Iron Deficiency : शरीर में आयरन की कमी होने पर लोग अक्सर डाइट में आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल करना शुरू कर देते हैं। आयरन शरीर में हीमोग्लोबिन बनाने और ऑक्सीजन के परिवहन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। लेकिन केवल आयरन रिच फूड्स खाना ही पर्याप्त नहीं है। भोजन में मौजूद आयरन का शरीर द्वारा सही तरीके से अवशोषित होना भी जरूरी है। कुछ खाद्य पदार्थ और दवाएं आयरन के अवशोषण को प्रभावित कर सकती हैं, इसलिए इनके सेवन का समय अलग रखना उपयोगी हो सकता है।
आयरन के साथ बैंगन खाने को लेकर सावधानी
सर्टिफाइड न्यूट्रिशनिस्ट लीमा महाजन के अनुसार, आयरन रिच मील के साथ बैंगन का सेवन करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। खासतौर पर बैंगन के छिलके में पाए जाने वाले नेसोनिन नामक एंटीऑक्सीडेंट को लेकर यह दावा किया जाता है कि यह पाचन तंत्र में आयरन के साथ जुड़कर उसके अवशोषण को प्रभावित कर सकता है। हालांकि, इस संबंध में उपलब्ध वैज्ञानिक प्रमाण सीमित हैं। आयरन की कमी होने पर बैंगन को पूरी तरह छोड़ने के बजाय अपनी डाइट को संतुलित रखना बेहतर है।
बैंगन खाना हो तो छिलके का रखें ध्यान
यदि किसी व्यक्ति को आयरन की कमी है और वह आयरन सप्लीमेंट या आयरन से भरपूर भोजन ले रहा है, तो बैंगन को उसी समय खाने से बचने की सलाह दी जाती है। कुछ विशेषज्ञ बैंगन का सेवन करना हो तो उसका छिलका हटाकर खाने का सुझाव देते हैं। हालांकि, आयरन की कमी के कारण और उपचार के लिए डॉक्टर या डाइटिशियन की व्यक्तिगत सलाह अधिक महत्वपूर्ण है।
डेयरी प्रोडक्ट्स आयरन के अवशोषण को कर सकते हैं प्रभावित
दूध, दही और पनीर जैसे डेयरी उत्पाद कैल्शियम के अच्छे स्रोत होते हैं। कैल्शियम कुछ परिस्थितियों में आयरन के अवशोषण को कम कर सकता है। इसलिए अगर कोई व्यक्ति आयरन सप्लीमेंट ले रहा है या आयरन से भरपूर भोजन को डाइट में शामिल कर रहा है, तो उसी समय अधिक मात्रा में डेयरी उत्पाद लेने के बजाय दोनों के बीच अंतर रखना उपयोगी हो सकता है। इससे भोजन से मिलने वाले आयरन के अवशोषण में मदद मिल सकती है।
एंटासिड दवाओं का सेवन करते समय रहें सावधान
कुछ एंटासिड दवाएं पेट में मौजूद एसिड को कम करती हैं, जबकि पेट का एसिड आयरन के अवशोषण में भूमिका निभाता है। इसलिए कुछ लोगों में एंटासिड का इस्तेमाल आयरन के अवशोषण को प्रभावित कर सकता है। यदि डॉक्टर ने एंटासिड और आयरन सप्लीमेंट दोनों लेने की सलाह दी है, तो दोनों दवाओं के बीच उचित अंतर रखने के लिए चिकित्सक या फार्मासिस्ट से निर्देश लेना चाहिए। अपनी मर्जी से दवा का समय बदलना उचित नहीं है।
आयरन और एंटासिड के बीच अंतर जरूरी
आयरन सप्लीमेंट लेने वाले लोगों को एंटासिड की टाइमिंग को लेकर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। कई मामलों में दोनों के सेवन के बीच कुछ घंटों का अंतर रखने की सलाह दी जाती है, लेकिन सही अंतर संबंधित दवा और व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करता है। इसलिए किसी तय समय जैसे चार घंटे का अंतर सभी लोगों के लिए लागू मानने के बजाय डॉक्टर की सलाह का पालन करना बेहतर है।
आयरन रिच मील के साथ अंडा भी अलग रखें
अंडे में मौजूद कुछ घटक आयरन के अवशोषण को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए यदि कोई व्यक्ति आयरन की कमी पूरी करने के उद्देश्य से विशेष रूप से आयरन रिच मील ले रहा है, तो अंडे को उसी भोजन में शामिल करने के बजाय अलग मील में लेना एक विकल्प हो सकता है। हालांकि, अंडा पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थ है और इसे बिना चिकित्सकीय कारण डाइट से हटाने की जरूरत नहीं होती।
आयरन की कमी में संतुलित डाइट जरूरी
आयरन की कमी होने पर केवल कुछ खाद्य पदार्थों को हटाना ही समाधान नहीं है। डाइट में आयरन के अच्छे स्रोतों के साथ विटामिन C वाले खाद्य पदार्थ जैसे आंवला, अमरूद, नींबू और अन्य फल-सब्जियां शामिल करना आयरन के अवशोषण में मदद कर सकता है। यदि आयरन की कमी अधिक है, तो डॉक्टर की सलाह से जांच और आयरन सप्लीमेंट की आवश्यकता हो सकती है। इसलिए लंबे समय तक कमजोरी या आयरन की कमी के लक्षण रहने पर विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।
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