Indian Army New Dress Code : भारतीय सेना ने अपने ड्रेस कोड और यूनिफॉर्म नियमों में एक ऐतिहासिक बदलाव लागू किया है। इस नए सैन्य मैनुअल को जारी करते हुए एडजुटेंट जनरल लेफ्टिनेंट जनरल वीपीएस कौशिक ने स्पष्ट किया कि इन बड़े बदलावों का मुख्य उद्देश्य अंग्रेजों की गुलामी के दौर से चली आ रही पुरानी परंपराओं और प्रतीकों को हमेशा के लिए पीछे छोड़ना है। उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ देशवासियों की भावनाओं, सांस्कृतिक गौरव और भारत की मजबूत होती अंतरराष्ट्रीय पहचान को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। अब भारतीय सेना एक नए और स्वदेशी रंग-रूप में देश की सेवा करती नजर आएगी।

सैन्य अधिकारियों के लिए बंडी जैकेट और विंटर यूनिफॉर्म के नए नियम
नए सैन्य मैनुअल के तहत अब सेना के अधिकारियों के पहनावे में आधुनिकता और भारतीयता का समावेश किया गया है। अब सैन्य अधिकारी औपचारिक अवसरों पर पारंपरिक बंद गले वाली बंडी जैकेट पहन सकेंगे। यह जैकेट पूरी आस्तीन वाली शर्ट के ऊपर पहनी जाएगी, जिसे हुक के साथ या बिना हुक के डिजाइन किया जा सकता है, बशर्ते इसका रंग पूरी तरह सोबर और सॉलिड होना चाहिए। इसके साथ मैचिंग फॉर्मल ट्राउजर और बंद फॉर्मल जूते पहनना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, सभी रैंक के अधिकारियों के लिए विंटर यूनिफॉर्म ‘3B’ पेश की गई है, जिसमें अंगोला शर्ट के साथ बैटल जैकेट और बेरेट (टोपी) शामिल होगी। वहीं, अब परेड के दौरान अधिकारियों के लिए तलवार ले जाने की अनिवार्यता को समाप्त कर इसे पूरी तरह वैकल्पिक बना दिया गया है।

महिला सैन्य अधिकारियों के पहनावे और ग्रूमिंग के लिए सख्त गाइडलाइंस
नए नियमों में महिला सैन्य अधिकारियों और सैनिकों के पहनावे तथा सजने-संवरने को लेकर बेहद स्पष्ट और सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। अब महिला अधिकारी आधिकारिक तौर पर हल्के रंगों की साड़ी, कुर्ता-सलवार या दुपट्टे के साथ टखने तक की सीधी पैंट पहन सकेंगी। हालांकि, ड्यूटी के दौरान स्लीवलेस कुर्ता, प्लाजो और सिगरेट पैंट पहनने पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई है। इसके साथ ही, महिला सैनिकों के लिए लिपस्टिक, रंगीन नेल पॉलिश, बिंदी और नोज पिन लगाने पर रोक रहेगी। विवाहित महिला अधिकारी सिंदूर लगा सकती हैं, लेकिन उन्हें इसे इस तरह लगाना होगा कि सिर पर बेरेट या पीक कैप पहनने के बाद वह बाहर से दिखाई न दे।
औपचारिक कार्यक्रमों की पोशाक से हटेगा चमकीला पाउच बेल्ट
सेना के विशिष्ट ड्रेस कोड नंबर 5 और 6 में भी एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। अब इन पोशाकों के साथ पहना जाने वाला पारंपरिक चमकीला पाउच बेल्ट नजर नहीं आएगा। सामान्यतः यह ड्रेस राष्ट्रपति भवन, राजभवन के राजकीय आयोजनों या प्रधानमंत्री और सेना कमांडरों के आवास पर होने वाले उच्च-स्तरीय औपचारिक कार्यक्रमों में पहनी जाती है, जहां से अब इस बेल्ट को हटा दिया गया है। हालांकि, बख्तरबंद कोर, मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री, आर्टिलरी रेजिमेंट, राइफल रेजिमेंट और सिग्नल्स कोर के कर्नल रैंक के अधिकारियों को विशेष छूट दी गई है; वे केवल अपने रेजिमेंटल कार्यक्रमों के दौरान इसे पहनने के पात्र होंगे।
सैनिकों के रहन-सहन, मूंछ के आकार और धार्मिक चिह्नों पर नई नीति
सैन्य अनुशासन को और अधिक मजबूत करने के लिए जवानों के रहन-सहन, ग्रूमिंग और सजने-संवरने के तरीकों को पूरी तरह री-डिफाइन किया गया है। नए नियमों के मुताबिक, अब सैनिकों की मूंछों का आकार किसी भी स्थिति में 12 सेंटीमीटर से अधिक नहीं होना चाहिए। सैनिकों को शरीर के किसी भी हिस्से पर टैटू बनवाने या बॉडी पियर्सिंग (शरीर छिदवाने) कराने की सख्त मनाही होगी। कलाई में किसी भी तरह का फैशनेबल ब्रेसलेट पहनने की अनुमति नहीं होगी, हालांकि पूजा-पाठ के विशेष दिनों में कलाई पर धार्मिक कलावा बांधा जा सकता है।
सिख सैनिकों को मिलने वाली धार्मिक छूट को छोड़कर, अन्य किसी भी धर्म के सैनिक को वर्दी पर कोई भी धार्मिक चिह्न प्रदर्शित करने की इजाजत नहीं होगी। इसके अतिरिक्त, ड्यूटी पर रहते हुए सैनिक किसी भी प्रकार के तेज डियोड्रेंट या परफ्यूम का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे, हालांकि वे शेविंग के बाद सामान्य आफ्टर-शेव लोशन का उपयोग कर सकते हैं।
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