझौते में होर्मुज जलडमरूमध्य और ईरान के परमाणु कार्यक्रम जैसे मुद्दे शामिल हो सकते हैं। दूसरी ओर, इजराइल ने चेतावनी दी है कि हिजबुल्लाह के संघर्ष में शामिल होने पर लेबनान को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। इराक के सशस्त्र गुटों की संभावित भागीदारी भी क्षेत्रीय तनाव बढ़ा सकती है। फिलहाल, कूटनीतिक समाधान की कोशिशों और सैन्य चेतावनियों के बीच हालात पर नजर बनी हुई है।
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