PM Mementos E-Auction : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के अलग-अलग हिस्सों से मिले करीब 1,500 स्मृति-चिह्न और उपहार एक बार फिर ई-नीलामी के लिए पेश किए जा रहे हैं। इनमें भगवान राम का चांदी का स्मृति-चिह्न, सोने की परत चढ़ी राधा-कृष्ण की कलाकृति, युद्धपोत INS नीलगिरि और INS सूरत के मॉडल तथा खेलों से जुड़ी कई यादगार वस्तुएं शामिल हैं। प्रधानमंत्री को मिले इन उपहारों की आठवीं ई-नीलामी 17 सितंबर 2026 से शुरू होगी और 31 अक्टूबर तक चलेगी।
17 सितंबर को पीएम मोदी के जन्मदिन पर लाइव होगी नीलामी
केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट यानी NGMA में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में ई-नीलामी से जुड़ी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि इस बार कुल 1,498 वस्तुओं को नीलामी के लिए रखा गया है। इन वस्तुओं की ऑनलाइन नीलामी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन यानी 17 सितंबर के अवसर पर लाइव की जाएगी।
NGMA में प्रदर्शित किए जाएंगे प्रधानमंत्री को मिले उपहार
प्रधानमंत्री को भेंट किए गए स्मृति-चिह्नों और उपहारों में से कई वस्तुओं को NGMA में प्रदर्शित भी किया जाएगा। इनमें भारतीय नौसेना के स्टील्थ फ्रिगेट INS नीलगिरि और मिसाइल डिस्ट्रॉयर INS सूरत के मॉडल प्रमुख हैं। इन दोनों युद्धपोतों को पिछले साल 15 जनवरी को प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी में कमीशन किया गया था। मॉडलों पर लगे विवरण के मुताबिक, कमीशनिंग समारोह के दौरान इन्हें नौसेना प्रमुख की ओर से प्रधानमंत्री को भेंट किया गया था।
50 खास वस्तुएं भी नीलामी में होंगी शामिल
संस्कृति मंत्रालय के अनुसार इस बार ई-नीलामी के आठवें संस्करण में 50 विशेष वस्तुओं को भी शामिल किया गया है। इनमें कर्नाटक से भगवान राम का चांदी का स्मृति-चिह्न शामिल है, जिसकी बेस प्राइस 13.50 लाख रुपये रखी गई है। इसके अलावा काकतीय कला तोरणम की चांदी की प्रतिकृति की शुरुआती कीमत 9 लाख रुपये निर्धारित की गई है।
राम और राधा-कृष्ण की कलाकृतियां भी आकर्षण
विशेष वस्तुओं की सूची में ‘ट्री ऑफ लाइफ’ गोंड आर्ट पेंटिंग भी शामिल है, जिसकी बेस प्राइस 7.50 लाख रुपये है। रथ पर सवार भगवान जगन्नाथ परिवार की कलाकृति की शुरुआती कीमत 6 लाख रुपये रखी गई है। वहीं, सोने की परत चढ़ी राधा-कृष्ण की कलाकृति की बेस प्राइस 5.40 लाख रुपये तय की गई है।
नीलामी से मिलने वाली राशि नमामि गंगे को जाएगी
संस्कृति मंत्रालय के मुताबिक प्रधानमंत्री को मिले उपहारों की ई-नीलामी देश की कला, विरासत, पारंपरिक शिल्प और सांस्कृतिक विविधता को सामने लाने का माध्यम है। मंत्रालय का कहना है कि इससे जनभागीदारी को बढ़ावा देने के साथ नमामि गंगे कार्यक्रम जैसे राष्ट्रीय उद्देश्य में भी योगदान मिलता है। नीलामी में देश के विभिन्न राज्यों की कला और परंपराओं से जुड़ी वस्तुएं शामिल हैं।
सात नीलामियों से जुटाए गए 52 करोड़ रुपये
केंद्रीय संस्कृति मंत्री के अनुसार प्रधानमंत्री को मिले उपहारों की पहले सात ई-नीलामियों में 7,400 से अधिक वस्तुएं नीलाम की जा चुकी हैं। इन नीलामियों से कुल करीब 52 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। अगस्त में लोकसभा में दिए गए लिखित जवाब में शेखावत ने बताया था कि 2025 में आयोजित ई-नीलामी से सरकार को 1.89 करोड़ रुपये मिले थे, जबकि 2024 के छठे संस्करण से 2.24 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हुई थी।
कई राज्यों की कला और सांस्कृतिक विरासत दिखेगी
आठवें संस्करण में शामिल वस्तुएं भारत की अलग-अलग कलात्मक और सांस्कृतिक परंपराओं को दर्शाती हैं। मंत्रालय के अनुसार इनमें पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, असम, बिहार और ओडिशा समेत कई राज्यों से जुड़ी वस्तुएं शामिल हैं। संग्रह में आध्यात्मिक परंपराओं, पारंपरिक कारीगरी, सांस्कृतिक रीति-रिवाजों और खेल उपलब्धियों से संबंधित स्मृति-चिह्न भी शामिल किए गए हैं।
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