Israel-Gaza War: गाजा पट्टी में इजराइली सैन्य कार्रवाई एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। फिलिस्तीनी सिविल डिफेंस के अनुसार, रविवार को हुए अलग-अलग हमलों में कम से कम आठ फिलिस्तीनी नागरिकों की मौत हुई। मृतकों में एक पुरुष और एक महिला भी शामिल बताए गए हैं। इसके अलावा खान यूनिस और गाजा के पुराने शहर सहित विभिन्न इलाकों में भी कई लोगों के मारे जाने की जानकारी सामने आई है। लगातार हो रहे इन हमलों ने क्षेत्र में पहले से मौजूद मानवीय संकट को और गहरा कर दिया है।

युद्धविराम की कोशिशों के बीच बढ़ी सैन्य कार्रवाई
यह सैन्य कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब गाजा में संघर्ष विराम को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रयास जारी हैं। हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शांति प्रयासों से जुड़े एक समूह ने पिछले वर्ष हुए युद्धविराम समझौते को लागू करने के लिए 15 बिंदुओं वाला एक रोडमैप प्रस्तुत किया था। इस पहल का उद्देश्य संघर्ष को कम करना और राजनीतिक समाधान की दिशा में आगे बढ़ना बताया गया। हालांकि, जमीनी स्तर पर अभी तक इस प्रस्ताव का प्रभाव दिखाई नहीं दिया है और सैन्य गतिविधियां जारी हैं।

युद्धविराम लागू होने पर बनी असहमति
गाजा की स्थिति को लेकर हमास और इजराइल के बीच मतभेद अभी भी बरकरार हैं। हमास का कहना है कि वह अपने हथियार तभी छोड़ेगा जब इजराइल सैन्य अभियान पूरी तरह बंद करेगा और पिछले समझौते के अनुसार अपनी सेना को गाजा से वापस बुलाएगा। दूसरी ओर, इजराइल की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि जब तक हमास पूरी तरह से निरस्त्रीकरण नहीं करता, तब तक सैन्य तैनाती में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। यही असहमति युद्धविराम लागू होने में सबसे बड़ी बाधा मानी जा रही है।
इजराइल सरकार की ओर से मिश्रित संकेत
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हालिया शांति प्रस्ताव पर सार्वजनिक रूप से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी है। वहीं, देश के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्विर ने इस पहल का विरोध करते हुए कहा कि इजराइल को हमास के खिलाफ अपनी कार्रवाई जारी रखनी चाहिए। उनका मानना है कि सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सैन्य अभियान आवश्यक है। इस बयान से संकेत मिलता है कि इजराइल के भीतर भी इस मुद्दे पर अलग-अलग राजनीतिक दृष्टिकोण मौजूद हैं।
अमेरिका की भूमिका पर उठ रहे सवाल
लगातार जारी सैन्य कार्रवाई के बीच अमेरिका की भूमिका को लेकर भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि शांति प्रयासों और जमीनी घटनाओं के बीच स्पष्ट अंतर दिखाई दे रहा है। हालांकि, इस संबंध में किसी भी प्रकार के निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक तथ्यों और कूटनीतिक प्रयासों को ध्यान में रखना आवश्यक है। विभिन्न पक्षों के बयानों के कारण यह मुद्दा अंतरराष्ट्रीय राजनीति में लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है।

जेरेड कुशनर की पहल का भी हुआ उल्लेख
संयुक्त अरब अमीरात में रह रहे फतह के पूर्व वरिष्ठ नेता मोहम्मद दहलान ने दावा किया कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद और पूर्व वरिष्ठ सलाहकार जेरेड कुशनर गाजा में हिंसा रोकने के लिए इजराइल के साथ बातचीत कर रहे हैं। उनके अनुसार, वाशिंगटन और अन्य संबंधित पक्षों के बीच संवाद जारी है तथा सभी पक्ष किसी न किसी समाधान तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि इन दावों पर आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
मेडिकल वेयरहाउस भी हमले की चपेट में आया
रिपोर्टों के अनुसार, शनिवार को मध्य गाजा क्षेत्र में स्थित एक मेडिकल सप्लाई वेयरहाउस भी हमले की चपेट में आ गया। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि घटनास्थल पर लगभग 20 मीटर चौड़ा और 10 मीटर गहरा गड्ढा बन गया। इस घटना से राहत कार्यों और चिकित्सा सेवाओं पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। मानवीय सहायता संगठनों ने संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
शांति प्रयासों पर टिकी अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर
गाजा में जारी संघर्ष के बीच संयुक्त राष्ट्र सहित कई अंतरराष्ट्रीय संगठन लगातार युद्धविराम और मानवीय सहायता की अपील कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि स्थायी समाधान केवल संवाद और कूटनीतिक प्रयासों से ही संभव है। फिलहाल क्षेत्र की स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है और दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या संबंधित पक्ष युद्धविराम लागू करने और हिंसा समाप्त करने की दिशा में ठोस कदम उठा पाते हैं या नहीं।
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