Israeli Hostage Hamas : हाल ही में एक वीडियो सामने आया है, जिसमें एक दुबला-पतला युवक सुरंग में मिट्टी खोद रहा है। इस युवक की पसलियाँ बाहर नज़र आ रही हैं, जो उसके भूखे और कमजोर शरीर को दर्शाती हैं। युवक के हाथ में फावड़ा है और वह लगातार मिट्टी खोद रहा है। यह वीडियो फ़िलिस्तीनी सशस्त्र संगठन हमास द्वारा जारी किया गया माना जा रहा है। वीडियो में दिख रहा युवक एक इज़राइली बंधक है, जो हमास की बंदीगृह में रखा गया है।

वीडियो में युवक की बातों ने बढ़ाई चिंता
वीडियो में युवक, जिसका नाम एविएटर डेविड बताया गया है, फावड़े से मिट्टी खोदते हुए कहता है, “मैं अपनी ही कब्र खुद खोद रहा हूँ। मैं हर दिन कमजोर होता जा रहा हूँ। शायद इस बार मुझे कब्र में जाना ही पड़ेगा।” वह अपनी बेबसी बयां करते हुए रो पड़ता है और कहता है कि वह नहीं जानता कि कब रिहा होगा या अपने परिवार के पास कब लौट पाएगा। यह मार्मिक वीडियो इज़राइल में व्यापक गुस्सा और चिंता का विषय बन गया है।

बंधकों की स्थिति को लेकर जताई चिंता
इज़राइली अधिकारियों का कहना है कि हमास इस तरह के वीडियो और तस्वीरें जारी करके मनोवैज्ञानिक युद्ध की रणनीति अपना रहा है। वे बंधकों को भूखा रखकर उनकी स्थिति को जनता के सामने प्रस्तुत कर रहे हैं ताकि इज़राइल को दबाव में लाया जा सके। फिलहाल, हमास के कब्जे में अभी भी 49 इज़राइली कैदी हैं, जिनमें डेविड भी शामिल है।
बंधकों की सुरक्षित वापसी के लिए प्रयास जारी
इज़राइली प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया कि नेतन्याहू ने डेविड के परिवार से संवाद किया है और सरकार बंधकों की सुरक्षित वापसी के लिए लगातार प्रयास कर रही है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने आश्वासन दिया है कि वे हर संभव प्रयास करेंगे ताकि बंधकों को जल्द से जल्द घर वापस लाया जा सके। इससे पहले भी हमास ने भूखे बंधकों की तस्वीरें जारी की थीं, जिससे स्थिति और नाजुक हो गई है।
हमास ने 7 अक्टूबर 2023 को किया था बड़ा हमला
संयोग से, 7 अक्टूबर 2023 को हमास ने इज़राइल पर अचानक हमला किया था, जिसमें कई इज़राइली और विदेशी नागरिक बंधक बना लिए गए थे। उस हमले के बाद से इज़राइल और हमास के बीच लगातार संघर्ष जारी है। दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है और बंधकों की हालत को लेकर वैश्विक स्तर पर चिंता व्याप्त है।हमास द्वारा जारी यह मार्मिक वीडियो इज़राइल में गहरी संवेदना और गुस्सा पैदा कर रहा है। नेतन्याहू सरकार पर बंधकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का दबाव बढ़ता जा रहा है। युद्ध की इस स्थिति में बंधकों की जल्द से जल्द सुरक्षित वापसी और युद्धविराम के लिए वैश्विक प्रयासों की आवश्यकता और बढ़ गई है।










