Forex Reserve : भारत की अर्थव्यवस्था से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। देश के विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserve) में लगातार सातवें सप्ताह गिरावट दर्ज की गई है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 23 अक्टूबर 2026 को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 1.269 अरब डॉलर घटकर 719.748 अरब डॉलर रह गया। इससे पहले 16 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में भी इसमें 5.011 अरब डॉलर की बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी। हालांकि, इस बार गिरावट की प्रमुख वजह विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में कमी नहीं, बल्कि सोने के भंडार के मूल्य में आई गिरावट रही।

विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में दर्ज हुई बढ़ोतरी
आरबीआई के साप्ताहिक आंकड़ों के अनुसार, आलोच्य सप्ताह के दौरान भारत की विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों (FCA) में 1.358 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई है। इसके साथ ही एफसीए का कुल मूल्य बढ़कर 593.205 अरब डॉलर पहुंच गया। इससे पहले लगातार गिरावट के कारण 16 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में 5.758 अरब डॉलर की कमी आई थी। विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां देश के कुल विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा होती हैं। इनमें डॉलर के अलावा यूरो, ब्रिटिश पाउंड और जापानी येन जैसी अन्य विदेशी मुद्राओं के मूल्य में होने वाले उतार-चढ़ाव का प्रभाव भी शामिल रहता है।

सोने के भंडार की कीमत में 2.65 अरब डॉलर की गिरावट
विदेशी मुद्रा भंडार में आई ताजा गिरावट की सबसे बड़ी वजह सोने के मूल्य में कमी रही। आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक, 23 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में भारत के गोल्ड रिजर्व की वैल्यू 2.650 अरब डॉलर घट गई। इसके बाद सोने के भंडार का कुल मूल्य घटकर 103.150 अरब डॉलर रह गया। इससे पिछले सप्ताह गोल्ड रिजर्व के मूल्य में 706 मिलियन डॉलर की बढ़ोतरी हुई थी। गौरतलब है कि मार्च 2026 के अंत तक आरबीआई के पास 880.52 टन सोना मौजूद था। देश के कुल विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी लगभग 16.7 प्रतिशत थी। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में गिरावट का सीधा असर विदेशी मुद्रा भंडार के कुल मूल्य पर पड़ता है।
SDR भंडार में बढ़ोतरी, IMF रिजर्व में मामूली कमी
आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, भारत के स्पेशल ड्रॉइंग राइट्स (SDR) में भी बढ़ोतरी हुई है। 23 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह के दौरान एसडीआर भंडार 27 मिलियन डॉलर बढ़कर 18.605 अरब डॉलर हो गया। इससे पहले भी इसमें 30 मिलियन डॉलर की वृद्धि हुई थी। दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के पास रखे भारत के रिजर्व में 4 मिलियन डॉलर की मामूली कमी आई है। इसके बाद यह घटकर 4.787 अरब डॉलर रह गया। पिछले सप्ताह आईएमएफ रिजर्व में 11 मिलियन डॉलर की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी।
सात सप्ताह में 65.955 अरब डॉलर घटा विदेशी मुद्रा भंडार
भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में पिछले सात सप्ताह के दौरान कुल 65.955 अरब डॉलर की कमी आई है। आंकड़ों के मुताबिक, 11 सितंबर से 23 अक्टूबर 2026 के बीच लगातार गिरावट दर्ज की गई। 9 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में 8.578 अरब डॉलर की कमी हुई थी, जबकि 16 अक्टूबर को 5.011 अरब डॉलर घटे थे। अब 23 अक्टूबर को 1.269 अरब डॉलर की गिरावट दर्ज की गई है।

सितंबर में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचा था फॉरेक्स रिजर्व
गौरतलब है कि 4 सितंबर 2026 तक लगातार 10 सप्ताह विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी हुई थी। इस दौरान FCNR(B) योजना के तहत विदेशी मुद्रा जुटाने की विशेष मुहिम का भी योगदान रहा। इसके बाद 4 सितंबर को भारत का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर 785.706 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था। लेकिन इसके बाद लगातार सात सप्ताह की गिरावट ने इस रिकॉर्ड बढ़त का बड़ा हिस्सा कम कर दिया है।
सात सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार में कितनी गिरावट हुई?
आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक विदेशी मुद्रा भंडार में साप्ताहिक गिरावट इस प्रकार रही:
| तारीख | गिरावट (अरब डॉलर) |
|---|---|
| 11 सितंबर 2026 | 4.924 |
| 18 सितंबर 2026 | 14.881 |
| 25 सितंबर 2026 | 18.343 |
| 2 अक्टूबर 2026 | 12.952 |
| 9 अक्टूबर 2026 | 8.578 |
| 16 अक्टूबर 2026 | 5.011 |
| 23 अक्टूबर 2026 | 1.269 |


