US Iran Talks : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ वार्ता के दावों के बीच, तेहरान ने इसे सिरे से खारिज कर दिया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने एक प्रेस वार्ता में स्पष्ट किया कि आने वाले दिनों में संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ किसी भी स्तर पर कोई औपचारिक बैठक निर्धारित नहीं है। उन्होंने कतर में अपने प्रतिनिधिमंडल की उपस्थिति को अमेरिकी अधिकारियों के साथ किसी भी प्रकार की चर्चा से जोड़ने की अटकलों को बेबुनियाद बताया है। फार्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, ईरान ने इन खबरों को स्पष्ट रूप से नकार दिया है कि दोनों देशों के बीच कोई नई बातचीत होने वाली है।

व्यापक समझौते पर अभी बातचीत शुरू नहीं
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने आगे जोर देते हुए कहा कि अभी तक व्यापक समझौते के लिए कोई भी वार्ता शुरू नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि दोनों देश अभी उस चरण तक नहीं पहुँचे हैं जहाँ अंतिम समझौते पर विचार किया जा सके। बगाई ने स्पष्ट किया कि कतर में उनके प्रतिनिधिमंडल की यात्रा केवल ‘समझौता ज्ञापन’ (MoU) के विशिष्ट प्रावधानों, विशेष रूप से अनुच्छेद 11 के कार्यान्वयन की निगरानी के लिए है। इसका अमेरिका के प्रतिनिधियों के साथ होने वाली किसी भी संभावित बैठक से कोई संबंध नहीं है।

14 सूत्री समझौता ज्ञापन और उसके कड़े प्रावधान
ईरान ने 14 सूत्री समझौता ज्ञापन के अनुच्छेद 13 का हवाला देते हुए बताया कि अंतिम बातचीत तभी संभव है जब इसमें उल्लिखित पांच महत्वपूर्ण प्रावधानों का कार्यान्वयन पूरी तरह शुरू हो जाए। इन प्रावधानों (अनुच्छेद 1, 4, 5, 10 और 11) में विश्वास-निर्माण के उपाय शामिल हैं। विशेष रूप से अनुच्छेद 11 के अंतर्गत अमेरिका को ईरान की उन संपत्तियों और धन को मुक्त करना होगा जो लंबे समय से प्रतिबंधित हैं। ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिका इन शुरुआती उपायों पर ठोस प्रगति नहीं दिखाता, तब तक व्यापक वार्ताओं की मेज पर बैठना संभव नहीं है।
अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का कतर दौरा और तनाव
इस राजनयिक खींचतान के बीच, व्हाइट हाउस ने पुष्टि की है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वरिष्ठ सलाहकार जेरेड कुशनर और अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ कतर की राजधानी दोहा जाएंगे। यह दौरा होर्मुज जलडमरूमध्य में हुई हालिया गोलीबारी के बाद उपजे तनाव को कम करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने बताया कि यह बैठक ईरान के कथित अनुरोध पर आयोजित की गई है, हालांकि तेहरान द्वारा किए गए ताजा खंडन ने स्थिति को और पेचीदा बना दिया है।
राष्ट्रपति ट्रंप की शांति प्रक्रिया को प्राथमिकता
व्हाइट हाउस का स्पष्ट मानना है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। लीविट ने कहा कि ट्रंप चाहते हैं कि ईरान वाशिंगटन के साथ एक सार्थक समझौता करे, जिससे क्षेत्र में चल रही शत्रुता का अंत हो सके। अमेरिका का मानना है कि ईरान के लिए यही उचित समय है कि वह शांति प्रक्रिया में शामिल हो। अब देखना यह होगा कि क्या दोनों देशों के बीच यह गतिरोध आने वाले दिनों में किसी कूटनीतिक समाधान का रास्ता खोल पाएगा या मतभेद और गहरे होंगे।










